कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना एक ऐसी परेशानी है जो आज के युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का बढ़ना दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा देता है। खान-पान में सही बदलाव करके इस परेशानी को कंट्रोल में रखा जा सकता है। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या अनार खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है? कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, अनार में मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पुनीकलैगिन और एंथोसायनिन नसों में प्लॉक (गंदगी) जमने से रोकने और दिल की सेहत सुधारने में मदद करते हैं। लेकिन क्या इसका जूस पीना ज्यादा फायदेमंद है या पूरा फल चबाकर खाना? आइए विशेषज्ञ से समझते हैं।
Pacific One Health में प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं विशेषज्ञ इंटरनल मेडिसिन एवं कार्डियोलॉजी में प्रो. (डॉ.) मोहसिन वली ने जनसत्ता को बातचीत में बताया अनार कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रोकने के लिए केवल किसी एक फल पर निर्भर रहने के बजाय शुरुआत से ही सही खानपान और नियमित एक्सरसाइज पर ध्यान देना जरूरी है।
कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार अनार LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) का ऑक्सीकरण रोकता है। अनार नसों में वसा को जमने से बचाने में मददगार है। ये ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है। इसके नियमित सेवन से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में सुधार देखा जा सकता है। रोज एक अनार का सेवन सूजन कम करता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) की सुरक्षा करते हैं और दिल के रोगों से बचाव करते हैं।
अनार का जूस पिएं या पूरा अनार खाएं
अनार में उच्च मात्रा में पुनिकालागिन (Punicalagins), एंथोसायनिन (Anthocyanins) और एलेजिक एसिड (Ellagic Acid) जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित एक प्रसिद्ध रिसर्च के मुताबिक रोजाना अनार का सेवन करने से खून में मौजूद ‘खराब कोलेस्ट्रॉल’ (LDL) का ऑक्सीकरण रुक जाता है। जब तक LDL का ऑक्सीकरण नहीं होता, तब तक यह धमनियों (Arteries) में जम कर प्लॉक नहीं बनाता। डॉक्टर ने बताया अनार का जूस पीने के बजाय पूरा अनार चबाकर खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। उनके अनुसार अनार में फाइबर होता है, इसलिए जूस की तुलना में पूरा फल खाना बेहतर विकल्प है। डॉक्टर ने बताया जब तक मुंह में दांत है अनार को चबा-चबाकर खाएं।
रोज कितना अनार खाएं?
डॉक्टर वली के अनुसार कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोग रोज एक अनार खा सकते हैं। अनार को कोलेस्ट्रॉल की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए लेकिन ये बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकता है। रोजाना हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का पालन करने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है।
क्या अनार ट्राइग्लिसराइड्स कम करता है?
डॉक्टर वली ने बताया ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने में अधिक कार्बोहाइड्रेट और रिफाइंड खाद्य पदार्थों की भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि ट्राइग्लिसराइड्स को कंट्रोल में करने के लिए रिफाइंड आटा, मैदा और अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना कम करें। मोटापा, शराब, डायबिटीज, कुछ दवाएं और आनुवंशिक कारण भी ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अनार के सेवन से ट्राइग्लिसराइड पर स्पष्ट प्रभाव अभी साबित नहीं हुआ है। डॉक्टर वली ने बताया फलों का सेवन सीधे करने से बॉडी हेल्दी रहती है और दिल की सेहत में भी सुधार होता है।
अनार के दूसरे फायदे
डॉक्टर वली ने बताया अनार ओवर ऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद है। एक अनार पाचन और गट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि अनार में मौजूद पोषक तत्व पाचन तंत्र और गट फ्लोरा के लिए उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और सामान्य सेहत के लिए भी अनार को बेस्ट फ्रूट बताया है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से कैसे रोकें?
डॉक्टर वली ने बताया कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के बाद उसे कम करने की कोशिश करने से बेहतर है कि शुरुआत से ही इसे कंट्रोल में रखा जाए। इसके लिए नियमित एक्सरसाइज, घर का संतुलित खाना और फास्ट फूड का सीमित सेवन जरूरी है। उन्होंने युवाओं में भी समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने पर जोर दिया।
युवाओं को बताया फास्ट फूड खाने का 6/1 फॉर्मूला
डॉक्टर ने फास्ट फूड को लेकर 6/1 फॉर्मूला बताया। यानी सप्ताह के छह दिन घर का बना संतुलित खाना खाने और सप्ताह में एक दिन पसंद का फास्ट फूड सीमित मात्रा में लेने की सलाह दी। उनका कहना था कि पिज्जा या बर्गर को रोजाना के भोजन की जगह कभी-कभार के खाने के तौर पर रखना चाहिए।
पिज्जा को कैसे बनाएं हेल्दी?
डॉक्टर ने बाहर के पिज्जा की बजाय घर पर पिज्जा बनाने की सलाह दी। उन्होंने मैदा की जगह होल-व्हीट या मोटे अनाज की बेस इस्तेमाल करने और उसमें सब्जियों की मात्रा बढ़ाने की बात कही। इससे भोजन की पोषण गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। अनार या किसी अन्य खाद्य पदार्थ को कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स की दवा का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दवा में बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
