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बवासीर के मरीजों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, जानें पाइल्स के लक्षण व बचाव के उपाय

Piles/Hemorrhoids Symptoms Precautions: पाइल्स में एनस के अंदर-बाहर के हिस्से व रेक्टम में सूजन हो जाती है जिससे रक्त वाहिकाओं में भी स्वेलिंग होने लगती है

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Tips for Piles Patient: बवासीर यानि पाइल्स जिसे चिकित्सीय भाषा में हेमरॉयड्स भी कहते हैं, एक ऐसी बीमारी है जिसमें मल त्याग के वक्त बेहद कठिनाई व दर्द होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति में गुदा के अंदर व बाहर तथा मलाशय का निचला हिस्सा सूज जाता है। स्वेलिंग के कारण असहनीय दर्द के साथ असहजता भी बढ़ती है। कई बार लोग झिझक के मारे डॉक्टर्स से बात करने में भी कतराते हैं। इसके कारण न केवल परेशानी बल्कि संक्रमण का खतरा भी ज्यादा हो जाता है। माना जाता है कि किसी भी उम्र के लोगों को ये बीमारी अपनी चपेट में ले सकती है। आइए जानते हैं बवासीर के कारण, लक्षण व बचाव के उपाय –

क्यों हो जाती है पाइल्स की परेशानी: बवासीर होने के कई कारण सामने आते हैं जिनमें मुख्य तौर पर कब्ज़, पाचन संबंधी दिक्कतें, गैस की समस्या, स्ट्रेस और मोटापा शामिल है। इसके अलावा, काफी देर तक खड़े रहने या फिर भारी सामान ज्यादा उठाने से भी लोगों को ये परेशानी हो सकती है। ज्यादा तला-भुना खाने से या फिर रेशेदार खाद्य पदार्थों को डाइट में न शामिल करने से भी लोग पाइल्स से पीड़ित हो सकते हैं।

क्या हैं इसके लक्षण: पाइल्स में एनस के अंदर-बाहर के हिस्से व रेक्टम में सूजन हो जाती है जिससे रक्त वाहिकाओं में भी स्वेलिंग होने लगती है। इससे मलाशय के आसपास गांठ अथवा मस्सा जैसा महसूस होता है। इसमें दर्द या फिर खून आ सकता है। इसके अलावा, मल त्याग के बावजूद पेट साफ न होना, पीड़ा, खुजली व जलन होना भी बवासीर के लक्षण हैं। बार-बार शौच जाने की इच्छा अथवा शौच के वक्त म्यूकस का आना भी पाइल्स की ओर संकेत करता है।

क्या करें: पाइल्स के प्रभाव को कम करने अथवा इससे बचाव हेतु लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। वजन पर संतुलन रखें, लगातार पानी पीते रहें और डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स को अहमियत दें। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि एलोवेरा पल्प को खाने से भी पाइल्स का इलाज संभव है। आयुर्वेद के मुताबिक इससे बचने में सेब का सिरका, अंजीर, नींबू, पपीता, पका केला, जीरा और अजवाइन भी लाभकारी है।

क्या नहीं करें: बवासीर की ओर ध्यान न देने से मरीज की स्थिति बेहद पीड़ादायक हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए। जैसे कि – एक ही जगह पर ज्यादा देर तक न बैठें, भारी वस्तुओं को न उठाएं और शौचालय में अधिक समय न लगाएं। इसके अलावा, खानपान को लेकर सतर्क होना भी जरूरी है। पाइल्स के मरीजों को ज्यादा तेल-मसाला वाले भोजन से परहेज करना चाहिए। जंक फूड, तेल, घी, राजमा और मसूर की दाल को खाने से बचना चाहिए।

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