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ऑफिस में खूब चाय पीते हैं तो हो जाइए सतर्क, ‘टी-बैग्स पर होते हैं टॉयलेट सीट से ज्यादा जर्म्स’

हाल ही में हुए एक शोध में रिसर्चर्स ने बताया है कि हमारे वर्कप्लेसेज में टॉयलेट से ज्यादा जर्म्स टी-बैग्स पर होते हैं।

प्रतीकात्मक चित्र

क्या आपको भी लगता है कि आपके ऑफिस की सबसे गंदी जगह टॉयलेट है? अगर आपका जवाब हां है तो इस नए शोध के दावे के बारे में जानकर आपकी सोच बदल जाएगी। हाल ही में हुए एक शोध में रिसर्चर्स ने बताया है कि हमारे वर्कप्लेसेज में टॉयलेट से ज्यादा जर्म्स टी-बैग्स पर होते हैं। आपको यह जानकर सच में हैरानी होगी कि ऑफिस में चाय पीते वक्त आप जिस टी-बैग का इस्तेमाल कर रहे हैं उस पर टॉयलेट सीट के मुकाबले 17 गुना ज्यादा जर्म्स पाए जाते हैं। इनिशियल वाशरूम हाइजीन द्वारा कराए गए एक सर्वे में इस बात का दावा किया गया है।

शोध में टॉयलेट सीट्स पर 220 बैक्टीरियल रीडिंग के मुकाबले टी-बैग्स पर तकरीबन 3785 बैक्टीरियल रीडिंग नोट की गई जो कि तकरीबन 17 गुने का अंतर है। इंडिपेंडेंट में प्रकाशित इस रिपोर्ट में किचन के अन्य उपकरणों की भी बैक्टीरियल रीडिंग्स के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट में केतली के हैंडल्स पर तकरीबन 2483, मग के रिम पर 1746 तथा फ्रिज के दरवाजे के हैंडल पर तकरीबन 1592 बैक्टीरियल रीडिंग्स नोट की गई। शोध से जुड़े डॉ. पीटर बर्राट ने बताया कि ऑफिस को और भी ज्यादा हाइजीनिक बनाने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। अगर हम केतली, टी-बैग बॉक्स लिड आदि पर अलग-अलग लोगों के हाथों के स्पर्श के बारे में नहीं सोचेंगे तो इससे संदूषण के संक्रमण का खतरा बढ़ेगा।

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उन्होंने आगे बताया कि किचन की एंटी-बैक्टीरियल साफ-सफाई तथा किचन के विभिन्न उपकरणों मसलन- केतली, मग आदि को साफ करते रहने से काफी हद तक जर्म्स आदि समाप्त हो जाते हैं और इससे स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है। कोई भी सामान छूने के बाद बार-बार हाथ धोते रहने की आदत बनाए रखना भी आपकी सेहत के लिए सही होता है। यह आपको बीमार होने से बचाता है। इसके अलावा चीजों को साफ रखना, उन्हें धोना और फिर कपड़ों से ढंककर रखना आदि भी जर्म्स-फ्री माहौल बनाने में मदद करते हैं।

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