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रतौंधी, बुखार और हैजा सहित इन 8 बीमारियों का रामबाण इलाज है लौंग

बहुत पुराने वक्त से ही लौंग का इस्तेमाल कई तरह के सामान्य रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। सिर्फ सामान्य बीमारियां ही नहीं बल्कि कई तरह के गंभीर रोगों के उपचार के लिए भी लौंग का इस्तेमाल कारगर है।

प्रतीकात्मक चित्र

बहुत पुराने वक्त से ही लौंग का इस्तेमाल कई तरह के सामान्य रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। सिर्फ सामान्य बीमारियां ही नहीं बल्कि कई तरह के गंभीर रोगों के उपचार के लिए भी लौंग का इस्तेमाल कारगर है। हर बीमारी के लिए लौंग के इस्तेमाल के अलग-अलग तरीके होते हैं। आज हम आपको 10 ऐसी बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं जो लौंग खाने से सही हो सकती हैं। तो चलिए जानते हैं कि वे बीमारियां कौन-कौन सी हैं।

पेट में जलन – पेट में जलन होने पर लौंग को पानी के साथ पीसकर 100 ग्राम पानी में मिला लीजिए। अब इसे छानकर मिश्री के साथ इसका सेवन कीजिए। इससे पेट में जलन की समस्या से राहत मिलती है।

बुखार में – बुखार खत्म करने के लिए लौंग और चिरायता दोनों बराबर मात्रा में मिलाकर पानी के साथ पीस लें। इस मिश्रण को पीने से बुखार में राहत मिलती है।

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रतौंधी में – लौंग को बकरी के दूध में घिसकर आंखों में काजल की तरह लगाने से रतौंधी रोग ठीक हो जाता है।

हैजे में – लौंग के तेल की एक दो बूंद बताशे पर डालकर खाने से हैजे की विकृति दूर हो जाती है।

खांसी में – खांसी के सबसे प्रभावी घरेलू उपायों में लौंग काफी लोकप्रिय है। लगातार खांसी आने पर मुंह में लौंग की एक कली दबाकर रखें। जब तक लौंग मुंह में रहता है तब तक खांसी नहीं आती।

बंद नाक – लौंग के तेल की कुछ बूंद किसी कपड़े पर टपका लें। अब इसे सूंघे। इससे जुकाम में काफी राहत मिलती है। बंदनाक खोलने के लिए भी यह एक बेहतरीन नुस्खा है।

जी मिचलाने में – जी मिचलाने पर लौंग को पानी के साथ पीसकर उसे गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं। इससे जी मिचलाना बंद हो जाता है।

सांस की बदबू में – सांस की बदबू दूर करने में भी लौंग बेहद प्रभावी है। लौंग की कली को मुंह में दबाए रखने से सांस की बदबू दूर हो जाती है।

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