खराब खानपान और बिगड़ती जीवनशैली का असर अब सिर्फ वयस्कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत भी इससे प्रभावित हो रही है। कम उम्र में ही बच्चों में मोटापा, प्रीडायबिटीज और टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में फिट रहने और वजन कंट्रोल करने के लिए लोग कई तरह के शॉर्टकट अपना रहे हैं जिनमें से एक है रस्सी कूदना। इन दिनों सोशल मीडिया पर रस्सी कूदने (Rope Skipping) से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि रोजाना रस्सी कूदने से वजन कम होता है, हाइट बढ़ती है और शरीर पूरी तरह फिट रहता है। लेकिन क्या इन दावों के पीछे वैज्ञानिक आधार भी है या यह सिर्फ आधी-अधूरी जानकारी है?
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. मनदीप दहिया के अनुसार रस्सी कूदना एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है,जो केवल वजन घटाने या हाइट बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर को सक्रिय रखने वाली एक प्रभावी कार्डियो एक्सरसाइज है। नियमित रूप से रस्सी कूदने से हृदय, फेफड़े, मांसपेशियां और शरीर की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है। हालांकि, वीडियो में किए गए कुछ दावों के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। आइए जानते हैं कि रोजाना 100 बार रस्सी कूदने से शरीर पर क्या असर पड़ता है, किन फायदों के पीछे वैज्ञानिक आधार मौजूद है और किन दावों को सावधानी के साथ समझने की जरूरत है।
लिंफेटिक सिस्टम रहता है एक्टिव
रोजाना अगर आप रस्सी कूदते हैं तो लिंफेटिक सिस्टम एक्टिव रहता है। यह सिस्टम शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ, अपशिष्ट और संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं के परिवहन में भूमिका निभाता है। वैज्ञानिक रूप से यह सही है कि शारीरिक गतिविधि और मांसपेशियों की गतिविधि लिंफ के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि रस्सी कूदने से शरीर के सभी संक्रमण खत्म हो जाते हैं। Journal of Applied Physiology और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोध के अनुसार जब हम रस्सी कूदते हैं, तो शरीर में ऊपर-नीचे की गति होती है। यह मोशन लिंफेटिक वाल्व्स को तेजी से खोलने और बंद करने में मदद करता है, जिससे शरीर के टॉक्सिन और संक्रमण से लड़ने वाली WBCs (श्वेत रक्त कोशिकाएं) पूरे शरीर में तेजी से सर्कुलेट होती हैं। हालांकि,यह सभी संक्रमणों का इलाज नहीं है, बल्कि यह आपकी आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय करता है।
वजन घटाने और बॉडी को फिट रखने में मिलती है मदद
Harvard Health Publishing के डेटा के अनुसार, रस्सी कूदने को दुनिया के सबसे कुशल कैलोरी-बर्निंग वर्कआउट्स में गिना जाता है। रस्सी कूदना हाई-इंटेंसिटी कार्डियो एक्सरसाइज है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है। अगर इसे संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ किया जाए तो वजन कम करने और शरीर की फिटनेस सुधारने में मदद मिल सकती है। यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और स्टेमिना बूस्ट करने में असरदार साबित होती है।
रस्सी कूदने से बच्चों की बढ़ सकती है हाइट
रस्सी कूदने से थायरॉयड और पिट्यूटरी ग्लैंड बेहतर काम करते हैं, जिससे हाइट बढ़ सकती है। हालांकि मेडिकल साइंस के मुताबिक किसी व्यक्ति की लंबाई खासतौर पर आनुवंशिक (Genetics) और ग्रोथ प्लेट्स पर निर्भर करती है। ग्रोथ प्लेट्स बंद होने के बाद केवल रस्सी कूदने से लंबाई नहीं बढ़ती।
मेंटल हेल्थ और एनर्जी के स्तर पर पड़ता है असर
नियमित रस्सी कूदने से शरीर में एंडोर्फिन जैसे फील गुड हार्मोन निकलते हैं, जिससे तनाव कम हो सकता है और मूड बेहतर हो सकता है। यह एकाग्रता बढ़ाने, थकान कम करने और मानसिक सेहत सुधारने में मदद कर सकती है। हालांकि मेडिकल साइंस रस्सी कूदने को डिप्रेशन या दूसरी मानसिक रोगों का इलाज नहीं बताता।
हार्मोनल हेल्थ पर होता है असर
American Journal of Psychiatry और वैश्विक पीसीओएस (PCOS) गाइडलाइन के अनुसार, रस्सी कूदने जैसी हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करती है। इंसुलिन का स्तर सुधारने से PCOS, PCOD के लक्षण और हार्मोनल असंतुलन को मैनेज करने में मदद मिलती है।रस्सी कूदने से थायराइड समेत हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं ठीक हो सकती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से नियमित व्यायाम हार्मोनल हेल्थ को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है और पीसीओएस में वजन कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि रस्सी कूदना इन बीमारियों का इलाज नहीं है, इन स्थितियों में डॉक्टर की सलाह और उचित उपचार जरूरी है।
इम्यूनिटी मजबूत करने में मिलती है मदद
नियमित रूप से रस्सी कूदने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। रोज अगर आप रस्सी कूदते हैं तो रक्त संचार बढ़ता है और बॉडी एक्टिव रहती है। लेकिन यह दावा करना कि इससे कैंसर, अस्थमा या हर तरह के संक्रमण ठीक हो जाते हैं, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।
रस्सी कूदने का सही तरीका
डॉ. मनदीप के अनुसार रस्सी कूदने की शुरुआत सुबह खाली पेट या शाम को भोजन से लगभग तीन घंटे पहले की जा सकती है। शुरुआत में 10–20 जंप करें और धीरे-धीरे संख्या बढ़ाएं। एक्सरसाइज से पहले पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
यदि किसी व्यक्ति को हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, जोड़ों की गंभीर समस्या या दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम हैं तो रस्सी कूदना शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जिन लोगों को गंभीर हृदय रोग, हार्ट वाल्व की समस्या, घुटनों या टखनों में गंभीर दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस या हाल ही में सर्जरी हुई हो, उन्हें बिना चिकित्सीय सलाह के रस्सी कूदना शुरू नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही ऐसी एक्सरसाइज करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख वीडियो में दिए गए दावों और उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी बीमारी के उपचार या नई एक्सरसाइज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
