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डायबिटीज रोगियों के लिए बेस्ट है मसाला चाय, शुगर लेवल रखता है कम, और भी होते हैं फायदे

चाय हमारे देश के सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में से एक है। तनाव दूर भगाने, मूड फ्रेश करने तथा थकान मिटाने के लिए हम चाय पीते हैं।

प्रतीकात्मक चित्र

चाय हमारे देश के सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में से एक है। तनाव दूर भगाने, मूड फ्रेश करने तथा थकान मिटाने के लिए हम चाय पीते हैं। इसी सामान्य चाय में अगर हम कुछ मसालों को मिला दें तो इससे चाय के फायदेमंद गुणों में वृद्धि हो जाती है। इसके लिए केवल लौंग, इलायची, अदरक, दालचीनी, तुलसी और कुछ चाय की पत्‍ती की जरूरत होती है। ये मसाले सभी भारतीय रसोईघरों में आसानी से उपलब्‍ध हो जाते हैं। आइए, जानते हैं इनकी मदद से बने चाय के क्या-क्या फायदे होते हैं।

एंटी-ऑक्सीडेंट गुण – मसाला चाय एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। उदाहरण के तौर पर, इसमें मौजूद पॉली-फिनाइल आपके स्वास्थ्य को बूस्ट करने में मदद करता है। यह फ्री-रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करती है और साथ ही कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाती है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है।

थकान से लड़ें – दिन भर की थकान के बाद गर्मा-गर्म मसाला चाय का एक प्‍याला किसी जादू से कम नहीं होता। इसमें मौजूद टैनिन नामक तत्‍व शरीर को शांत और पुनर्जीवित करने का काम करता है। इसके अलावा चाय में कैफीन एक उत्‍तेजक की तरह काम करता है। हांलाकि इसमें कॉफी की तुलना में बहुत कम मात्रा में कैफीन होता है, लेकिन वह उसी की तरह प्रभावशाली होता है। चाय में मौजूद यह मिश्रण थकान को दूर करने का सबसे अच्‍छा तरीका है।

कोलेस्ट्रॉल सुधारने में – काली चाय मजबूत एंटी ऑक्सीडेंट गुणों के लिए जानी जाती है। इसके अलावा, लौंग और इलायची जैसे मसाले भी खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में सुधार करने में मदद करते हैं। चाय में मौजूद टैनिन भी रक्त वाहिकाओं को फैलाकर कर हृदय गति और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए जाना जाता है।

डायबिटीज रोकने में – लौंग, दालचीनी और इलायची इन सभी की मौजूदगी से शरीर में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। यह ब्लड शुगर के स्तर को कम करके डायबिटीज रोकने में मदद करता है। दालचीनी तेज दिमाग पाने और अल्‍जाइमर जैसे रोगों की शुरुआत को रोकने में मददगार होती है और लौंग शरीर को शर्करा के बेहतर उपयोग में मदद करती है।

दर्द कम होता है – अदरक में इबुप्रोफेन गुण होते हैं जो कि अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही लौंग और दालचीनी में भी एंटी-इंफ्लेमेंट्री गुण होते है। दालचीनी, अदरक और लौंग से बनी यह चाय सूजन(इंफ्लेमेशन) और अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में लाभकारी होती है।

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