कीटो डाइट, इंटरमिटेंट फास्टिंग, कैलोरी काउंट करना या सिर्फ उबली हुई सब्जियां खाना- आज इंटरनेट वजन घटाने के ऐसे सैकड़ों ‘शॉर्टकट’ और वायरल डाइट ट्रेंड्स से भरा पड़ा है। लेकिन क्या इन फैंसी तरीकों से वाकई वजन कम होता है या सिर्फ शरीर कमजोर होता है? देश की मशहूर सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर (Rujuta Diwekar) का मानना है कि वजन घटाने के लिए आपको भूखे रहने या अपनी पसंदीदा चीजों को छोड़ने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। करीना कपूर जैसी स्टार्स को फिट रखने वाली रुजुता ने हमेशा हमारे पारंपरिक और देसी खानपान की वकालत की है।
अगर आप तेजी से वजन घटाने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डाइट ट्रेंड्स को फॉलो कर रहे हैं, तो जरा रुक जाइए। रुजुता दिवेकर का कहना है कि वजन घटाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। एक्सपर्ट ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक पोस्ट में स्वस्थ और लंबे समय तक टिकाऊ तरीके से वजन कम करने के लिए तीन अहम नियम बताए हैं। आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि नेचुरल तरीके से वजन को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।
धीरे-धीरे वजन घटाएं, जल्दबाजी न करें
रुजुता दिवेकर के अनुसार, शरीर के कुल वजन का 5 से 10 प्रतिशत तक धीरे-धीरे कम करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है। एक्सपर्ट ने बताया कि तेजी से वजन घटाने की बजाय धीरे-धीरे कम किया गया वजन लंबे समय तक हेल्दी रहने के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। साथ ही, इस दौरान शरीर की मांसपेशियां (Muscles), इम्यूनिटी और हड्डियों की मजबूती भी बनी रहती है।
पारंपरिक और स्थानीय भोजन को अपनाएं
रुजुता का दूसरा नियम है कि आप स्थानीय (Local) और मौसमी (Seasonal) भोजन को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। एक्सपर्ट के मुताबिक पारंपरिक भारतीय भोजन न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल, सस्ता, आसानी से पचने वाला और पोषक तत्वों से भरपूर भी होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम समेत कई जरूरी पोषक तत्व नेचुरल तरीके से मौजूद होते हैं।
इंस्टाग्राम के वायरल डाइट ट्रेंड्स से रहें दूर
रुजुता दिवेकर का तीसरा और सबसे अहम नियम है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डाइट ट्रेंड्स, चमत्कारी फूड्स और क्विक फिक्स से दूरी बनाकर रखें। उनका कहना है कि आज एक ‘मैजिक इंग्रीडिएंट’ वायरल होता है और कुछ दिनों बाद उसकी जगह दूसरा ट्रेंड ले लेता है। इसलिए किसी वायरल रील या हैक के पीछे भागने की बजाय सही खानपान और नियमित दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए।
क्यों फायदेमंद है पारंपरिक डाइट?
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (साकेत) में न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स की रीजनल हेड ऋतिका समद्दार के अनुसार, फाइबर से भरपूर पारंपरिक भारतीय भोजन पेट की चर्बी कम करने में मददगार हो सकता है। एक्सपर्ट ने बताया कि ओट्स, दालें और साबुत अनाज में मौजूद घुलनशील फाइबर (Soluble Fibre) पानी के साथ मिलकर जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो शरीर से अतिरिक्त फैट और शुगर को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी (Visceral Fat) को कम करने में मदद मिल सकती है।
वजन घटाने के लिए प्रोटीन क्यों जरूरी है?
ऋतिका समद्दार के मुताबिक, डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करने से भूख कंट्रोल रहती है। प्रोटीन शरीर में घ्रेलिन (Ghrelin) नामक भूख बढ़ाने वाले हार्मोन को कम करता है और GLP-1 जैसे हार्मोन को बढ़ाने में मदद करता है, जो पेट भरे होने का एहसास दिलाते हैं। इसके अलावा, प्रोटीन को पचाने में शरीर ज्यादा कैलोरी खर्च करता है, जिसे भोजन का थर्मोजेनिक इफेक्ट (Thermogenic Effect of Food) कहा जाता है।
वजन घटाना है तो क्यों जरूरी है धैर्य?
HereNow Official की सीनियर फिटनेस एंड लाइफस्टाइल कंसल्टेंट साधना सिंह का कहना है कि बहुत कम कैलोरी वाली या एक्सट्रीम डाइट शुरुआत में तेजी से वजन कम करती हुई दिख सकती है, लेकिन इस शुरुआती वजन का बड़ा हिस्सा पानी, ग्लाइकोजन और मांसपेशियों (Muscles) का होता है, न कि शरीर की अतिरिक्त चर्बी का। एक्सपर्ट ने बताया कि लंबे समय तक अत्यधिक कैलोरी कम लेने पर शरीर इसे तनाव की स्थिति मानता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, भूख बढ़ सकती है और लंबे समय तक डाइट फॉलो करना मुश्किल हो जाता है।
साधना सिंह के अनुसार, बार-बार क्रैश डाइट करने से मांसपेशियों का नुकसान हो सकता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन, थकान और भोजन के साथ एक अनहेल्दी रिश्ता बनने का खतरा बढ़ जाता है। इससे आगे चलकर बार-बार ज्यादा खाने (Binge Eating) और दोबारा वजन बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। एक्सपर्ट के मुताबिक शरीर में वास्तविक और स्थायी बदलाव आमतौर पर तीन से छह महीने तक लगातार सही खानपान और नियमित व्यायाम करने के बाद ही दिखाई देते हैं। इसलिए रोजाना वजन मापने की मशीन को देखने के बजाय अपनी ताकत, स्टैमिना और ओवरऑल हेल्थ में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। वजन घटाने के लिए किसी भी नई डाइट, एक्सरसाइज या लाइफस्टाइल में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें।
