Shapoor Zadran Health Update: अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान गंभीर बीमारी के चलते भारत में ICU में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टर के मुताबिक उनकी बॉडी में व्हाइट ब्लड सेल (White Blood Cells – WBC) की संख्या खतरनाक स्तर तक गिर गई है जिसे मेडिकल भाषा में Leukopenia कहा जाता है। कई न्यूज एजेंसियों में प्रकाशित खबर के मुताबिक ज़ादरान को वाइट ब्लड सेल्स की संख्या में भारी गिरावट के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। माना जा रहा है कि जरदान को ये परेशानी रीढ़ की सर्जरी से संबंधित जटिलताओं के कारण हुई थी।
gulfnews में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक जरदान का भारत में इलाज चल रहा है और उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर वाइट ब्लड सेल्स कम होना क्या परेशानी है जिससे एक ताकतवर फास्ट बॉलर बिस्तर पर जंग लड़ रहा है।
वाइट ब्लड सेल्स क्या हैं? ये काम क्या करते हैं?
व्हाइट ब्लड सेल्स (WBC) हमारे शरीर की सिक्योरिटी फोर्स की तरह काम करते हैं। ये बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक तत्वों से लड़कर हमें बीमारियों से बचाते हैं। आसान शब्दों में समझें तो ये हमारी बॉडी को संक्रमण और बीमारियों से बचाने का काम करते हैं। अक्सर हम लोग बॉडी में रेड ब्लड सेल्स कम होने की बात करते हैं लेकिन बहुत कम मामले ऐसे सामने आते हैं जिसमें व्हाइट ब्लड सेल्स कम होने के लक्षण दिखते हैं। जिस तरह रेड ब्लड सेल्स बॉडी को एनर्जी और ऑक्सीजन देते हैं उसी तरह व्हाइट ब्लड सेल्स शरीर का बीमारियों से बचाव करते हैं। इसलिए, दोनों ही सेल्स का बराबर होना जरूरी हैं।शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए RBC और WBC दोनों का संतुलन में रहना बेहद जरूरी है, एक जीवन के लिए ऊर्जा देता है, दूसरा सुरक्षा।
व्हाइट ब्लड सेल्स कम होना कौन सी बीमारी है?
WBC कम होने को Leukopenia कहा जाता है जिसका मतलब है शरीर में WBC की संख्या सामान्य से कम होना। ये कोशिकाएं हमारे शरीर की इम्यून सिस्टम का अहम हिस्सा होती हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। जब WBC बहुत कम हो जाते हैं तो शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता और छोटी सी बीमारी भी गंभीर बीमारी बन जाती है। ऐसी स्थिति में मरीज को बार-बार बुखार, कमजोरी, इंफेक्शन हो सकता है।
Leukopenia होने के लिए कौन-कौन से कारण हैं जिम्मेदार?
Journal of Clinical Medicine के अनुसार, बड़ी सर्जरी जैसे रीढ़ की सर्जरी के बाद शरीर इम्यूनो-सप्रेशन मोड में जा सकता है। भारी तनाव और दवाओं के कारण बोन मैरो जहां WBC बनते हैं, की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे ल्यूकोपेनिया का खतरा बढ़ जाता है। American Journal of Clinical Nutrition की एक रिसर्च बताती है कि अमीनो एसिड की कमी होने पर शरीर नई WBC कोशिकाएं बनाना बंद कर देता है। Leukopenia की बीमारी के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे
- वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन
- बोन मैरो की समस्या
- कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट
- ऑटोइम्यून डिजीज
- कैंसर या कीमोथेरेपी की वजह से ये परेशानी हो सकती है।
Leukopenia के बॉडी में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं?
- बार-बार बुखार आना
- थकान और कमजोरी
- बार-बार संक्रमण होना
- गले में खराश या मुंह के छाले होना
फिलहाल Shapoor Zadran की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज चल रहा है। Shapoor Zadran जैसी स्थिति में, जब शरीर में Leukopenia (WBC कम होना) हो जाते हैं, तो डाइट बेहद अहम भूमिका निभाती है। सही खानपान से इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद मिलती है।
बॉडी में व्हाइट ब्लड सेल्स बढ़ाने के लिए डाइट
- प्रोटीन डाइट पर जोर दें। डाइट में दाल, राजमा, चना, अंडे, चिकन, पनीर और दही का सेवन करें। प्रोटीन डाइट नई कोशिकाएं बनाने में मदद करती है।
- विटामिन सी से भरपूर फूड्स का सेवन करें। डाइट में संतरा, नींबू, आंवला, कीवी और अमरूद खाएं। ये फल WBC को मजबूत बनाते हैं। Nutrients Journal में प्रकाशित शोध के अनुसार, विटामिन C न केवल संक्रमण से लड़ता है, बल्कि यह Neutrophils जो WBC का एक प्रकार है, की गतिशीलता को बढ़ाता है। यह कोशिकाओं को उस जगह जल्दी पहुंचने में मदद करता है जहां संक्रमण हमला कर रहा हो।
- हरी सब्जियां का सेवन बढ़ाएं। डाइट में पालक, मेथी, ब्रोकली का सेवन करें। इनमें आयरन और फोलिक एसिड होता है जो सेहत को फायदा पहुंचाता है।
- नट्स और सीड्स खाएं। बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज जल्दी रिकवरी में मदद करेंगे। रिसर्च बताती हैं कि नट्स और बीजों में पाया जाने वाला जिंक WBC के उत्पादन के लिए ‘कैटलिस्ट’ का काम करता है। जिंक की कमी सीधे तौर पर ल्यूकोपेनिया के खतरे को बढ़ा देती है।
- साबुत अनाज का करें सेवन। अनाज में आप ओट्स, ब्राउन राइस, दलिया का सेवन करें। फाइबर रिच ये अनाज बॉडी को एनर्जी देता है और इम्यूनिटी बूस्ट करता है।
- लहसुन, अदरक, हल्दी जैसे एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड का सेवन करें।
इन बातों का रखें ध्यान
- बॉडी में वाइट ब्लड सेल्स का निर्माण करना चाहते हैं तो आप खाना हमेशा ताजा और साफ खाएं।
- पानी उबालकर या फिल्टर करके पिएं।
- फलों और सब्जियों को अच्छे से वॉश करें फिर उसका सेवन करें।
