लाल टमाटर, हरा पालक, पीली शिमला मिर्च और बैंगनी बैंगन- क्या आपने कभी सोचा है कि प्रकृति ने सब्जियों को अलग-अलग रंग क्यों दिए हैं? मेडिकल साइंस और न्यूट्रिशन रिसर्च के मुताबिक, सब्जियों का रंग सिर्फ देखने में खूबसूरत नहीं होता, बल्कि यह उनमें मौजूद विशिष्ट फाइटोकेमिकल्स (Phytochemicals) का संकेत देता है। इसी आधार पर डॉक्टर्स अब ‘रेनबो डाइट’ लेने की सलाह दे रहे हैं।सब्जियों के अलग-अलग रंग उनमें मौजूद अलग-अलग प्लांट कंपाउंड और पोषक तत्वों से जुड़े होते हैं। इसलिए प्लेट में कई रंगों की सब्जियां शामिल करना डाइट में विविधता लाने का आसान तरीका है।

कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि अलग-अलग रंग के फल-सब्जियां खाने से शरीर को इम्युनिटी (Immunity) से लेकर स्किन, आंखों और डाइजेशन तक इंप्रूव होता है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि लाल रंग दिल को कैसे सुरक्षित रखता है या बैंगनी रंग दिमाग के लिए क्यों फायदेमंद है, तो रिसर्च के आधार पर समझिए हर रंग की सब्जी में मौजूद पोषण का विज्ञान।

हरी सब्जियां

पालक और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियां कई जरूरी विटामिन, मिनरल्स और प्लांट कंपाउंड प्रदान करती हैं। इन्हें नियमित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हरी सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है जिसमें प्रमुख पोषक तत्व फोलेट, विटामिन K, ल्यूटिन और सल्फोराफेन मौजूद होता है जो हमारी सेहत के लिए बहुत उपयोगी है।  Neurology (2018) में प्रकाशित रश यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक, रोज 1 सर्विंग हरी पत्तेदार सब्जी खाने से उम्र के साथ होने वाली दिमागी कमजोरी (Cognitive Decline) की रफ्तार धीमी हो जाती है और दिमाग 11 साल तक युवा रहता है। रोजाना हरी सब्जी का सेवन आपको जल्दी बूढ़ा होने से बचाता है। पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों का नियमित सेवन शरीर को कैंसर विशेषकर आंत का कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और दिल के दौरों जैसे जानलेवा खतरों से बचाता है।

नारंगी रंग की सब्जियां

गाजर और कद्दू जैसी नारंगी सब्जियों में कैरोटेनॉयड्स पाए जाते हैं। गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में विटामिन A में बदल सकता है। नारंगी रंग की सब्जियों में मौजूद प्रमुख तत्वों की बात करें तो इसमें बीटा-कैरोटीन  जो विटामिन A का प्रीकर्सर है मौजूद होता है जो बॉडी को हेल्दी रखने में मदद करता है।  American Journal of Clinical Nutrition (2021) के अनुसार, कैरोटेनॉयड्स से भरपूर डाइट आंखों की रोशनी Macular Degeneration को सुरक्षित रखता है और शरीर की इम्यूनिटी को कई गुना मजबूत बनाता है। गाजर, कद्दू, शकरकंद और पीली, नारंगी शिमला मिर्च जैसी सब्जियों का नियमित सेवन शरीर को रतौंधी और मैकुलर डिजनरेशन (आंखों का अंधापन), कोलन और फेफड़ों के कैंसर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज (हृदय रोग) और कमजोर इम्यूनिटी के कारण होने वाले गंभीर संक्रमणों से बचाता है।

लाल रंग की सब्जियां

टमाटर और लाल मिर्च जैसी सब्जियां भी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। टमाटर में लाइकोपीन जैसे प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं। Critical Reviews in Food Science and Nutrition (2022) के मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि टमाटर में मौजूद लाइकोपीन प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को 15-20% तक कम करता है और धमनियों में थक्के जमने से रोककर दिल का दौरा पड़ने के खतरे को घटाता है। टमाटर, लाल शिमला मिर्च, चुकंदर और लाल मूली जैसी लाल सब्जियों का सेवन शरीर को प्रोस्टेट, पेट और स्तन कैंसर, हाइपरटेंशन (हाई बीपी), एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का कठोर होना) और हार्ट अटैक जैसी दिल की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।

बैंगनी रंग की सब्जियां

बैंगन और बैंगनी पत्ता गोभी जैसी सब्जियों में एंथोसाइनिन जैसे प्लांट पिगमेंट पाए जाते हैं। अलग-अलग रंगों की सब्जियों को डाइट में शामिल करने से पोषक विविधता बढ़ती है। बैंगनी सब्जियों में एंथोसायनिन (Anthocyanin) मौजूद होता है। Advances in Nutrition (2020) की रिपोर्ट दर्शाती है कि एंथोसायनिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो टाइप-2 डायबिटीज और वैस्कुलर इंफ्लेमेशन (रक्त वाहिकाओं की सूजन) को कंट्रोल रखने में मदद करता है। बैंगन, बैंगनी पत्ता गोभी, बैंगनी गाजर और बैंगनी शकरकंद जैसी सब्जियों का सेवन शरीर को अल्जाइमर (भूलने की बीमारी), टाइप-2 डायबिटीज, स्ट्रोक, लिवर की बीमारियों और कई तरह के कैंसर विशेषकर कोलन कैंसर से बचाता है। इनमें मौजूद सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट ‘एंथोसायनिन’ (Anthocyanin) मस्तिष्क की कोशिकाओं की मरम्मत करता है, धमनियों की सूजन को खत्म कर हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है और इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) को कम करके ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होता है।

सफेद रंग की सब्जियां

बात करें सफेद सब्जियों की तो इसमें फूलगोभी, प्याज, लहसुन, मूली जैसी सब्जियां शामिल है जो हमारी संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकती हैं। इसलिए सिर्फ हरी सब्जियों तक सीमित रहने के बजाय अलग-अलग रंगों की सब्जियां खाना बेहतर है। सफेद रंग की सब्जियों में एलिसिन, क्वेरसेटिन और ग्लूकोसिनोलेट्स मौजूद होता है जो बॉडी से गंदगी निकालने में मददगार साबित होता है। Journal of Nutrition (2019) की क्लिनिकल स्टडी बताती है कि सफेद रंग की क्रूसिफेरस और एलियन सब्जियों में मौजूद सल्फर कंपाउंड शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने (Detoxification) और आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। फूलगोभी, प्याज, लहसुन, मशरूम और शलजम जैसी सफेद सब्जियों का नियमित सेवन शरीर को पेट और आंतों के कैंसर, हाई कोलेस्ट्रॉल, एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में रुकावट), फैटी लिवर और बार-बार होने वाले वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है।

डिस्क्लेमर: अलग-अलग रंगों की सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व और प्लांट कंपाउंड सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इनके सेवन से किसी बीमारी, कैंसर या अन्य स्वास्थ्य समस्या से बचाव या इलाज की गारंटी नहीं होती। संतुलित आहार के साथ व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।