Physical Relationship: महिलाओं का स्वास्थ्य (Women’s Health) केवल शारीरिक बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उनके हार्मोनल, मानसिक और वैवाहिक जीवन का स्वास्थ्य भी शामिल है। अक्सर कपल्स के बीच आपसी तालमेल और फिजिकल रिलेशनशिप को लेकर कई तरह की बातें होती हैं, लेकिन कई बार कुछ महिलाएं शारीरिक संबंध बनाने से कतराने लगती हैं। लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसके पीछे कई गहरे शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं।

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना निरूला के मुताबिक महिलाओं में शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा कम होने के पीछे सिर्फ भावनात्मक कारण ही नहीं, बल्कि कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया तनाव और चिंता महिलाओं की सेक्स ड्राइव को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। जब मन लगातार तनाव में रहता है तो शरीर और मस्तिष्क दोनों ही फिजिकल रिलेशनशिप के प्रति कम रुचि दिखाते हैं।

एक्सपर्ट बताती हैं कि हार्मोनल बदलाव, नींद की कमी, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव, रिश्तों में तनाव और कई हेल्थ प्रॉब्लम भी महिलाओं की सेक्सुअल डिजायर को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में इस समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय इसके पीछे की वजह को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं उन 5 प्रमुख कारणों के बारे में, जिनकी वजह से महिलाओं की सेक्सुअल डिजायर पर असर पड़ता है और इस स्थिति से बाहर आने के डॉक्टर ने क्या बताएं हैं उपाय। 

हार्मोनल असंतुलन घटा सकता है शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा

महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन यौन इच्छा को प्रभावित करते हैं। उम्र बढ़ने, पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, स्तनपान या मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव होने पर कामेच्छा कम हो सकती है। हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से मूड, ऊर्जा और अंतरंग संबंधों में रुचि पर भी असर पड़ता है।

ओवरएक्टिव ब्लैडर बन सकता है झिझक की वजह

कुछ महिलाओं को ओवरएक्टिव ब्लैडर की समस्या होती है, जिसके कारण उन्हें बार-बार पेशाब आने का एहसास होता है। कई बार इंटरकोर्स के दौरान यूरिन लीक होने का डर भी बना रहता है। यह डर और असहजता की वजह से महिलाएं शारीरिक संबंध बनाने से बचने लगती हैं।

तनाव और मानसिक दबाव का असर

घर, ऑफिस, बच्चों की जिम्मेदारियां और रोजमर्रा की भागदौड़ महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। लगातार तनाव और चिंता में रहने पर दिमाग रिलैक्स नहीं हो पाता, जिससे फिजिकल होने की इच्छा कम हो जाती है। मानसिक शांति और खुद के लिए समय निकालना इस स्थिति में मददगार हो सकता है।

नींद की कमी डालती है सेक्स ड्राइव पर असर

पर्याप्त नींद न लेने से शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं। लगातार नींद पूरी न होने पर हार्मोनल संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिससे सेक्सुअल डिजायर में कमी आ सकती है। अच्छी नींद मूड, ऊर्जा और फिजिकल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

महिलाएं इस तरह करें अपने लाइफस्टाइल और हेल्थ में सुधार
 
नियमित योग और एक्सरसाइज पर जोर दें

एक्सपर्ट के मुताबिक महिलाएं नियमित रूप से योग, वॉक, स्ट्रेचिंग, प्राणायाम और दूसरी एक्सरसाइज करें। ये एक्टिविटी शरीर में एंडोर्फिन जैसे ‘फील गुड’ हार्मोन बढ़ाती हैं। इससे मूड बेहतर होता है, तनाव कम होता है और अंतरंग संबंधों में रुचि बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

अनुलोम-विलोम और प्राणायाम से मिलेगा दिमागी सुकून

मानसिक तनाव महिलाओं की सेक्स ड्राइव कम करने का बड़ा कारण माना जाता है। ऐसे में अनुलोम-विलोम, गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम और मेडिटेशन मन को शांत करने में मददगार हो सकता हैं। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है, नींद बेहतर होती है और डिजायर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

रसोई के मसाले भी कर सकते हैं मदद

कुछ पारंपरिक मसाले जैसे लौंग, हल्दी, केसर, मेथी और लहसुन लंबे समय से स्वास्थ्य लाभों के लिए इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन शरीर की ऊर्जा, रक्त संचार और ओवर ऑल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, जिससे सेक्सुअल डिजायर भी इंप्रूव होती है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड का करें सेवन

ओमेगा-3 फैटी एसिड दिमाग और दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि यह मूड और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। इसके लिए फैटी फिश, अलसी के बीज, अखरोट और चिया सीड्स जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

विटामिन से भरपूर डाइट है जरूरी

शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी थकान और कम ऊर्जा का कारण बन सकती है। विटामिन A, B, C और E से भरपूर फल, सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज शरीर को जरूरी पोषण देते हैं। संतुलित और पौष्टिक आहार हार्मोनल हेल्थ, ऊर्जा स्तर और समग्र वेलनेस को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

रिश्तों में संवाद बढ़ाना भी है जरूरी

एक्सपर्ट के मुताबिक केवल खानपान या व्यायाम ही नहीं, बल्कि पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करना भी जरूरी है। यदि तनाव, थकान या रिश्ते में किसी तरह की समस्या है तो उस पर चर्चा करनी चाहिए। बेहतर भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ महिलाओं की डिजायर को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। लेख में विशेषज्ञ गायनेकोलॉजिस्ट द्वारा दी गई जानकारी को किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प न माना जाए। यदि आप या आपके पार्टनर इस तरह की किसी शारीरिक या मानसिक समस्या से जूझ रहे हैं, तो बिना किसी झिझक के किसी योग्य डॉक्टर या स्त्री रोग विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूर लें।