सिरदर्द या हल्का सा बुखार होते ही क्या आप भी बिना डॉक्टर से पूछे पेनकिलर या एंटीबायोटिक खा लेते हैं? अगर हां, तो संभल जाइए! बिना डॉक्टरी सलाह के बार-बार इन दवाइयों का सेवन आपके शरीर और खासकर आपकी किडनी (Kidneys) पर बहुत भारी पड़ सकता है। अत्यधिक दवाइयों का सेवन किडनी के फिल्टर सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे धीरे-धीरे खराब कर सकता है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पेनकिलर, खासकर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) और एंटीबायोटिक्स के बिना जरूरत और गलत तरीके से इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है।
सिरदर्द, शरीर में दर्द या पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए पेन किलर लेना आसान तरीका लग सकता है, लेकिन इन दवाओं का बार-बार इस्तेमाल शरीर पर ऐसा असर डाल सकता है, जिसके लक्षण शुरुआत में नजर भी नहीं आते। एशियन हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं हेड किडनी डिजीज एंड ट्रांसप्लांट मेडिसिन, डॉ. सागर गुप्ता के मुताबिक, शुरुआती चरण में किडनी को होने वाला नुकसान बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी हो सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि रोजाना पेनकिलर का सेवन कैसे किडनी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
रोजाना पेनकिलर का सेवन कैसे किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है?
डॉ. सागर गुप्ता के मुताबिक कि पेनकिलर को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि किडनी को नुकसान होने पर शुरुआत में इसके स्पष्ट संकेत नहीं मिलते। किसी चोट की तरह किडनी की समस्या में तुरंत दर्द होना जरूरी नहीं है। किडनी की कार्यक्षमता कम होने के बाद भी समस्या काफी समय तक बिना लक्षण के रह सकती है। इसी वजह से कुछ लोगों को नियमित ब्लड टेस्ट के दौरान क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ मिलता है, जबकि उन्हें खुद कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती। डॉ. गुप्ता के अनुसार, किडनी में खुद को संभालने और अपनी कार्यक्षमता को बनाए रखने की अच्छी क्षमता होती है। जब तक किडनी की समस्या के लक्षण दिखाई देते हैं या किडनी फंक्शन टेस्ट में गड़बड़ी सामने आती है, तब तक नुकसान काफी बढ़ चुका हो सकता है और कुछ मामलों में यह स्थायी भी हो सकता है।
कितनी बार पेनकिलर का सेवन खतरनाक हो सकता है?
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति की किडनी हेल्दी है तो कभी-कभार एक या दो दिन तक पेन किलर लेने से आमतौर पर ज्यादा चिंता की बात नहीं होती। लेकिन कई हफ्तों तक नियमित रूप से, खासकर सप्ताह में कई बार पेन किलर लेने पर जोखिम बढ़ने लगता है। अगर शरीर में पानी की कमी हो, उम्र ज्यादा हो, डायबिटीज हो या पहले से किडनी की कार्यक्षमता कम हो तो खतरा और बढ़ सकता है। कम पानी पीना और शराब का सेवन भी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपको बार बार पेन किलर लेने की जरूरत पड़ रही है तो आप डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही इसका सेवन करें। खुद से दवा खरीदकर खाना सेहत के लिए खतरा साबित होता है।
बिना जरूरत एंटीबायोटिक का सेवन कैसे किडनी को करता है प्रभावित?
नेफ्रोलॉजिस्ट के मुताबिक कुछ एंटीबायोटिक्स सीधे किडनी की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जबकि कुछ दवाएं किडनी में सूजन या इंफ्लेमेटरी रिएक्शन पैदा कर सकती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन किडनी के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। एंटीबायोटिक्स वायरल इंफेक्शन का इलाज नहीं करती हैं, इसके बावजूद कई लोग सामान्य वायरल रेस्पिरेटरी इंफेक्शन जैसी बीमारियों में डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं, लगातार लम्बे समय बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतना है जरूरी?
- किडनी की बीमारी या किडनी फंक्शन कम होने वाले लोगों को दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही करना चाहिए।
- बुजुर्ग लोगों को डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही दवाओं का सेवन करना चाहिए।
- डायबिटीज मरीजों को खुद से दवा नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही दवा का सेवन करना चाहिए।
- जिन लोगों को डिहाइड्रेशन रहता है उन लोगों को दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही करना चाहिए।
- हार्ट फेलियर या लिवर की बीमारी से पीड़ित लोगों को भी दवा का सेवन खुद से नहीं करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन करने से परहेज करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी दवा या रूटीन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
