अपने बच्चे को पहली बार डेंटिस्ट के पास कब ले जाएं, एक्सपर्ट्स से जानिए

Oral Health: आपको बच्चे का ओरल केयर रूटीन बनाना होगा, जो उसे आगे चलकर मुंह और दांतों की साफ-सफाई बनाए रखने में भी मदद करेगा।

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डॉक्टर सबसे पहले बच्चों के मसूड़ों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं (Photo – FreePik)

नए माता-पिता के रूप में हर कोई चाहता है कि उसके बच्चे की मुस्कान प्यारी हो। जाहिर है आप भी यही चाहती होंगी। हर बार जब बच्चा आपको देखकर मुस्कुराता है और उसके छोटे-छोटे क्यूट से दांत दिखते हैं तो आपको अपना बच्चा बहुत प्यारा लगता है। ऐसे में आप चाहती हैं कि उसके प्यारे दांतों को कोई नुकसान न पहुंचे। तो आपको बच्चे के दांतों की देखभाल के लिए उसके डेंटल हेल्थ का बहुत ध्यान रखना होगा ताकि उसकी मुस्कान ऐसे ही खूबसूरत बनी रहे और उसके मसूड़े और दांत हेल्दी बने रहें।

आपको बता दें कि बच्चे के जीवन के शुरुआती कुछ सालों के दौरान उसकी ओरल हेल्थ को लेकर ज्यादातर पैरेंट्स में मन में कोई चिंता और सवाल नहीं होते हैं, लेकिन ओरल हेल्थ एक ऐसी चीज है जिसे आपको अनदेखा नहीं करना चाहिए। आपके लिए यह जानना बेहद आवश्यक है कि आपको अपने बच्चे को पहली बार डेंटल विजिट पर कब लेकर जाना चाहिए। आइये जानते हैं बच्चों के दांतों की डॉक्टर, पेडोडोंटिस्ट डॉ. सबीहा अली से की बच्चों की फर्स्ट डेंटल विजिट कब और क्यों होनी चाहिए।

पीडियाट्रिक डेंटिस्ट डॉ. सबीहा अली ने जनसत्ता डॉट कॉम से बात करते हुए बताया कि बच्चे को पहली बार डेंटिस्ट के पास तब लेकर जाना चाहिए जब उसका दांत निकलना शुरू हो जाए, यानी 6 महीने से साल भर के अंदर बच्चे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं। बच्चे के ओरल हेल्थ के लिए जल्द से जल्द डेंटिस्ट के पास जाना चाहिए इसके लिए पूरे दांत निकलने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

क्यों जरुरी है विजिट: डॉ. सबीहा के मुताबिक डॉक्टर सबसे पहले बच्चों के मसूड़ों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। जिससे की पता लगाया जा सकते कि बच्चे के दांत ठीक प्रकार से विकसित हो रहे हैं या नहीं। इसके अलावा डेंटिस्ट पैरेंट्स की कॉउंसलिंग भी करते हैं। पहले दांत निकले के बाद उसका कैसे देखभाल करना है ताकि दांतों में कोई कीड़े न लगें, कब ब्रश कराया जा सकता है। कितनी मात्रा में टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।

क्या करते हैं डेंटिस्ट: डॉ. अली ने बताया कि डेंटिस्ट आपके बच्चे के दांतों को गिनेंगे साथ ही जांच करेंगे कि बच्चे के दांत खराब तो नहीं हो रहे हैं। बच्चा कैसे चबा रहा है यह चेक करेंगे। वह मसूड़ों, जबड़े या ओरल टिश्यू से जुड़ी कोई भी संभावित समस्या की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर वह बच्चे के दांतों को साफ कर सकते हैं। इसके अलावा वह आपक फीडिंग से जुड़ी जानकारी से दे सकते हैं, बॉटल फीडिंग से दांतों का खराब होना, मुंह की सफाई कैसे करें आदि बातें भी कर सकते हैं। वह आपको बच्चे की ओरल हाइजीन को बनाए रखने के बारे में बताएंगे और अगली बार कब आना है, यह भी बताएंगे।

कैसे रखें ख्याल: डॉक्टर सबीहा ने बताया कि अगर बच्चों को दो मिनट से ज्यादा ब्रश न करने दें, चावल के दाने के बराबर पेस्ट का इस्तेमाल करें। फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। ब्रेस्ट फीडिंग के बाद किसी कॉटन से छोटे बच्चों का दांत साफ़ करें। ताकि दांतों में प्लाक न जमा हो। बच्चों को ज्यादा बिस्किट, चॉकलेट न दें, इससे उनके दांत में दिक्क्त होती है और मसूड़ों और जबड़ों के ग्रोथ में समस्या पैदा करते हैं।

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