डायबिटीज मरीजों के लिए डाइट में फाइबर रिच हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना बेहद जरूरी है। हरी पत्तेदार सब्जियों में बात करें पालक की तो ये फाइबर से भरपूर होता है और डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान भी है। इस सब्जी को खाने से इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है और बॉडी का बीमारियों से बचाव होता है। इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद है,क्योंकि ये शरीर को अंदर से मजबूत बनाने और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मददगार हो सकते हैं।

चेन्नई के The Cleft and Craniofacial Centre और Sree Balaji Medical College and Hospital में रजिस्टर्ड डाइटिशियन Deepalakshmi के मुताबिक दिन की शुरुआत पालक से करने से बॉडी को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। इसमें मौजूद पानी और फाइबर की अधिक मात्रा शरीर को हाइड्रेट रखने, डिटॉक्स करने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करती है। एक्सपर्ट ने बताया पालक का सेवन ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में भी मददगार साबित होता है। इसमें मौजूद आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को सपोर्ट करता है और यह शरीर में ऊर्जा और सहनशक्ति भी बढ़ाता है। आइए जानते हैं कि पालक का सेवन करने से सेहत को कौन कौन से फायदे होते हैं? क्या कच्चा पालक का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है।

क्या कच्चा पालक खाना सेहत के लिए सुरक्षित है?

डाइटिशियन Deepalakshmi के मुताबिक पालक में ऑक्सैलिक एसिड (Oxalic Acid) नाम का एक यौगिक होता है। यह शरीर में कैल्शियम और दूसरे खनिजों के साथ मिलकर अघुलनशील क्रिस्टल बना सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक जब पालक को कच्चा खाया जाता है तो इसमें मौजूद ऑक्सैलिक एसिड टूटता नहीं है, जिससे शरीर में कैल्शियम, आयरन और अन्य जरूरी मिनरल्स के अवशोषण में बाधा आ सकती है। पालक को हल्का पकाकर या उबालकर खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। उन्होंने बताया कि हल्की भाप (steaming) देना या कुछ मिनट तक उबालना (blanching) सेहत के लिए उपयोगी होता है। पालक का इस तरह सेवन करने से पालक में मौजूद बैक्टीरिया दूर होते है। पालक को पकाने से ऑक्सैलिक एसिड भी काफी हद तक टूट जाता है, जिससे शरीर के लिए इसमें मौजूद पोषक तत्वों को अवशोषित करना आसान हो जाता है। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादा एसिडिटी वाले लोगों में कच्चा पालक या केल खाने से कब्ज की समस्या भी हो सकती है।

पालक का भरपूर फायदा लेने के लिए कैसे इसका सेवन करें

डायटीशियन ने बताया पालक का अत्यधिक सेवन शरीर में ऑक्सलेट की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे आयरन के अवशोषण में रुकावट आ सकती है। इसे कम करने के लिए पालक को विटामिन C से भरपूर चीजों जैसे नींबू का रस या संतरे के साथ लेना बेहतर होता है, जिससे आयरन का अवशोषण बढ़ता है। एक्सपर्ट ने बताया पालक का सेवन हफ्ते में लगभग तीन से चार बार ही करना बेहतर है। पालक के ज्यादा फायदे हासिल करने के लिए पालक का जूस बनाकर पीने के बजाए इसे ब्लेंड या हल्का उबालकर खाना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे फाइबर बरकरार रहता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करता है। एक्सपर्ट के मुताबिक पालक को खीरा या सेलरी जैसे हाइड्रेटिंग और एल्कलाइन फूड्स के साथ मिलाकर लेने से इसका पोषण मूल्य और बढ़ सकता है। साथ ही पालक को डेयरी उत्पादों के साथ लेने से बचना चाहिए, क्योंकि कैल्शियम आयरन के अवशोषण में बाधा डाल सकता है।

पालक के फायदे

चेन्नई के Sri Ramachandra Institute of Higher Education and Research में क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और लेक्चरर C V Aishwarya के अनुसार पालक में विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और ल्यूटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो स्किन को हेल्दी रखने में मददगार साबित होते हैं। पालक खाने से बाल मजबूत होते हैं और हेयर फॉल से बचाव होता है। पालक का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और बॉडी का बीमारियों से बचाव होता है। एक्सपर्ट ने बताया पालक में मौजूद नाइट्रेट्स रक्त संचार को बेहतर बनाकर दिल की सेहत को सपोर्ट करते हैं। इसमें मौजूद विटामिन K और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार साबित होते हैं।

इसमें पाए जाने वाले ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करते हैं और उम्र से जुड़ी मैक्युलर डिजनरेशन (आंख की बीमारी जिसमें रेटिना का मैक्युला नाम का भाग) धीरे-धीरे खराब होने लगता है। पालक फाइबर और पोटैशियम से भी भरपूर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करके दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करता हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि पालक को संतुलित आहार का हिस्सा बनाना चाहिए। इसे सब्जियों, फलों, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर संतुलित डाइट के साथ लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक खाली पेट पालक खाना आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है और इससे पोषक तत्वों का अवशोषण, हाइड्रेशन और पाचन बेहतर हो सकता है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित है। किसी भी नई डाइट या स्वास्थ्य संबंधी रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।