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Piles Cure: इन 10 आदतों की वजह से हो सकता है पाइल्स, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानिए पक्का इलाज

आयुर्वेद के मुताबिक piles की बीमारी के लिए आपकी आदतें भी जिम्मेदार है।

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डाइट में मूंग की दाल की खिचड़ी, दलिया सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, अलसी के बीज और त्रिफला का सेवन करें आपको पाइल्स के लक्षणों से निजात मिलेगी। photo-freepik

पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिससे पूरी दुनिया में करोड़ों लोग परेशान हैं। इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण कब्ज है। कब्ज की बीमारी से पुरी दुनियां में 15 फीसदी लोग परेशान हैं। कब्ज की वजह से ही पाइल्स, फिशर,फिस्टुला बनता है। कब्ज की वजह से बॉडी में अशुद्धियां बढ़ जाती है और पाचन बिगड़ने लगता है। कब्ज गैस और पाचन संबंधी बीमारियों की सबसे बड़ी वजह है।

बवासीर की बीमारी दो तरह की होती है एक खूनी बवासीर और दूसरी सूखी बवासीर होती है। दोनों तरह की बवासीर दर्दनाक होती है। पाइल्स मुख्य रूप से सूजी हुई रक्त वाहिकाएं हैं जिसकी वजह से एनल एरिया में दर्द और खुजली होती है। पाइल्स के मरीजों को अक्सर स्टूल पास करने में दिक्कत होती है। इस बीमारी का इलाज कराने के लिए कई बार मरीजों को सर्जरी तक करानी पड़ती है।

बवासीर की बीमारी खराब लाइफस्टाइल और खराब डाइट की वजह से होती है। कुछ आदतें हैं जो बवासीर की बीमारी को बढ़ा सकती हैं। अगर इस बीमारी का इलाज करना है तो सबसे पहले इस बीमारी के पनपने के कारणों के बारे में पता कीजिए ताकि उनमें सुधार करके इस बीमारी का इलाज किया जा सके। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर प्रताप चौहान से जानते हैं कि बवासीर को कंट्रोल करने के लिए हमारी कौन सी आदतें जिम्मेदार हैं और उसका इलाज कैसे करें।

बवासीर की बीमारी के लिए जिम्मेदार आदतें: आयुर्वेद के मुताबिक इस बीमारी के लिए आपकी आदतें भी जिम्मेदार है। खाने में गर्म मसालों का अधिक सेवन करने से, तली भुनी मसालेदार चीजों का सेवन करने से, पानी कम पीने की आदत की वजह से, ट्रेवल ज्यादा करने से, लम्बे समय तक बैठे रहने से, चाय का अधिक सेवन करने से, सूखी सब्जी और परांठा खाने से बवासीर की परेशानी हो सकती है। अगर आप पाइल्स से परेशान हैं तो अपनी खाने-पीने की आदतों में बदलाव करें।

आयुर्वेद के मुताबिक पाइल्स का इलाज कैसे करें: डाइट में फाइबर वाले फूड का सेवन करें। मूंग की दाल की खिचड़ी, दलिया सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, अलसी के बीज और त्रिफला का सेवन करें आपको पाइल्स के लक्षणों से निजात मिलेगी।

छाछ का सेवन करें: छाछ का सेवन करने से पाइल्स के मरीजों को बेहद फायदा पहुंचता है। आप छाछ में हींग, जीरा और हल्का सा नमक मिलाकर उसका सेवन करें। छाछ स्टूल को लूज करेगा और बवासीर के दर्द से निजात मिलेगी।

रात को गर्म दूध पीएं: रात को सोने से पहले गर्म दूध पीएं। दूध पीने से पेट साफ रहेगा। बवासीर के मरीज दूध का सेवन उबालकर करें।

गर्म पानी से सिकाई करें: पाइल्स की वजह से गुदा में खुजली, जलन और दर्द की शिकायत होती है। इन परेशानियों से बचने के लिए गर्म पानी की सिकाई बेहतर उपाय है। गर्म पानी में थोड़ी फिटकरी डालकर सिकाई करें। इससे गुदा क्षेत्र में जलन, सूजन और दर्द कम होगा।

कपूर का सेवन करें: बवासीर के मरीजों को गुदा में जलन, खुजली और दर्द की शिकायत होती है। कपूर का सेवन करने से जलन में ठंडक मिलती है। कपूर का पेस्ट जलन को दूर करने में बेहद असरदार होता है।

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