आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी डाइट और वर्कआउट पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन नींद जैसी सबसे बुनियादी जरूरत को नजरअंदाज कर देते हैं। क्या आप जानते हैं कि जब आप सो रहे होते हैं, तब आपका शरीर वास्तव में एक रिपेयर सेंटर की तरह काम कर रहा होता है? मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट Ryan Fernando ने Thi Divya Jain Podcast में कहा कि नींद केवल आराम करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदरूनी अंगों की टूट-फूट की मरम्मत करने वाली एक नेचुरल डाइट की तरह है। एक्सपर्ट के मुताबिक दिन भर में कम से कम 7 घंटों की गहरी नींद आपके मेटाबॉलिज्म, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक रिकवरी के लिए उतनी ही जरूरी है जितना कि संतुलित भोजन। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्यों एक्सपर्ट्स नींद को ‘नई डाइट’ का नाम दे रहे हैं और यह आपके शरीर के लिए कितनी जरूरी है।
न्यूट्रिशनिस्ट ने क्यों नींद को कहा नई डाइट ?
न्यूट्रिशनिस्ट Ryan Fernando ने कहा कि आज के समय में नींद ही नई डाइट बन गई है। उन्होंने सलाह दी जितनी ज्यादा नींद लेंगे, उतने ज्यादा स्टेम सेल्स बनेंगे। स्टेम सेल आपके शरीर के कॉन्ट्रैक्टर की तरह होते हैं। हमारी बॉडी में जो भी टूट-फूट होती है नींद उसे ठीक करती है। नींद ही हमारी बॉडी से टॉक्सिन्स को बाहर निकालती हैं। अगर आप सिर्फ 4 घंटे सोते हैं, तो आपको केवल 30-40 मिनट का स्लो वेव स्लीप (SWS) मिलेगा। लेकिन जो लोग 7 घंटे से ज्यादा सोते हैं, उन्हें ज्यादा कॉन्ट्रैक्टर सेल मिलते हैं। इसलिए नींद ही नई डाइट है।
नींद कैसे बेहतर डाइट है डॉक्टर से समझते हैं
पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन में सीनियर कंसल्टेंट Dr Neetu Jain (MBBS, DNB – General Medicine) के मुताबिक नींद शरीर के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन स्टेम सेल और नींद के बीच संबंध को समझने में सावधानी जरूरी है। डॉक्टर के मुताबिक पर्याप्त नींद शरीर की मरम्मत करती है, इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है और हार्मोनल को बैलेंस करने में मदद करती है। गहरी नींद के दौरान ग्रोथ हार्मोन रिलीज होता है, जो सेल्स को रिपेयर करने में मदद करता है। हालांकि एक्सपर्ट ने बताया इस बात का अभी कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है कि ज्यादा नींद लेने से सीधे-सीधे स्टेम सेल की संख्या बहुत बढ़ जाती है। यह संबंध संभव है, लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं समझना चाहिए।
7 घंटों से कम नींद कैसे सेहत पर करती है असर?
लगातार 7 घंटे से कम नींद लेने से इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है और शरीर की रिकवरी धीमी हो जाती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप हर रात 7 से 8 घंटे की नींद लें। इससे कम और इससे ज्यादा नींद आपकी सेहत को प्रभावित कर सकती है।
न्यूट्रिशनिस्ट Ryan ने बताया स्लो वेव स्लीप (SWS) क्यों है जरूरी?
पॉडकास्ट में बताया गया कि 4 घंटे की नींद में SWS सिर्फ 30–40 मिनट ही मिलता है। Ryan से सहमति जताते हुए डॉ. जैन कहती हैं स्लो वेव स्लीप नींद का सबसे रेस्टोरेटिव फेज है। इसी दौरान शरीर सबसे ज्यादा ग्रोथ हार्मोन रिलीज करता है, मसल्स की मरम्मत होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। डॉक्टर ने बताया यह फेज दिमाग के लिम्फैटिक सिस्टम से जुड़ा होता है, जो दिनभर जमा हुए टॉक्सिन्स को साफ करने में मदद करता है।
क्या 7 घंटे से ज्यादा सोना हमेशा बेहतर है?
डॉ. जैन के मुताबिक हेल्दी इंसान के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद आदर्श मानी जाती है। हालांकि 7 घंटे से ज्यादा सोने से रिकवरी बेहतर हो सकती है, लेकिन एक्सपर्ट ने बताया ऐसा कोई प्रमाण अभी मौजूद नहीं है जो ये साबित करें कि ज्यादा नींद लेने से शरीर की मरम्मत दोगुनी हो जाती है। एक्सपर्ट ने बताया जरूरत से ज्यादा सोना भी सेहत को बिगाड़ सकता है। एक्सपर्ट ने बताया नींद के घंटों से ज्यादा उसकी क्वालिटी और नियमितता पर ध्यान देना जरूरी है।
क्या नींद डाइट जितनी जरूरी है?
डॉ. जैन के अनुसार नींद, डाइट और एक्सरसाइज तीनों मिलकर हेल्थ को मजबूत करते हैं। अच्छी हेल्थ का अधार ही नींद, डाइट और एक्सरसाइज है। एक्सपर्ट के मुताबिक नींद का असर भूख, शुगर मेटाबॉलिज्म, दिल की सेहत, इम्यून सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। लगातार कम नींद लेने से मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नींद डाइट की जगह नहीं ले सकती, बल्कि उसे सपोर्ट करती है। यह कोई ट्रेंड नहीं, बल्कि लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए जरूरी स्तंभ है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी नई दिनचर्या को अपनाने से पहले अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
