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यूरिक एसिड काबू करने में प्रभावी माना गया है पपीता, इस तरह सेवन करने से कम होगा गठिया का खतरा

Papaya Benefits for Health: एंजाइम पपाइन पपीते में भरपूर मात्रा में पाया जाता है, ये दर्द को कम करने में मददगार माने गए हैं

पपीता में विटामिन-सी भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है जो कि यूरिक एसिड के स्तर को काबू करता है (इमेज क्रेडिट- जनसत्ता)

Uric Acid Home Remedies: शारीरिक प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त रखने में सेल्स और टिश्यूज सहायक भूमिका निभाती हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इनका ठीक ढ़ंग से कार्य करना बेहद जरूरी है। अगर ये सही तरीके से काम नहीं करेंगे तो शरीर के प्रमुख अंग जैसे कि फेफड़े, दिल, आंखें, किडनी और दिमाग सुचारू रूप से काम नहीं कर पाते हैं।

शरीर में जब किडनी सुचारू रूप से फिल्टर करने में सक्षम नहीं रह जाती है तब यूरिक एसिड बढ़ जाता है। वहीं, प्यूरीन नाम का प्रोटीन भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। ये प्रोटीन हमारे शरीर में खुद-ब-खुद तो बनते ही हैं, साथ में प्यूरीन कुछ फूड आइटम्स में भी मौजूद होते हैं। बता दें कि शरीर में जब यूरिक एसिड अधिक मात्रा में बनने लगता है तो इससे लोग कई बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं।

गठिया भी इन्हीं बीमारियों में से एक है, जिसे अंग्रेजी में अर्थराइटिस कहते हैं। इस बीमारी के कारण लोगों के जोड़ों में असहनीय दर्द, चलने व उठने-बैठने में परेशानी हो जाती है। हालांकि, डॉकटर्स मानते हैं कि सही खानपान से इस परेशानी को कम किया जा सकता है। पपीता भी इस बीमारी को दूर करने में कारगर साबित हो सकते हैं –

दर्द दूर करने में है प्रभावी: एंजाइम पपाइन पपीते में भरपूर मात्रा में पाया जाता है, ये दर्द को कम करने में मददगार माने गए हैं। इसलिए इसे नैचुरल पेनकिलर कहा जाता है। बता दें कि ये एंजाइम शरीर में साइटोकींस नाम के प्रोटीन का उत्पादन बढ़ाता है जिससे दर्द और इंफ्लामेशन यानि कि सूजन कम होता है।

यूरिक एसिड काबू करने में मददगार: कच्चे पपीते में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लामेट्री गुण पाए जाते हैं। ये प्रॉपर्टीज यूरिक एसिड के मरीजों को जोड़ों में दर्द से राहत दिलाते हैं। इतना ही नहीं, पपीता में विटामिन-सी भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है जो कि यूरिक एसिड के स्तर को काबू करता है। पपीता में फाइबर होता है, जो वजन कम करने में सहायक है। बता दें कि मोटापा यूरिक एसिड बढ़ाने के प्रमुख कारणों में से एक है।

किस तरह करें सेवन: पपीते को कच्चा खाना सबसे अच्छा माना जाता है लेकिन आप इससे सलाद या स्मूदी भी बना सकते हैं। इसके अलावा, पपीता का जूस और काढ़ा भी फायदेमंद होता है। 2 लीटर साफ पानी को बर्तन में डालकर उबाल लें। एक मध्यम आकार के कच्चा पपीता को धोकर उसके अंदर से बीज निकाल लें। अब पपीते को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और इन्हें उबलते हुए पानी में डाल कर 5 मिनट तक उबालें। फिर इसमें 2 चम्मच ग्रीन टी मिलाकर उबालें। दिन भर में 3-4 बार इसका सेवन करें।

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