ताज़ा खबर
 

नई दवा, जो बचाएगी अल्जाइमर से

अल्जाइमर को बुढ़ापे का रोग माना जाता है। दुनिया भर में लाखों लोग हर साल इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। हाल ही में शोधकर्ताओं ने एक ऐसी दवा को बनाने का दावा किया है जो भूलने की बीमारी और तंत्रिका की क्षति से बचा सकती है।

Author Published on: October 8, 2019 6:04 AM
अब तक अल्जाइमर की कोई ऐसी दवा नहीं थी जो मरीज को पूरी तरह ठीक कर दे।

अल्जाइमर यानी भूलने की बीमारी। एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज की याददाश्त और सोचने-बूझने की क्षमता कम होती चली जाती है और मरीज धीरे-धीरे सबकुछ भूल जाता है। इतना ही नहीं अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति को दिनचर्या से जुड़े काम को भी करने में परेशानी आती है। अब तक अल्जाइमर की कोई ऐसी दवा नहीं थी जो मरीज को पूरी तरह ठीक कर दे। पर अब शोधकर्ताओं ने इसके इलाज का दावा किया है। शोधकर्ताओं का दावा है कि नई दवा भूलने की बीमारी और तंत्रिका की क्षति से बचा सकती है।

बफैलो और टेट्रा थेरेप्यूटिक्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक नई दवा को खोज निकाला है जिससे भूलने की बीमारी से छुटकारा मिलेगा। इस दवा का नाम बीपीएन 14770 है और यह एमेलायड बीटा नाम के प्रोटीन के दुष्प्रभाव को कम करती है, जो दिमाग की नसों और उतकों को नुकसान पहुंचाकर अल्जाइमर को बढ़ावा देती है। शोधकर्ताओं ने दावा किया है यह दवा याददाश्त जाने, तंत्रिका क्षति और अल्जाइमर रोग के अन्य लक्षणों से बचा सकती है।

इस प्री-क्लीनिकल शोध में पाया गया कि दवा – बीपीएन 14770 अमलॉइड बीटा के प्रभावों को रोकती है। अमलॉइड बीटा, अल्जाइमर प्रोटीन का हॉलमार्क है, जो तंत्रिका कोशिकाओं के लिए विषाक्त होता है। टेट्रा थेरेप्यूटिक्स के विकास के तहत बीपीएन14770 उन प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में मदद कर सकती है जो तंत्रिका के स्वास्थ्य में सहयोग करती हैं और डिमेंशिया को रोकती है। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि लगभग 25 फीसद 80 साल से अधिक उम्र वाले रोगियों में अल्जाइमर बिना डिमेंशिया के विकसित हो सकता है। बीपीएन14770, अल्जाइमर की प्रगति के साथ, तंत्रिका स्वास्थ्य का समर्थन करने वाले और मनोभ्रंश को रोकने के लिए इन तंत्रों को सक्रिय करने में मदद कर सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसके लाभ फ्रैगाइल एक्स सिंड्रोम, विकासात्मक विकलांगता और सिजोफ्रेनिया में बदल सकते हैं।

बफैलो विश्वविद्यालय के स्कूल आॅफ फामेर्सी और फार्मास्युटिकल साइंसेज में सह-प्रमुख अन्वेषक और अनुसंधान सहयोगी प्रोफेसर यिंग जू ने कहा कि ‘इस तरह के अवलोकन का मतलब है कि अल्जाइमर पैथोलॉजी को कुछ हद तक मस्तिष्क द्वारा बर्दाश्त किया जा सकता है, ऐसा प्रतिपूरक प्रक्रिया के कोशिकीय और सिनेप्टिक स्तर पर चलने के कारण है।’ यिंग जू ने कहा कि ‘हमारा नया शोध यह बताता है कि बीपीएन14770 कई जैविक तंत्रों को सक्रिय करने में सक्षम हो सकता है, जो मस्तिष्क को याददाश्त की कमी, तंत्रिका संबंधी क्षति और जैव रासायनिक हानि से बचाते हैं।’

यह शोध चूहों पर किया गया। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि बीपीएन जिससे पता चला कि बीपीएन 14770 फॉस्फोडाइस्टरेज ए 4 डी (पीडीई 4 डी) की गतिविधि को रोकता है। यह एक एंजाइम है जो स्मृति निर्माण, गठन, सीखने, न्यूरोइन्फ्लेमेशन और मस्तिष्क की चोट से उबरने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पीडीई4डी चक्रीय एडेनोसिन मोनोफॉस्फेट (सीएमपी) एक संदेशवाहक अणु जो शरीर में कोशिका विभाजन, परिवर्तन, प्रवास और मृत्यु जैसे शारीरिक परिवर्तनों को इंगित करता है। यह मस्तिष्क में शारीरिक परिवर्तन के लिए अग्रणी होता है। याददाश्त बढ़ाने में सीएमपी का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। बीपीएन14770 पीडीई4डी को बाधित करके मस्तिष्क में सीएमपी सिग्नलिंग बढ़ाता है, जो अंतत: एमिलॉइड बीटा के विषाक्त प्रभावों से बचाता है। शोधकर्ता मार्क ई गुरने ने कहा कि ‘स्मृति निर्माण और अनुभूति में शामिल मस्तिष्क मार्गों को संशोधित करने में पीडीई4डी की भूमिका और इस प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए उसकी अवरोधक क्षमता का अच्छी तरह से अध्ययन किया गया है। हम अपने सहयोगियों के निष्कर्षों से बहुत उत्साहित हैं, जो अब अल्जाइमर रोग से जुड़े प्रगतिशील न्यूरोलॉजिकल क्षति के खिलाफ बीपीएन14770 के लिए कार्रवाई का एक दूसरा सुरक्षात्मक तंत्र सुझाते हैं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 रकुल प्रीत जैसी फिट दिखना चाहती हैं तो फॉलो करें उनके फिटनेस और डाइट टिप्स
2 Diabetes risk: प्राकृतिक तौर पर मीठे ड्रिंकस भी बढ़ा सकते हैं शुगर, रिसर्च में हुआ खुलासा
3 Arthritis patients: डाइट को बेहतर करने के अलावा अर्थराइटिस के मरीज इन बदलावों को अपनाएं