सर्दियों के मौसम में मूली का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर मूली न केवल पाचन क्रिया को सुचारू बनाती है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है। आयुर्वेद और डायटीशियन के मुताबिक खानपान से जुड़े कुछ नियम होते हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। मूली का सेवन गलत फूड के साथ कॉम्बिनेशन करके खाने से पेट में गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग या स्किन से जुड़ी कुछ दिक्कत हो सकती हैं।
डायरेक्टर, जीवा आयुर्वेद, आयुर्वेदिक चिकित्सक, लेखक और पब्लिक स्पीकर डॉ. प्रताप चौहान ने बताया मूली एक ऐसी सब्जी है जो सफेद और लाल दो रंगों में बाजार में दिखाई देती है। इन दोनों तरह की मूली के फायदे और गुण लगभग एक जैसे हैं। ये सब्जी सही तरीके से खाई जाए तो सेहत को फायदा पहुंचाती है। अगर इसका सेवन कुछ फूड्स के साथ किया जाए तो ये अमृत समान सब्जी जहर की तरह असर करती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि मूली का सेवन कैसे सेहत को बिगाड़ सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार मूली की तासीर कैसी होती है?
आयुर्वेद में मूली को उष्ण तासीर वाली सब्जी माना गया है। इसका स्वाद तीखा होता है और इसके गुण पाचन को बेहतर बनाने में मददगार माने जाते हैं। मूली भले ही आजकल पूरे साल मिलती है, लेकिन यह मुख्य रूप से सर्दियों में उगने वाली सब्जी है। आयुर्वेद के अनुसार इसके गर्म और तीखे गुण शरीर में जमा कफ और भारीपन को कम करने में मदद कर सकते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टि से ये गुण पाचन अग्नि को सक्रिय करने और भोजन को पचाने में मददगार माने जाते हैं। मूली सेहत के लिए उपयोगी है लेकिन कुछ फूड्स के साथ इसका सेवन करने से ये सेहत पर जहर का काम करती है।
आयुर्वेद में विरूद्ध आहार कैसे करते हैं असर?
मूली सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन मूली के साथ कुछ विरुद्ध आहार का सेवन करना सेहत पर भारी पड़ सकता है। डॉक्टर प्रताप चौहान के अनुसार, मूली के साथ कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
मूली और संतरा दोनों विरुद्ध आहार
डॉ. प्रताप चौहान ने बताया मूली एक ऐसी सब्जी है जिसके साथ संतरे का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आप मूली खा रहे हैं तो उसके साथ या उसे खाने के बाद संतरा का सेवन नहीं करें। आयुर्वेद में दोनों को एक साथ लेने को अनुकूल नहीं माना गया है। दोनों विरुद्ध आहार का सेवन पाचन को बिगाड़ सकता है और बॉडी को हेल्दी रख सकता है।
मूली और करेला भी है विरुद्ध आहार
आयुर्वेद में मूली के साथ करेला खाने से भी बचने की सलाह दी गई है। इन दोनों फूड्स को कॉम्बिनेशन करके खाएंगे तो आपको मूली के फायदे नहीं मिलेंगे साथ ही आपकी सेहत पर ये दोनों सब्जियां भारी पड़ सकता है। करेला और मूली का सेवन आपके पाचन को बिगाड़ सकता है।
मूली के साथ दूध से करें परहेज
अक्सर लोग सुबह के नाश्ते में परांठा मूली की सब्जी, सलाद के रूप में मूली और दूध का सेवन करते हैं जो आयुर्वेद में पूरी तरह गलत है। ये फूड कॉम्बिनेशन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। चरक संहिता में मूली खाने के बाद दूध लेने से बचने की बात कही गई है और इसे विरुद्ध आहार के उदाहरण में रखा गया है। आयुर्वेद में मूली को गर्म, तीक्ष्ण और कटु गुणों वाला माना गया है, जबकि दूध को शीतल और मधुर प्रकृति का माना जाता है। इन दोनों के गुणों में विरोध होने के कारण इन्हें कॉम्बिनेशन में खाने से पाचन बिगड़ सकता है।
मूली और शहद से करें परहेज
आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार मूली और शहद का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए। ये दोनों फूड विरुद्ध आहार की श्रेणी में शामिल हैं। दोनों के गुण अलग होने के कारण इस कॉम्बिनेशन को विरुद्ध आहार की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए मूली खाने के साथ शहद लेने या दोनों को मिलाकर खाने से परहेज करें।
मूली और दही कॉम्बिनेशन में नहीं खाएं
मूली के साथ दही का सेवन नहीं करने की भी सलाह दी जाती है। खासकर अगर आप खाने के साथ मूली का सलाद और दही दोनों लेते हैं, तो इस कॉम्बिनेशन से बचना बेहतर माना जाता है। आयुर्वेद में माना जाता है कि शरीर के लिए अनुकूल न होने वाले खाद्य पदार्थों का बार-बार या गलत तरीके से सेवन दोषों के असंतुलन का कारण बन सकता है और इससे कई हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रदान की गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में बदलाव से पहले प्रमाणित आयुर्वेद विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
