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‘हिचकी’ में टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित है रानी मुखर्जी का किरदार, जानिए क्या है इस ‘लाइलाज’ बीमारी की वजह

टॉरेट सिंड्रोम एक न्यूरोसाइकाइअट्रिक डिसऑर्डर है जिसकी शुरुआत आमतौर पर बचपन में होती है।

रानी मुखर्जी की फिल्म ‘हिचकी’ में वह एक टीचर नैना माथुर का किरदार निभा रही हैं।

रानी मुखर्जी की अपकमिंग फिल्म ‘हिचकी’ में वह एक टीचर नैना माथुर का किरदार निभा रही हैं। नैना माथुर टॉरेट सिंड्रोम नाम की बीमारी से ग्रस्त है जिस वजह से उसे बोलने में दिक्कत होती है। फिल्म में नैना माथुर के इसी बीमारी की वजह से होने वाले संघर्ष की कहानी है। फिल्म ज्यादातर मामलों में बच्चों को अपना शिकार बनाने वाली इस गंभीर बीमारी की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित कराती है। आज हम आपको इसी बीमारी के बारे में कुछ और जानकारी देने की कोशिश करेंगे।

क्या है टॉरेट सिंड्रोम – टॉरेट सिंड्रोम एक न्यूरोसाइकाइअट्रिक डिसऑर्डर है जिसकी शुरुआत आमतौर पर बचपन में होती है। इसमें इंसान के तंत्रिका तंत्र में समस्या होती है जिससे रोगी अनियंत्रित गतिविधियां करते हैं या अचानक आवाज़ें निकालते हैं। इसे टिक्स कहा जाता है। इसमें अचानक से शब्दों को दोहराना, पलकों को झपकाना, बाहों को हिलाना, गला साफ करना, बार बार सूंघना, होठों को हिलाना शामिल है। इन लक्षणों पर रोगी का कोई नियंत्रण नहीं रहता। टॉरेट सिंड्रोम से रोगी के बौद्धिक स्तर या उनके जीने की इच्छा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन इससे रोगी कई बार शर्मिंदगी और कम आत्मसम्मान महसूस करते हैं। इस वजह से उनकी सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी कम हो जाती है।

क्यों होता है टॉरेट सिंड्रोम – टॉरेट सिंड्रोम होने का कारण तो अभी पता नही लग पाया है लेकिन कुछ चिकित्सकों का मानना है कि इसके पीछे आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार होते हैं। शोधों के मुताबिक माता-पिता से यह बीमारी अगली पीढ़ी तक पहुंचती है। दिमाग के बेसल गैंग्लिया में दिक्कत होने की वजह से भी टॉरेट सिंड्रम के लक्षण दिखते हैं। बेसल गैंग्लिया दिमाग का वह हिस्सा होता है जहां से आंखों और भावनाओं की नियंत्रित किया जाता है। दिमाग में डोपामाइन, सेरोटोनिन जैसे रसायनों के असंतुलन की वजह से भी टॉरेट सिंड्रोम होने की संभावना होती है।

क्या है इलाज – टॉरेट सिंड्रोम का कोई इलाज नहीं है। उपचार की मदद से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। साइकोलॉजिकल थेरेपी और दवाओं की मदद से इसका इलाज किया जाता है।

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