सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश का पानी पीना एक पारंपरिक और लोकप्रिय घरेलू नुस्खा है, जिसे कई लोग अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं। इसे पाचन तंत्र को बेहतर रखने और कब्ज जैसी समस्या में राहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। भारतीय योग गुरु, लेखिका, शोधकर्ता और टीवी पर्सनैलिटी डॉ. हंसा योगेंद्र के अनुसार, रात भर पानी में भिगोई गई किशमिश को सुबह खाली पेट खाना और उसका पानी पीना पाचन से जुड़ी समस्याओं में मददगार हो सकता है। भिगोने से किशमिश नरम हो जाती है और पानी में कुछ घुलनशील पोषक तत्व भी आ सकते हैं। फाइबर से भरपूर किशमिश का सेवन करने से क्रोनिक कब्ज का भी इलाज होता है।
किशमिश पौष्टिक जरूर है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शुगर और कैलोरी भी काफी होती है। इसलिए बहुत ज्यादा किशमिश खाने की जरूरत नहीं है। आमतौर पर 10-15 किशमिश से शुरुआत की जा सकती है। व्यक्ति की उम्र, डाइट और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि किशमिश के पानी का सेवन हर दिन सुबह खाली पेट करने से सेहत को कौन-कौन से फायदे होते हैं।
पाचन के लिए किशमिश का पानी है वरदान
किशमिश में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है और मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है। भिगोई हुई किशमिश खाने से कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है। हालांकि, केवल किशमिश का पानी पीने के बजाय किशमिश खाना फाइबर हासिल करने का बेहतर तरीका है। Journal of Agricultural and Food Chemistry और Phytotherapy Research में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, किशमिश में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर होते हैं जो गट हेल्थ को सुधारने में मदद करते हैं। फाइबर रिच किशमिश का सेवन मल डिस्चार्ज में मदद करता है।
कब्ज में मिल सकती है राहत
किशमिश में मौजूद फाइबर और प्राकृतिक शुगर अल्कोहल सॉर्बिटोल मल को नरम करने में मदद कर सकता है। इसलिए नियमित रूप से सीमित मात्रा में किशमिश का सेवन कब्ज से परेशान लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है।
आयरन का है बेहतरीन स्रोत
किशमिश में आयरन मौजूद होता है इसका सेवन करने से बॉडी में खून की कमी की भरपाई होती है। लेकिन इसे एनीमिया का इलाज नहीं माना जा सकता। USDA National Nutrient Database के आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम किशमिश में लगभग 1.8 से 2.6 मिग्रा नॉन-हीम आयरन (Non-Heme Iron) होता है जो बॉडी में आयरन की कमी को पूरा करता है। हालांकि आयरन की कमी या हीमोग्लोबिन कम होने पर डॉक्टर की सलाह और जरूरत के अनुसार आयरन सप्लीमेंट लेना जरूरी हो सकता है। किशमिश को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
स्किन के लिए भी है जरूरी
किशमिश में पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। Food Research International और Nutrients जर्नल में छपे रिसर्च पेपर के अनुसार सूखे किशमिश में काफी मात्रा में फेनोलिक यौगिक (Phenolic Compounds) और फ्लेवोनोइड्स होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स मुक्त कणों (Free Radicals) से लड़कर कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को कम करते हैं।
लिवर के लिए भी है फायदेमंद
किशमिश के पानी को लिवर क्लीन करने या शरीर से विषैले पदार्थ निकालने वाले नेचुरल डिटॉक्स गुण होते हैं जो बॉडी में जमा टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
किशमिश का पानी कैसे तैयार करें
15–20 किशमिश को अच्छी तरह धोकर करीब आधा कप साफ पानी में रातभर भिगो दें। सुबह पानी पी सकते हैं और भीगी हुई किशमिश भी खा सकते हैं। यह तरीका फाइबर और अन्य पोषक तत्व प्राप्त करने का आसान तरीका है। आप किशमिश का सेवन उसका पानी उबालकर भी कर सकते हैं। करीब 20–30 किशमिश को पानी में कुछ मिनट उबालकर ठंडा कर लें। इसके बाद पानी छानकर पिया जा सकता है।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
किशमिश में प्राकृतिक शुगर और कैलोरी होती है, इसलिए डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा किशमिश खाने से कैलोरी और शुगर का सेवन बढ़ सकता है। किडनी की बीमारी, विशेष डाइट या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या वाले लोग नियमित रूप से बड़ी मात्रा में किशमिश लेने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें।
डिस्क्लेमर: किशमिश का पानी एक पारंपरिक घरेलू उपाय है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। इसके फायदों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डायबिटीज, पाचन संबंधी समस्या या किसी अन्य स्वास्थ्य स्थिति से पीड़ित लोग नियमित सेवन से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।
