ताज़ा खबर
 

मशरूम खाने से बचा जा सकता है डिमेंशिया और अल्जाइमर से

शोध के नतीजों से पता चला कि मशरूम उम्र संबंधी न्यूरोडिजिनेरेटिव बीमारियों से बचने या उन्हें कुछ समय के लिए टालने में अहम भूमिका निभाते हैं।

Author कुआलालम्पुर | January 25, 2017 4:00 PM
शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कुछ खाद्य और औषधीय मशरूमों में ऐसे बायोएक्टिव यौगिक होते हैं जो मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं की वृद्धि बढ़ा सकते हैं।

मशरूम खाने से डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी उम्र संबंधी न्यूरोडिजिनेरेटिव बीमारियों से बचा या उनको कुछ समय के लिए टाला जा सकता है। न्यूरोडिजिनेरेटिव शब्द का इस्तेमाल तंत्रिका कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने की प्रक्रिया के लिए किया जाता है। शोधकर्ताओं में भारतीय मूल का एक शोधकर्ता भी शामिल है। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कुछ खाद्य और औषधीय मशरूमों में ऐसे बायोएक्टिव यौगिक होते हैं जो मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं की वृद्धि बढ़ा सकते हैं और सूजन जैसी न्यूरोटोक्सिस उत्तेजनाओं से रक्षा करते हैं जो न्यूरोडिजिनेरेटिव बीमारियों का कारण बनती है। मलेशिया में मलाया विश्वविद्यालय से विकिनेश्वर्य सबारत्नम समेत शोधकर्ताओं ने खाने योग्य मशरूम के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले फायदों का विश्लेषण किया।

उन्होंने बताया कि शोध के नतीजों से पता चला कि मशरूम उम्र संबंधी न्यूरोडिजिनेरेटिव बीमारियों से बचने या उन्हें कुछ समय के लिए टालने में अहम भूमिका निभाते हैं। शोधकर्ताओं ने मशरूमों के बायोएक्टिव यौगिकों की गतिविधि पर ध्यान केन्द्रित किया जिससे तंत्रिका कोशिकाओं की रक्षा हो सकती है। अमेरिका की यूनीवर्सिटी ऑफ सेन्ट्रल फ्लोरिडा के संपत पार्थसारथी ने कहा,‘कार्डियोमेटाबोलिक बीमारियों और कैंसर में फायदेमंद साबित होने वाले खाद्य पदार्थों के विपरीत न्यूरोडिजिनेरेटिव बीमारियों के लिए फायदेमंद खाद्य पदार्थों पर केन्द्रित बहुत कम अध्ययन हुये हैं। इस हालिया अध्ययन से तंत्रिका कोशिकाओं की रक्षा करने वाले और खाद्य सामग्री की पहचान करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।’

दिल्ली में चिकनगुनिया से 4 लोगोें की मौत के बाद राजनीति तेज़

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App