मानसून की शुरुआत होते ही हर तरफ फ्लू, सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है, जिसका सबसे बड़ा कारण बारिश के मौसम में हमारी इम्यूनिटी का कमजोर होना है। ऐसे में लोग अक्सर तरह-तरह के सप्लीमेंट्स या दवाओं का सहारा लेने लगते हैं। लेकिन डॉक्टरों और आयुर्वेद विशेषज्ञों की मानें तो किचन में मौजूद मामूली सा दिखने वाला करी पत्ता इस मौसम में एक बेहतरीन ढाल साबित हो सकता है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर करी पत्ता न केवल शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देता है, बल्कि डाइजेशन को भी दुरुस्त रखता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक बरसात के मौसम में करी पत्ता तेजी से उगता है। इस मौसम में आप घर में इस आयुर्वेदिक औषधी को उगा लें और हर दिन 5-6 पत्ते इसके चबा लें।

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ बिमल झांजर ने बताया करी पत्ते का सेवन बॉडी वेट को कम करता है और बॉडी को डिटॉक्स भी करता है। करी पत्ता एक ऐसा हर्ब है जो डायबिटीज कंट्रोल करने से लेकर पाचन तक को दुरुस्त करने में मदद करता है। करी पत्ता का सेवन उसका पाउडर बनाकर और पत्तियों की रूप में किया जा सकता है। आइए एक्सपर्ट से समझते हैं कि कैसे बरसात के दिनों में ये इम्यूनिटी को बूस्ट करता है और बॉडी का इंफेक्शन से बचाव करता है।

करी पत्ता बरसात में कैसे करता है सेहत को दुरुस्त

बरसात के मौसम में करी पत्ता का सीमित मात्रा में सेवन कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों के अनुसार इसमें कई ऐसे पोषक तत्व और bioactive कंपाउंड मौजूद होते हैं जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें विटामिन A, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को सपोर्ट करते हैं। बरसात में हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में करी पत्ता का सेवन बीमारियों से बचाव में ढाल की तरह असर करता है।  

पाचन को करता है दुरुस्त

बरसात में बैक्टीरिया और फंगल तेजी से ग्रो होते हैं ऐसे में दूषित पानी और दूषित खाने का सेवन करने से पाचन बिगड़ता है और पाचन से जुड़ी बीमारियां जैसे डायरिया, दस्त, हैजा और दूसरी परेशानियां बढ़ती है। इस मौसम में पेट की बीमारियों को दूर करने में करी पत्ता का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। करी पत्ता में अल्कालोइड्स और डाइजेस्टिव केमिकल होते हैं जो पाचन में सुधार करते हैं। इसका सेवन कब्ज और लूज मोशन दोनों बीमारियों का इलाज करने में किया जाता है। इसका सेवन करने से आंतों की सेहत दुरुस्त रहती है। करी पत्ता पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

ब्लड शुगर करते हैं कंट्रोल

कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि करी पत्ता का सेवन करने से ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल रहता है। हालांकि, इसे डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता लेकिन इसे खाने से डायबिटीज मैनेजमेंट आसान होता है।

पेट के संक्रमण से बचाव में करता है मदद

करी पत्ते में कुछ एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए गए हैं, जो पाचन तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। अगर बरसात में किसी भी तरह के संक्रमण से बचना चाहते हैं तो रोजाना 6-7 करी पत्ता जरूर चबाएं। आप करी पत्ता का सेवन सलाद,सब्जी,सूप में कर सकते हैं।

बाल और स्किन के लिए फायदेमंद

बरसता में हेयर फॉल की परेशानी बढ़ जाती है और स्किन भी इर्रिटेट रहती है, ऐसे में आप रोज करी पत्ता खा लें तो किसी भी तरह की स्किन की खुजली, रेडनेस और स्किन इंफेक्शन से बचाव होगा और हेयर फॉल भी कंट्रोल रहेंगे। करी पत्ते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व बालों और त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में असरदार हो सकते हैं।

कितनी मात्रा में खाएं?

रोजाना 8–10 ताजे करी पत्ते खाना या भोजन में इनका उपयोग करना पर्याप्त माना जाता है।
इसे चटनी, दाल, सांभर, पोहा, उपमा या सब्जी में मिलाकर खाया जा सकता है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

  • जिन लोगों को किसी पौधे या पत्ते से एलर्जी है वो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।
  • डायबिटीज मरीज यदि ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं ले रहे हैं, तो नियमित रूप से शुगर मॉनिटर करें। करी पत्ता दवा का विकल्प नहीं है।
  • गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान अधिक मात्रा में किसी भी हर्बल चीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य संबंधी उद्देश्यों के लिए है। किसी बीमारी के इलाज या डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह अवश्य लें।