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मेथी, अदरक और हल्दी के इस्तेमाल से दूर कर सकते हैं साइटिका का दर्द, जानें कैसे

साइटिका के दर्द के लिए एलोपैथी में कई तरह के उपचार मौजूद हैं जो दर्द से तुरंत निजात दिलाने में तो कारगर हैं लेकिन इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स बाद में नजर आते हैं।

प्रतीकात्मक चित्र

साइटिक नर्व नितंबों के नीचे से शुरू होकर पैरों के पिछले हिस्से से होते हुए एड़ियों पर खत्म होती है। इस नर्व यानी कि नाड़ी में जब सूजन या फिर दर्द होता है तो इसे ही साइटिका का दर्द कहा जाता है। यह अक्सर तेज दर्द के साथ शुरू होता है। यूं तो साइटिका के दर्द के लिए एलोपैथी में कई तरह के उपचार मौजूद हैं जो दर्द से तुरंत निजात दिलाने में तो कारगर हैं लेकिन इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स बाद में नजर आते हैं। ऐसे में इस बीमारी का प्राकृतिक उपचार ज्यादा बेहतर होता है।

सेंधा नमक – सेंधा नमक मैग्नीशियम और सल्फेट से भरपूर होता है और यह रोमछिद्रों द्वारा आसानी से अवशोषित किया जा सकता है। साइटिका के दर्द से निजात पाने के लिए गर्म पानी के एक बाथ टब में दो कप सेंधा नमक मिलाकर बैठ जाएं। तकरीबन 20 मिनट तक अपने पैर और पीठ के निचले हिस्सों को पानी में डुबोकर रखें। हफ्ते में तीन बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

अदरक – अदरक का इस्तेमाल खाने को स्वादिष्ट बनाने में किया जाता है। इसके साथ ही यह आयुर्वेदिक औषधि साइटिका के उपचार में भी बेहद कारगर है। यह पोटैशियम का भरपूर भंडार होता है और पोटाशियम की कमी की वजह से ही साइटिका का दर्द और बदतर हो जाता है। ऐसे में आप अदरक की चाय या फिर अदरक का जूस बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा अदरक के छोटे टुकड़े कर चबाने से भी साइटिका के दर्द से निजात पाया जा सकता है।

हल्दी – हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण पाया जाता है। इस वजह से यह साइटिका के उपचार की बेहतरीन औषधि है। इसके लिए आप हल्दी को दूध में मिलाकर पी सकते हैं। आप इसमें थोड़ी दालचीनी भी डाल सकते हैं। ड्रिंक में मिठास लाने के लिए एक चम्मच शहद भी डाला जा सकता है। इस ड्रिंक को दिन में दो बार लें। जो लोग डायबिटीज की दवाएं लेते हैं वे लोग इस ड्रिंक्स का सेवन न करें।

मेथी के बीज – साइटिका के दर्द से निजात दिलाने में मेथी के बीज बेहद फायदेमंद होते हैं। यह एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुणों से भरपूर होते हैं। साइटिका से निपटने के लिए मेथी के बीज का लेप बना लें। अब इसे दर्द वाली जगह पर लगाएं। इसके अलावा मेथी के बीजों को पीसकर उचित मात्रा में उबलते दूध में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे भी दर्द वाली जगह पर लगाएं और कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। बाद में पानी से धो लें। दर्द कम हो जाने तक हर रोज इस लेप को दर्द पर लगाएं।


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