इस बारे में जब स्त्री रोग विशेषज्ञ से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि 24 साल की उम्र तक पीरियड्स का बिल्कुल भी न आना सामान्य नहीं माना जाता। यह एक गंभीर संकेत हो सकता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शारदा केयर–हेल्थसिटी में डायरेक्टर ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में डॉ. रुचि श्रीवास्तव ने बताया 24 साल तक पीरियड नहीं आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘प्राइमरी अमेनोरिया’ कहा जाता है। इस उम्र तक पहुंचने के बाद पीरियड न आना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर में कोई हार्मोनल या संरचनात्मक समस्या है, जिसकी जांच जरूरी है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि प्राइमरी एमेनोरिया क्या है और इसके लक्षण और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है।
प्राइमरी एमेनोरिया क्या है?
प्राइमरी एमेनोरिया (Primary Amenorrhea) एक मेडिकल कंडीशन है जिसमें किसी लड़की को एक निश्चित उम्र तक पहली बार पीरियड शुरू ही नहीं होता। 15–16 साल की उम्र तक पीरियड शुरू नहीं होते या 13 साल की उम्र तक सेकेंडरी सेक्सुअल डेवलपमेंट जैसे ब्रेस्ट डेवलपमेंट भी नहीं होता तो इसे प्राइमरी एमेनोरिया कहा जाता है।
प्राइमरी एमेनोरिया के कौन-कौन से कारण हो सकते हैं?
- प्राइमरी एमेनोरिया के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे
- हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance)
- थायराइड की समस्या
- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)
- प्रजनन अंगों का सही तरीके से विकसित नहीं होना
- जेनेटिक कारण
- तनाव और कुपोषण जैसे कारणों की वजह से कुछ लड़कियों में देरी से प्यूबर्टी शुरु होती है।
एक्सपर्ट के मुताबिक Primary Amenorrhea उस स्थिति को कहा जाता है जब 16–17 साल की उम्र तक भी पीरियड शुरू नहीं होते। लेकिन अगर 24 साल की उम्र तक भी पूरी तरह से पीरियड्स नहीं आए हैं, तो यह सामान्य नहीं माना जाता और आमतौर पर किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है। ऐसे में समय रहते जांच कराना बेहद जरूरी है वरना बॉडी में कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
कब करें डॉक्टर से संपर्क
- अगर पीरियड्स नहीं आ रहे हैं और साथ में ये लक्षण भी दिख रहे है जैसे
- ब्रेस्ट डेवलपमेंट में कमी
- चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल
- अचानक वजन बढ़ना या घटना
- थकान और कमजोरी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
क्यों जरूरी है समय पर इलाज?
एक्सपर्ट ने बताया अगर समय पर इलाज नहीं किया जाए तो आगे चलकर महिला को प्रेग्नेंट होने में दिक्कत हो सकती है, महिला इनफर्टिलिटी का शिकार हो सकती है। इसके अलावा, हार्मोनल असंतुलन से हड्डियों की कमजोरी और दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है। डॉक्टर ने बताया अगर किसी महिला को 18 साल तक या फिर 24 साल तक पीरियड नहीं आता तो उसे गायनेकोलॉजिस्ट को तुरंत दिखाना चाहिए। डॉक्टर ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और दूसरी जांच के जरिए सही कारण पता लगाकर इलाज शुरू कर सकते हैं।
निष्कर्ष
पीरियड्स का समय पर आना महिलाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेत है। 24 साल की उम्र तक पीरियड न आना सामान्य नहीं है और इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
डिस्क्लेमर:
इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी जीवनशैली, डाइट या उपचार में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या किसी प्रमाणित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
