ताज़ा खबर
 

बिना डॉक्टरी सलाह के कभी मत खाएं ये 4 विटामिन सप्लीमेंट्स, ज्यादा सेवन भी हो सकता है घातक

रोजाना और ज्यादा मात्रा में विटामिन सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए घातक भी हो सकता है।

प्रतीकात्मक चित्र

विटामिन्स हमारे शरीर के विकास के लिए और उनकी ठीक तरह से फंक्शनिंग के लिए बेहद जरूरी हैं। बहुत से लोग विटामिन्स के सप्लीमेंट्स भी लेते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सप्लीमेंट्स किसी को भी तभी लेना चाहिए जब आप शरीर में उस विटामिन की पर्याप्त आपूर्ति खान-पान से कर पाने में असमर्थ हों, या फिर डॉक्टर्स ने आपको ऐसा करने के लिए कहा हो। रोजाना और ज्यादा मात्रा में विटामिन सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए घातक भी हो सकता है। आज हम आपको ऐसे ही 5 विटामिन्स के बारे में बताने वाले हैं जिनका इस्तेमाल आपको तब तक नहीं करना चाहिए जब तक आपको डॉक्टर इसे लेने के लिए न कहें।

विटामिन ए – विटामिन ए एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और यह स्वस्थ दृष्टि और तंत्रिका संबंधी फंक्शनिंग को दुरुस्त रखने में सहायक होता है। एक शोध में कहा गया है कि विटामिन ए की अधिकता की वजह से लीवर खराब होने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा स्मोकर्स अगर विटामिन ए का ज्यादा सेवन करते हैं तो उनमें लंग कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। विटामिन ए के प्राकृतिक स्रोतों के रूप में शकरकंद, गाजर आदि का सेवन किया जा सकता है।

विटामिन बी6 – विटामिन बी6 सप्लीमेंट्स शरीर में एनर्जी को मेंटेन करने तथा प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने में मददगार होते हैं, लेकिन हर दिन अगर इनका इस्तेमाल 100 मिलीग्राम से ज्यादा होता है तो यह नसों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा इससे त्वचा में दर्द, मिचली, सीने में जलन आदि समस्याएं भी जन्म लेती हैं। इसकी जगह पर विटामिन बी6 के प्राकृतिक स्रोतों मछली, आलू, एवेकैडो और पिस्ता आदि का सेवन किया जा सकता है।

विटामिन सी – विटामिन सी भी एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट्स हैं। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम करते हैं। इनका ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल किडनी में पथरी का खतर बढ़ा देता है। ऐसे में आप सप्लीमेंट्स की बजाय विटामिन सी के प्राकृतिक स्रोतों कीवी फल, स्ट्रॉबेरी, संतरे, पपीते, ब्रोकली और टमाटर आदि का सेवन कर सकते हैं।

विटामिन ई – जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के एक शोध में बताया गया है कि विटामिन ई के सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करने वाले लोगों में जान जाने का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा ऐसे लोगों में हार्ट फैल्योर और कैंसर के खतरे भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में आपको विटामिन ई के प्राकृतिक स्रोतों जैसे- बादाम, पालक और कद्दू का सेवन करना चाहिए।


Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App