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पांवों की सेहत के लिए ‘हानिकारक’ है बिना मोजे के जूते पहनने की आदत, जानें क्यों

आजकल ज्यादातर जूते लैदर और कृत्रिम पदार्थों के बनाए गए होते हैं जो जूतों के अंदर हवा पास नहीं होने देते।

source: You Tube

हममें से बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि हम बिना मोजे के जूते पहन लेते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो यह आदत आपके पैरों की सेहत के लिए बिल्कुल सही नहीं है। इससे आपके पैर कई तरह के फंगल इन्फेक्शन के शिकार हो सकते हैं। बिना जुराबों के जूते पहनने से पैरों की उंगलियों के बीच दाद होने की संभावना बढ़ जाती है। सामान्य लोग ही नहीं, तमाम सेलिब्रिटी बिना मोजे के जूते पहनते हैं। ऐसे में पैरों से सिर्फ बदबू ही नहीं आती बल्कि इससे पैरों से संबंधित और भी समस्याएं भी जन्म लेती हैं। ऑर्थोपेडिस्ट एमा स्टीवेंसन कहती हैं कि पैरों से जुड़ी समस्याओं से परेशान ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो गलत तरीके से जूते पहनने के आदी हैं।

एमा बताती हैं कि पैरों में पसीना बढ़ने की वजह से उसकी त्वचा में नमी काफी बढ़ जाती है जो फंगल इंफेक्शन के लिए जिम्मेदार होती है। इससे दाद, उंगलियों के बीच खुजली आदि समस्याएं होती हैं। अगर हम पैरों में मोजे पहनते हैं तो यह पसीने को सोख लेती है जिससे इंफेक्शन से बचाव होता है। फंगल इंफेक्शन में नग्न एड़ियों की भूमिका के बारे में ठीक तरह से कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि ज्यादा मात्रा में पसीने का निकलना, खराब गुणवत्ता वाले जूते और मोजों की अनुपस्थिति फंगल इंफेक्शन के लिए वातावरण तैयार करती है। इससे पांव बीमार और बदबूदार होते हैं।

डॉ. स्टीफेंसन का कहना है कि आजकल ज्यादातर जूते लैदर और कृत्रिम पदार्थों के बनाए गए होते हैं जो जूतों के अंदर हवा पास नहीं होने देते। अगर आपके जूतों से हवा पास नहीं होगी तो पसीना, बैक्टीरिया और गर्मी आपके जूतों से बाहर नहीं आ पाएंगे। ये तीनों चीजें अंदर रहकर आपके पैरों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। छोटे आकार के जूते पहनने से यह समस्या और भी ज्यादा जटिल हो जाती है। इसके अलावा छोटे जूतों में पैरों के अंगूठों के लगातार मुड़े रहने की वजह से आपके पैरों की आकृति भी प्रभावित होती है।


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