Monsoon Diseases: चिलचिलाती गर्मी के बाद मानसून की पहली बारिश हर किसी को राहत और सुकून देती है, लेकिन मौसम में आया यह बदलाव अपने साथ सेहत से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियां भी लेकर आता है। अक्सर देखा जाता है कि बारिश का मौसम शुरू होते ही अस्पतालों में डेंगू (Dengue), टाइफाइड (Typhoid) और गंभीर वायरल इंफेक्शन (Viral Infection) के मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ने लगती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इसी मौसम में इन खतरनाक बीमारियों का खतरा इतना ज्यादा क्यों बढ़ जाता है? 

दरअसल, बढ़ता तापमान, हवा में अत्यधिक नमी (Humidity) और जगह-जगह जमा होने वाला पानी इन बैक्टीरिया और मच्छरों को पनपने का सबसे अनुकूल माहौल देते हैं। सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. मेखला चंद्रा के मुताबिक जो टाटा 1MG और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट  नई दिल्ली में  में मेडिसिन में कंसल्टेंट है, ने बताया मानसून में होने वाली ज्यादातर बीमारियां चार प्रमुख माध्यमों से फैलती हैं, पहली मच्छरों के काटने से, दूषित पानी से, दूषित भोजन से और हवा के जरिए फैलने वाले वायरस से। आइए डॉक्टर से जानते हैं बारिश के मौसम में किन बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है और उनसे बचाव कैसे किया जा सकता है।

मॉनसून में फैलने वाली बीमारियां कौन-कौन सी हैं?

मानसून के दौरान पानी भरने से मच्छर तेजी से पनपते हैं और तेजी से बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इस मौसम में  डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड, हैजा और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी आपको बीमार कर सकती है।

मानसून में इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर बारिश के मौसम में तेज बुखार, ठंड लगना, शरीर दर्द, लगातार उल्टी, दस्त, पीलिया, सांस लेने में तकलीफ या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच कराएं।

मानसून में दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियां

मानसून में पीने का पानी दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में गंदे पानी का सेवन करने से कई बीमारियों जैसे हैजा (Cholera), टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए (पीलिया)का खतरा बढ़ जाता हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप मॉनसून में होने वाली बीमारियों से बचना चाहते हैं तो आप साफ पानी का सेवन करें। पानी को उबालकर ही पिएं।

हवा से फैलने वाला संक्रमण

बरसात के मौसम में वायरल संक्रमण भी तेजी से फैलता हैं। इनमें सामान्य सर्दी-जुकाम, फ्लू, गले में संक्रमण और दूसरी श्वसन संबंधी वायरल बीमारियां भी शामिल हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इनका खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए साफ सफाई का ध्यान रखें। मुंह पर मास्क लगाएं।

दूषित भोजन से फैलने वाली बीमारियां

बारिश में भोजन जल्दी खराब हो सकता है। ऐसे में दूषित या बासी खाना खाने से फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड, हैजा और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

मानसून में बीमारियों से बचने के लिए इन आसान उपाय को अपनाएं।

  • अगर आप चाहते हैं कि मानसून में होने वाली बीमारियों से दूर रहें तो आप मच्छरों से बचाव करें।
  • फुल स्लीव वाले कपड़े पहनें। खासकर बच्चों को फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं ताकि मच्छरों से बचाव हो सके।
  • रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। इस मौसम में मच्छरों से बचाव करना बेहद जरूरी है।
  • हाथों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट लगाएं।
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें। आपको बता दें मच्छर आस-पास जमा पानी में ही जमा होते हैं।
  • दूषित पानी और दूषित भोजन से बचाव करें।
  • हमेशा उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
  • फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं। बरसात में कटे-फटे फलों का सेवन नहीं करें।
  • भोजन को हमेशा ढककर रखें।
  • सड़क किनारे मिलने वाले खुले भोजन से परहेज करें।
  • वायरल संक्रमण से बचने के लिए हाथों की सफाई का खासतौर पर ध्यान रखें।
  • घर में अच्छा वेंटिलेशन बनाए रखें। साफ और ताजी हवा में वक्त गुजारें।
  • खांसी-जुकाम होने पर मास्क पहनें। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का खासतौर पर ध्यान रखें।
  • ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से फ्लू वैक्सीन लगवाएं।
  • दूषित खाने की वजह से होने वाले इंफेक्शन से बचाव करने के लिए ताजा और घर का बना खाना खाएं।
  • बैलेंस डाइट का सेवन करें। डाइट में पर्याप्त फाइबर, प्रोटीन और विटामिन को शामिल करें।
  • बासी खाना खाने से परहेज करें। कच्ची सब्जियां और  आधा पका हुआ खाना खाने से बचें।

घरेलू नुस्खे भी करेंगे असर

डॉ. मेखला चंद्रा के अनुसार मानसून के दौरान नीम के तेल का इस्तेमाल प्राकृतिक मच्छर भगाने वाले उपाय के रूप में किया जा सकता है। इसे शरीर के खुले हिस्सों पर लगाया जा सकता है। डॉक्टर ने बताया अगर तेज बुखार, लगातार उल्टी, शरीर में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या डेंगू-मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आप घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चों के लिए वैक्सीनेशन है जरूरी

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को समय पर टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए का टीकाकरण जरूर करवाएं। इससे मानसून में होने वाले कई गंभीर संक्रमणों का खतरा कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख डॉक्टर द्वारा साझा की गई सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।