क्या बॉडी बनाने और फिट रहने के लिए महंगे प्रोटीन पाउडर के डिब्बे खरीदना ही एकमात्र रास्ता है? आज के दौर में जहां सप्लीमेंट्स का बाजार अरबों का है, वहीं लिवर एक्सपर्ट डॉ. शिव कुमार सरीन ने प्रोटीन पाउडर की जगह एक ऐसी देसी चीज़ का सेवन करने का सुझाव दिया है जो आपकी रसोई में बरसों से मौजूद है। जी हां, हम बात कर रहे हैं सत्तू की जिसे गरीबों का प्रोटीन कहा जाता है। एक्सपर्ट ने बताया सत्तू एक ऐसा फायदेमंद पाउडर है जो जिम जाने वाले लिए बेस्ट ऑप्शन है। डॉक्टर सरीन ने बताया चने से बना शुद्ध देसी सत्तू मांसपेशियों को वो मजबूती दे सकता है जो शायद महंगे पाउडर भी न दे पाएं।

सत्तू एक नेचुरल और बेहतरीन प्रोटीन स्रोत है, जो शरीर को बिना किसी साइड इफेक्ट के पोषण देता है। सत्तू पूरी तरह प्राकृतिक होता है, जबकि कई प्रोटीन सप्लीमेंट्स में केमिकल्स मिल सकते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइए जानते हैं सत्तू और प्रोटीन पाउडर की इस जंग में विज्ञान किसका साथ देता है।

सत्तू के पोषक तत्व और फायदे

सत्तू एक बेहद पौष्टिक आहार है, जिसमें शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर की मरम्मत में मदद करता है। साथ ही इसमें भरपूर डायटरी फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। सत्तू में पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट होता हैं, जो शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देता हैं और लंबे समय तक बॉडी को ताकत देता है। इसमें थोड़ी मात्रा में हेल्दी फैट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर के हार्मोनल संतुलन के लिए जरूरी होते हैं।

इसके अलावा सत्तू आयरन का अच्छा स्रोत है, जो खून की कमी को दूर करने और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। इसमें कैल्शियम होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, जबकि मैग्नीशियम मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम के सही कामकाज में मदद करता है। सत्तू में पोटैशियम भी पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करता है और दिल की सेहत को दुरुस्त करता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन B कॉम्प्लेक्स भी मौजूद होते हैं, जो शरीर के ऊर्जा उत्पादन और दिमाग के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। इस तरह सत्तू एक संतुलित और प्राकृतिक सुपरफूड है जो शरीर को कई तरह से पोषण देता है।

सत्तू कैसे प्रोटीन पाउडर से बेहतर है?

डॉक्टर सरीन बताते हैं कि रोजाना प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेने से लिवर की समस्या हो सकती है,जबकि सत्तू शरीर पर कोई नकारात्मक असर नहीं डालता। सत्तू का सेवन हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी के लिए सुरक्षित और उपयोगी माना जाता है। महंगे प्रोटीन पाउडर के मुकाबले सत्तू बेहद सस्ता और हर जगह आसानी से मिलने वाला विकल्प है जो शरीर को ताकत और स्टैमिना देता है। डॉक्टर सरीन ने बताया पुराने समय में नेशनल स्पोर्ट्स कैंप में भी खिलाड़ियों को प्रोटीन की भरपाई के लिए दूध, स्प्राउट्स, काले चने दिए जाते थे, जिससे उन्हें पर्याप्त प्रोटीन मिलता था। सत्तू भी शरीर को ऊर्जा और ताकत देता है। इसका सेवन करने से पाचन दुरुस्त रहता है। सत्तू हल्का और आसानी से पचने वाला होता है, जिससे पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।

प्रोटीन पाउडर और सत्तू (Sattu) के बीच फर्क को टेबल से समझें

पहलूप्रोटीन पाउडरसत्तू
स्रोतप्रोसेस्ड (व्‍हे, सोया आदि)प्राकृतिक (भुना चना)
प्रोटीन मात्राज्यादा (20–30g प्रति सर्विंग)मध्यम (20–25g प्रति 100g)
पाचनकुछ लोगों को भारी लग सकता हैआसानी से पचने वाला
कीमतमहंगासस्ता और किफायती
एडिटिव्सफ्लेवर, शुगर, प्रिजर्वेटिव हो सकते हैंपूरी तरह नेचुरल
पोषणमुख्य रूप से प्रोटीनप्रोटीन + फाइबर + मिनरल्स
उपयोगजिम और बॉडीबिल्डिंगरोजमर्रा की डाइट
साइड इफेक्टज्यादा लेने पर किडनी/डाइजेशन पर असरज्यादा लेने पर गैस/ब्लोटिंग
उपलब्धतास्पेशल स्टोर्स/ऑनलाइनहर जगह आसानी से

प्रोटीन के लिए सप्लीमेंट लेना जरूरी है क्या?

डॉक्टर सरीन के अनुसार आम इंसान को अलग से प्रोटीन सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती। प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन आपकी सेहत पर कई तरह से साइड इफेक्ट करता है। आप प्रोटीन की कमी नेचुरल तरीके से पूरी करें। डॉक्टर सरीन ने लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन नहीं करने की सलाह दी है। सही खान-पान से ही शरीर को पूरा पोषण मिल सकता है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख सामान्य जानकारी और डॉक्टर के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। सत्तू एक प्राकृतिक आहार है, लेकिन यह हर किसी के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट का पूर्ण विकल्प नहीं हो सकता, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें विशेष मेडिकल कंडीशन या हाई-प्रोटीन डाइट की जरूरत है। किसी भी सप्लीमेंट को छोड़ने या डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित डाइटिशियन से सलाह जरूर लें। जनसत्ता किसी भी दावे की व्यावसायिक पुष्टि नहीं करता है।