सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और बदन दर्द जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। लेकिन इस मौसम में एक और समस्या कई लोगों को परेशान करती है और वह है बार-बार पेशाब आना। कुछ लोग इसे ठंड का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ के मन में यह डर बैठ जाता है कि कहीं यह डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं। सर्दियों में प्यास कम लगती है और पानी भी कम पिया जाता है, फिर भी पेशाब ज्यादा आता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि सर्दियों में बार-बार पेशाब आना कब सामान्य है और कब यह बीमारी की ओर इशारा करता है। तो आइए एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. हेताश्वी गोंदालिया से जानते हैं कि सर्दियों में बार-बार पेशाब क्यों आता है और क्या यह नॉर्मल है या किसी बीमारी का संकेत?
सर्दियों में बार-बार पेशाब क्यों आता है?
एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. हेताश्वी गोंदालिया के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर के अंदर कुछ प्राकृतिक बदलाव होते हैं। ठंड के कारण ब्लड वेसल्स (रक्त नलिकाएं) सिकुड़ जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह ज्यादा मात्रा में किडनी की ओर बढ़ जाता है। जब किडनी तक ज्यादा खून पहुंचता है, तो वह ज्यादा पेशाब बनाती है। इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में कोल्ड-इंड्यूस्ड डाययूरेसिस कहा जाता है। इसके अलावा, सर्दियों में पसीना बहुत कम आता है। गर्मियों में शरीर का काफी पानी पसीने के जरिए बाहर निकल जाता है, लेकिन ठंड में वही पानी पेशाब के रूप में बाहर निकलता है। इसी वजह से सर्दियों में पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है और बार-बार पेशाब जाने की इच्छा होती है। ज्यादातर मामलों में यह पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया होती है और इससे घबराने की जरूरत नहीं होती।
क्या यह समस्या हमेशा सामान्य होती है?
डॉ. हेताश्वी गोंदालिया के अनुसार, हर बार ऐसा नहीं होता कि सर्दियों में बार-बार पेशाब आना सिर्फ मौसम की वजह से ही हो। अगर यह समस्या केवल ठंड के दिनों में हल्के रूप में हो और मौसम बदलते ही ठीक हो जाए, तो आमतौर पर इसे नॉर्मल माना जाता है। लेकिन अगर पेशाब की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, मौसम बदलने के बाद भी कम न हो या इसके साथ अन्य लक्षण भी नजर आएं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक, कई बार यह डायबिटीज का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
डायबिटीज में बार-बार पेशाब क्यों आता है?
डायबिटीज में खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। जब ब्लड शुगर ज्यादा होती है, तो किडनी को अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में शुगर के साथ-साथ ज्यादा पानी भी शरीर से बाहर निकल जाता है, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है। डायबिटीज में यह समस्या सिर्फ सर्दियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हर मौसम में बनी रह सकती है। इसलिए अगर हर मौसम में बार-बार पेशाब आ रहा है, तो इसे सिर्फ ठंड का असर मानकर टालना खतरनाक हो सकता है।
किन लक्षणों के साथ सतर्क हो जाना चाहिए?
- बहुत ज्यादा प्यास लगना
- बिना ज्यादा मेहनत के थकान और कमजोरी
- रात में बार-बार नींद टूटना और पेशाब जाना
- वजन का अचानक कम होना
- परिवार में डायबिटीज का इतिहास होना
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
- पेशाब की समस्या कई हफ्तों तक बनी रहे
- रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़े
- ज्यादा प्यास, कमजोरी या थकान महसूस हो
- पेशाब के दौरान जलन या दर्द हो
- परिवार में डायबिटीज पहले से मौजूद हो
निष्कर्ष
सर्दियों में बार-बार पेशाब आना कई बार शरीर का एक सामान्य और प्राकृतिक रिएक्शन होता है। ठंड में पसीना कम आना और किडनी का ज्यादा सक्रिय होना इसकी मुख्य वजहें हैं। लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ प्यास, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण नजर आएं, तो यह डायबिटीज का संकेत भी हो सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
