Monsoon skin infection ayurvedic remedies: बरसात के मौसम में हवा में अत्यधिक नमी और गंदे पानी के संपर्क में आने से पैरों में फंगल इंफेक्शन, एथलीट फुट, खुजली और दाद (Ringworm) की समस्या बहुत तेजी से फैलती है। आयुर्वेद में इस स्थिति को ‘कुष्ठ’ या ‘द्रु’ कहा जाता है, जो मुख्य रूप से कफ और पित्त दोष के असंतुलन से पैदा होती है। इस मौसम में लगातार नमी और गंदे पानी के संपर्क में रहने के कारण पैरों की खुजली और जिद्दी दाद (Ringworm) की समस्या आम हो जाती है, जो जल्दी पीछा नहीं छोड़ती। बाजार में मिलने वाली केमिकल युक्त क्रीम कई बार इस समस्या को और बढ़ा देती हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और घरेलू बदलावों का सही इस्तेमाल आपको इस दर्दनाक फंगल इन्फेक्शन से आराम दिला सकता है।
वेद आयुर्वेद संस्थान की फाउंडर और आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. उपासना वोहरा ने बताया बरसात में बॉडी में कई हिस्सों में जैसे ब्रेस्ट के नीचे, इनर थाई,पैरों की उंगलियों में, रिंगवर्म या बटक पर खुजली और इंफेक्शन हो सकता हैं। अगर आप बरसात में इस खुजली से परेशान हैं तो आप पुदीने का पेस्ट लगाएं। पुदीने को बारीक पीस लें और उसमें पानी मिलाकर लिक्विड पेस्ट बनाएं और इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं आपको एक से दो बार में ही असर दिख जाएगा। आइए जानते हैं कि बरसात में पैरों की खुजली और जिद्दी दाद के लिए और कौन-कौन से उपाय अपना सकते हैं।
पैरों में क्यों होता है फंगल इंफेक्शन
पैरों की स्किन में होने वाले इंफेक्शन को एथलीट फुट भी कहा जाता है। इस इंफेक्शन में पैरों की स्किन और तलवों की स्किन में खुजली हो सकती है और उसमें रैशेज भी हो सकते हैं। पैरों की स्किन का इंफेक्शन कुछ खास परिस्थितियों जैसे लम्बे समय तक सार्वजनिक जगह पर घूमना, पैरों की स्किन का ज्यादा गीला होना, दूसरे के जूते और चप्पल पहनने से ये परेशानी हो सकती है।
WHO की International Classification of Diseases (ICD) और Skin Infections से जुड़ी गाइडलाइन के अनुसार, फंगल इन्फेक्शन का सबसे बड़ा कारण नमी और गंदगी है। WHO लगातार ‘बेसिक हाइजीन पर जोर देता है, जैसे पैरों को हमेशा सूखा रखना, उंगलियों के बीच नमी न रहने देना, और साफ कॉटन की जुराब पहनना। WHO के अनुसार, फंगस अंधेरे और नम वातावरण में ही पनपता है, इसलिए पैरों को सुखाना ही इसका आधा इलाज है।
पैरों के फंगल इन्फेक्शन का इलाज
- आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया जिन लोगों को खुजली होती है सबसे पहले उन्हें अपनी डाइट से नमक और चीनी को कम कर देना चाहिए, मेडिकल साइंस भी इसकी पुष्टि करता है। खून में शुगर का स्तर अधिक होने से स्किन पर ‘कैंडिडा’ जो एक प्रकार का फंगस है उसे पनपने के लिए माकूल माहौल मिलता है।
- एलोवेरा, नीम और गिलोय का सेवन प्राकृतिक रूप से ब्लड प्यूरीफायर का काम करता है। नीम, गिलोय और एलोवेरा का इस्तेमाल किसी भी तरह की खुजली से राहत दिलाता है। बरसात में पैरों में अगर खुजली और दाद हो रहा है तो आप पैरों पर एलोवेरा जेल लगाएं।
- अगर आप देसी तरीके से पैरों के इन्फेक्शन का इलाज करना चाहते हैं तो आप नहाने के बाद सूखे कपड़े से अपने पैरों की स्किन को साफ करें। याद रखें कि पैरों की उंगलियों के बीच पानी ना रहे।
- अगर पैरों में फंगल इंफेक्शन हो गया है तो एक टब में गुनगुना पानी डालें और उसमें एक या दो चम्मच सिरका डालें और पानी में अच्छे से मिक्स कर दें। इस पानी में आप अपने पैरों को 5-10 मिनट तक भिगोएं और उसके पैरों को पानी से निकालकर अच्छे से पोछ लें। सिरके चाहे सफेद हो या फिर सेब का सिरका हो, इसमें एसिटिक एसिड होता है। फंगस को जीवित रहने के लिए एक न्यूट्रल या हल्के एल्कलाइन माध्यम की जरूरत होती है। जब आप पैर को सिरके के पानी में भिगोते हैं, तो त्वचा का pH स्तर एसिडिक हो जाता है, जिससे फंगस तुरंत मरने लगता है।
- अगर आपके पैरों में फंगल इंफेक्शन हो रहा है तो आप नीम के पानी से पैरों को साफ करें। नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो पैरों की खुजली और इंफेक्शन से निजात दिलाते हैं। नीम का इस्तेमाल करने के लिए कुछ नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा कर लें और उससे पैरों को धोएं।
- त्रिफला के पानी से करें पैरों की सफाई। त्रिफला का काढ़ा बनाकर उससे पैरों को धोने से स्किन साफ रहती है और संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।
- बरसात में पैरों के संक्रमण से बचाव करना चाहते हैं तो आप नारियल तेल से मसाज करें। नारियल तेल स्किन को मॉइस्चराइज रखने में मदद करता है। कई रिसर्च में ये साबित किया गया है कि नारियल तेल में हल्के एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो स्किन को संक्रमण से बचाते हैं। Journal of Medicinal Food के अनुसार, नारियल तेल में Lauric Acid और कैप्रिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता हैं। ये दोनों फैटी एसिड शक्तिशाली एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-फंगल एजेंट हैं, जो फंगल इंफेक्शन की कोशिकाओं को नष्ट करने में मददगार हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी, उपाय और सुझाव केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। इन्हें किसी योग्य चिकित्सा पेशेवर की सलाह के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अपनी जीवनशैली, खान-पान या दवाइयों में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श लें।
