आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और मोटापे (Obesity) के कारण दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोग अक्सर इंटरनेट पर कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय ढूंढते रहते हैं। हाल ही में Journal of Clinical Lipidology में प्रकाशित एक नई रिसर्च ने लोगों का ध्यान खींचा है। इस शोध के अनुसार, रोजाना एक एवोकाडो का सेवन करने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम किया जा सकता है, जिससे मोटापे से जूझ रहे लोगों में दिल की बीमारी (Cardiovascular Disease) का खतरा 4% तक घट सकता है। लेकिन क्या वाकई सिर्फ एक फल खाने से दिल की बीमारियों से पूरी तरह बचा जा सकता है, या इसके लिए पूरा लाइफस्टाइल बदलना जरूरी है?
क्या कहती है स्टडी?
यह अध्ययन 786 ऐसे वयस्कों पर किया गया, जिनकी उम्र 25 साल या उससे अधिक थी और जिन्हें पेट के आसपास मोटापे की समस्या थी। रिसर्च में शामिल पुरुषों की कमर 40 इंच और महिलाओं की 35 इंच से अधिक थी। प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह ने अपनी सामान्य डाइट जारी रखी, जबकि दूसरे समूह ने बिना किसी खास बदलाव के 6 महीने तक रोज एक एवोकाडो खाया। अध्ययन के अंत में पाया गया कि एवोकाडो खाने वाले लोगों के रक्त में LDL आर्टिकल औसत 49 नैनो मोल प्रति लीटर कम हो गए। हालांकि, उनके वजन और कमर की चौड़ाई में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया।
एवोकाडो कैसे दिल के रोगों का खतरा करता है कम?
रिसर्च के मुताबिक शोधकर्ताओं ने पाया एवोकाडो का सेवन दिल के रोगों का खतरा कम कर सकता है। LDL के छोटे और घने कण धमनियों की दीवारों में आसानी से जमा हो जाते हैं। इससे प्लाक बनने लगता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। एवोकाडो इन हानिकारक कणों को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे हृदय रोग का जोखिम घट सकता है।
एवोकाडो क्यों है फायदेमंद?
पेन स्टेट यूनिवर्सिटी की पोस्टडॉक्टोरल रिसर्चर डॉ. जान्हवी दमानी के अनुसार एवोकाडो में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो दिल और मेटाबॉलिक हेल्थ सुधारने में मददगार साबित होते हैं। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड हेल्दी फैट, लगभग 9 ग्राम फाइबर, फाइटोस्टेरॉल्स, विटामिन E और पॉलीफेनॉल्स मौजूद होता है। ये सभी तत्व कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने, सूजन घटाने और LDL को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
एवोकाडो का इस्तेमाल कैसे करें
एक्सपर्ट के मुताबिक एवोकाडो का सेवन कम हेल्दी चीजों की जगह करना ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। उदाहरण के लिए आप मक्खन या क्रीम चीज़ की जगह होल ग्रेन टोस्ट पर मैश किया हुआ एवोकाडो लगाएं। सैंडविच में मेयोनीज की जगह एवोकाडो डालें। सलाद, ग्रेन बाउल, टैको और सूप में चीज या क्रीमी ड्रेसिंग की जगह एवोकाडो मिलाएं।
क्या सिर्फ एवोकाडो खाने से दिल की बीमारी नहीं होगी?
medicalnewstoday के मुताबिक शोधकर्ताओं ने साफ किया है कि सिर्फ एवोकाडो खाना दिल की बीमारी से बचाव का पूरा समाधान नहीं है। एवोकाडो सिर्फ हेल्दी डाइट का हिस्सा होना चाहिए। हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ हेल्दी डाइट का सेवन दिल के रोगों का खतरा कम करता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी, हेल्दी वेट और ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखना भी उतना ही जरूरी है।
शोधकर्ताओं ने यह भी माना कि यह अध्ययन केवल पेट के आसपास मोटापे वाले लोगों पर किया गया था। इसलिए इसके नतीजे हर व्यक्ति पर लागू नहीं किए जा सकते। इसके अलावा, स्टडी में यह नहीं देखा गया कि एवोकाडो खाने से वास्तव में हार्ट अटैक या स्ट्रोक के मामलों में कमी आई या नहीं। 4% जोखिम में कमी का अनुमान LDL पार्टिकल्स में आए बदलाव के आधार पर लगाया गया है। अगर आपकी कमर के आसपास चर्बी जमा हो रही है और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो रोजाना एक एवोकाडो को संतुलित आहार का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, यह कोई जादुई इलाज नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह खबर एक वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित है। एवोकाडो को किसी दवा का विकल्प न मानें। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है या आपको हृदय रोग है, तो डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से सलाह जरूर लें।
