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भारतीय महिलाओं में आम है Cervical Cancer लेकिन अब एक इंजेक्शन से हो सकता है खत्म, जानें कैसे

Cervical Cancer Causes, Cervical Cancer Treatment, Cervical Cancer Medicine, Cervical Cancer Injection: शोध की मुख्य लेखिका के अनुसार सभी मां-बाप को इस टीके का महत्व पता होना चाहिए, साथ ही अपनी बच्चियों को ये टीका लगवाना चाहिए

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Cervical Cancer Causes, Cervical Cancer Treatment, Cervical Cancer Medicine, Cervical Cancer Injection: साल 2018 में लैंसेट ग्लोबल हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे अधिक मौतें सर्वाइकल कैंसर के वजह से हुई। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक अन्य खबर के मुताबिक, यह कैंसर महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम तरह का कैंसर है। कैंसर की पहचान जल्दी हो जाने पर इसका इलाज संभव है। वहीं, तीसरे या चौथे स्टेज के कैंसर से लड़ना उतना आसान नहीं होता। ऐसे में ये नया शोध कई लोगों के लिए खुशी की खबर हो सकती है जिसके अनुसार सिर्फ एक इंजेक्शन से ही सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है।

HPV वैक्सीन से कम होता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा: ‘दी इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर के अनुसार, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन का एक डोज सर्वाइकल कैंसर के खतरे को एक-तिहाई तक कम कर सकता है। ये शोध ‘अमेरिकन कैंसर सोसाइटी’ के जर्नल में छपी है। इसके अनुसार, 1,33,082 लड़कियों पर इस टेस्ट को किया गया जिनकी उम्र लगभग 15 से 19 साल के बीच थी। उनमें से आधी लड़कियों को इंजेक्शन के एक, दो ओर तीन डोज दिए गए। 5 साल बाद जिन लड़कियों को इंजेक्शन नहीं दिए गए थे उनमें से 2.65 प्रतिशत युवतियां प्री-इन्वेसिव सर्वाइकल कैंसर का शिकार थी जबकि इंजेक्शन लेने वाली लड़कियों में ये आंकड़ा 1.62 प्रतिशत ही था।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण: यह कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से में ग्रीवा की कोशिकाओं में पैदा होता है। पेपीलोमा वायरस के कारण होने वाले इस कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचान लेने से समय रहते इसका इलाज संभव है। गुप्तांग से बिना किसी वजह के असामान्य रूप से ब्लड फ्लो होना सर्वाइकल कैंसर का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा, लगातार बदबू और खुजली होने पर भी डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जाती है। वहीं, शारीरिक संबंध बनाते वक्त अधिक दर्द महसूस होने पर भी सतर्क हो जाना चाहिए। सर्वाइकल कैंसर में कई महिलाओं को बार-बार पेशाब लगने की भी समस्या होती है। अत्याधिक थकान और ऊर्जा की कमी होने पर भी डॉक्टर से बात करने में हिचकिचाहट महसूस नहीं करना चाहिए।

इस तरह बरतें सावधानी: पर्सनल हाइजीन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है। सिगरेट में मौजूद निकोटीन महिलाओं के गर्भाशय के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है। इसके अलावा, बैलेंस्ड डाईट युक्त भोजन करें जिसमें सभी तरह की साग-सब्जियों के साथ मौसमी फल भी शामिल हों। हालांकि, वजन का ध्यान देना भी जरूरी है। मोटापा इस तरह की बीमारियों का घर होता है। इसके अलावा, 21 साल से अधिक उम्र की लड़कियों को हर तीन साल में एक बार पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए। एक साधारण टेस्ट है जिसमें ग्रीवा से कोशिकाओं के एक छोटे से सैम्पल को लिया जाता है|

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