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तो इसलिए नाश्ते में जरूर लेना चाहिए कुछ मीठा

खाना खाने के बाद मीठा खाने की पुरानी परंपरा है। हम अक्सर खाना खत्म करने के बाद कुछ न कुछ मीठा फूड खाते हैं। रेस्टोरेंट के मेन्यू में भी खाने के अंत में मीठा होता है। स्वीट या डेजर्ट या मीठा हमारे शरीर को एनर्जेटिक बनाने में काफी मददगार होता है।

प्रतीकात्मक चित्र (Freepik.com)

खाना खाने के बाद मीठा खाने की पुरानी परंपरा है। हम अक्सर खाना खत्म करने के बाद कुछ न कुछ मीठा फूड खाते हैं। रेस्टोरेंट के मेन्यू में भी खाने के अंत में मीठा होता है। स्वीट या डेजर्ट या मीठा हमारे शरीर को एनर्जेटिक बनाने में काफी मददगार होता है। यही वजह से कि आयुर्वेद नाश्ते में भी मीठे को शामिल करने का सुझाव देता है। हममें से बहुत से लोग ऐसे हैं जो काम की जल्दी में या अन्य कारणों से अक्सर सुबह का नाश्ता ही नहीं करते जो कि सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह है। आयुर्वेद के मुताबिक हर किसी के लिए न सिर्फ नाश्ता जरूरी है बल्कि नाश्ते में कुछ मीठा शामिल करना भी आवश्यक है।

नाश्ते में क्यों जरूरी है मीठा – आयुर्वेद नाश्ते में मीठे के सेवन की सलाह देता है। उसके मुताबिक सुबह के नाश्ते में मीठा खाने से शरीर को तात्क्षणिक ऊर्जा तो मिलती है साथ ही इसकी वजह से ग्लूकोज के रिलीज होने की गति धीमी हो जाती है। इससे आपका शरीर दिन भर एक्टिव रहता है। इसके अलावा मीठा खाने से आप बहुत देर तक संतुष्ट महसूस करते हैं। इससे आप बार-बार खाने से बच जाते हैं और आपका वजन नियंत्रित रहता है।

क्या खाएं नाश्ते में – सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन होता है। तकरीबन 12 घंटे पोषक तत्वों से महरूम रहने के बाद आपके शरीर को पोषण की सख्त जरूरत होती है। ऐसे में नाश्ता बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। नाश्ते में आप क्या खा रहे हैं, इसका प्रभाव भी आपके शरीर पर पड़ता है। सुबह के नाश्ते में 5 बादाम और एक अखरोट खाना सेहतमंद होता है। यह आपको डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियों से तो दूर रखते ही हैं साथ ही शरीर को आवश्यक विटामिन्स की कमी को पूरा करते हैं। इसके अलावा आप नारियल पानी, ओट्स, शहद आदि का सेवन कर सकते हैं। नाश्ते में कोशिश करना चाहिए कि आपका एक तिहाई पेट भर जाए।

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