आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress) और शरीर में सूजन (Inflammation) एक आम समस्या बनती जा रही है। लगातार भागदौड़, अनियमित खानपान और नींद की कमी का सीधा असर हमारे हार्मोन सिस्टम पर पड़ता है। इसके चलते शरीर में कोर्टिसोल, यानी स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है, जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है। इसी कड़ी में हाल ही में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. निमरजीत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए सुबह उठते ही अपनाई जाने वाली कुछ आसान घरेलू तकनीकों के बारे में बताया। इन उपायों का मकसद शरीर में बढ़े हुए कोर्टिसोल को प्राकृतिक तरीके से कम करना है। आइए कोलकाता स्थित नारायणा अस्पताल की कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. तोर्षा चटर्जी से जानते हैं कि ये उपाय कैसे काम करते हैं और इनका शरीर पर क्या असर पड़ता है।

सुबह उठते ही करें ये काम

डॉ. निमरजीत के अनुसार, सुबह उठते ही सिर्फ दो मिनट गहरी और धीमी सांस लेना नर्वस सिस्टम को शांत करने के लिए काफी होता है। इस पर डॉ. तोर्षा चटर्जी बताती हैं कि गहरी सांस लेने से शरीर का पैरासिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है। यह सिस्टम तनाव की फाइट या फ्लाइट स्थिति के बिल्कुल उलट काम करता है। धीरे-धीरे सांस लेने से दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर सुरक्षित है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन, खासतौर पर कोर्टिसोल का स्तर कम होने लगता है। अगर इसे रोज की आदत बना लिया जाए, तो चिंता, घबराहट और मानसिक बेचैनी में काफ़ी कमी आ सकती है।

कॉफी से पहले पानी क्यों जरूरी है?

अक्सर लोग सुबह उठते ही सबसे पहले चाय या कॉफी पी लेते हैं, लेकिन डॉ. चटर्जी के मुताबिक, कॉफी एक नैचुरल डाइयूरेटिक होती है, जो पेशाब के ज़रिए शरीर से पानी बाहर निकालती है। अगर शरीर पहले से डिहाइड्रेटेड हो और उस पर कॉफी पी ली जाए, तो थकान और तनाव और बढ़ सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि कॉफी पीने से पहले और बाद में पानी जरूर पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

नींबू पानी और सेंधा नमक का फायदा

डॉ. निमरजीत सुबह गुनगुने पानी में नींबू और सेंधा नमक डालकर पीने की सलाह देती हैं। डॉ. चटर्जी बताती हैं कि नींबू में पोटैशियम और सेंधा नमक में सोडियम होता है। ये दोनों मिलकर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखते हैं। इससे शरीर बेहतर तरीके से हाइड्रेट रहता है, पाचन सुधरता है और एड्रिनल ग्लैंड को सपोर्ट मिलता है, जो सीधे तौर पर कोर्टिसोल हार्मोन से जुड़ा होता है।

नाश्ता कभी न छोड़ें

डॉ. चटर्जी के अनुसार, अगर सुबह शरीर को सही पोषण न मिले, तो ब्लड शुगर असंतुलित हो जाती है। इससे कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है और दिनभर थकान महसूस हो सकती है। एक हेल्दी नाश्ता वही होता है, जिसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर तीनों शामिल हों।

संतुलित नाश्ता क्यों है जरूरी?

डॉ. चटर्जी बताती हैं कि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर का सही संतुलन ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है। इससे इंसुलिन स्पाइक नहीं होता और शरीर में सूजन कंट्रोल में रहती है। प्रोटीन डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे फील गुड हार्मोन बनाने में मदद करता है, जिससे मूड और फोकस बेहतर रहता है। वहीं ओमेगा-3 और मोनोअनसैचुरेटेड फैट जैसे हेल्दी फैट सूजन कम करते हैं, जबकि फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को सपोर्ट करता है, जो सूजन घटाने वाले तत्व बनाते हैं। इन तीनों का सही मेल सुबह के बाद होने वाली थकान और तनाव को रोकने में मदद करता है।

EFT और हल्की एक्सरसाइज का रोल

डॉ. निमरजीत रोजाना EFT यानी इमोशनल फ्रीडम टेक्नीक अपनाने की भी सलाह देती हैं। इसमें शरीर के कुछ खास पॉइंट्स पर हल्की टैपिंग की जाती है, जिससे एंडोर्फिन रिलीज़ होते हैं और सूजन कम हो सकती है। इसके साथ ही वे बहुत ज्यादा हार्ड वर्कआउट से बचने की सलाह देती हैं। इसके बजाय योग, सोमैटिक एक्सरसाइज या हल्की स्ट्रेचिंग को प्राथमिकता देने को कहती हैं, जो शरीर और दिमाग दोनों को सुकून देती हैं।

निष्कर्ष

अगर इन छोटी-छोटी आदतों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर लिया जाए, तो तनाव, सूजन और हार्मोनल असंतुलन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय, सुबह की सही दिनचर्या अपनाकर शरीर को प्राकृतिक रूप से संतुलित और स्वस्थ रखा जा सकता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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