मसूड़ों की गंभीर बीमारी पीरियोडोंटाइटिस के इलाज को लेकर नई रिसर्च सामने आई है। जर्मनी के हाले स्थित Fraunhofer Institute for Cell Therapy and Immunology IZI के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा खास यौगिक (कंपाउंड) तैयार किया है, जो मुंह के नुकसानदायक बैक्टीरिया को रोकता है लेकिन अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान नहीं पहुंचाता।
वैज्ञानिकों के मुताबिक हमारे मुंह में 700 से ज्यादा तरह के बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनमें से कुछ ही बैक्टीरिया मसूड़ों की बीमारी के लिए जिम्मेदार होते हैं। खासतौर पर Porphyromonas gingivalis नाम का बैक्टीरिया मसूड़ों में सूजन (जिंजिवाइटिस) बढ़ाता है। अगर यह सूजन लंबे समय तक बनी रहे तो यह पीरियोडोंटाइटिस में बदल सकती है। इस स्थिति में मसूड़े सिकुड़ने लगते हैं और दांत तक गिर सकते हैं। इसे दिल की बीमारी, डायबिटीज और शरीर में सूजन से जुड़ी अन्य बीमारियों से भी जोड़ा जाता है।
नया उत्पाद कैसे अलग है?
आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले माउथवॉश या एंटीसेप्टिक उत्पाद बुरे बैक्टीरिया के साथ-साथ अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देते हैं। बाद में जब मुंह का बैक्टीरिया संतुलन दोबारा बनता है, तो हानिकारक बैक्टीरिया जल्दी बढ़ जाते हैं और बीमारी लौट सकती है। लेकिन इस नई खोज में तैयार किया गया यौगिक बैक्टीरिया को मारता नहीं है, बल्कि उनके बढ़ते स्तर को रोकता है। इससे वो नुकसान नहीं पहुंचा पाते और गुड बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिलता है। धीरे-धीरे मुंह का प्राकृतिक संतुलन फिर से ठीक हो सकता है।
संस्थान के विशेषज्ञ Stephan Schilling के अनुसार, guanidinoethylbenzylamino imidazopyridine acetate नाम का यह यौगिक मसूड़ों की बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की गतिविधि को रोकता है और स्वस्थ बैक्टीरिया के साथ मिलकर काम करता है। इस तकनीक के आधार पर 2018 में Periotrap Pharmaceuticals GmbH नाम की कंपनी बनाई गई। कंपनी ने माइक्रोबायोम-फ्रेंडली टूथपेस्ट और एक केयर जेल तैयार किया है, जो मसूड़ों की बीमारी को रोकने में मदद कर सकता है।
वैज्ञानिकों ने इस यौगिक की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर कई परीक्षण किए। यह सुनिश्चित किया गया कि ये शरीर के लिए सुरक्षित हो, खून में न जाए और दांतों के रंग पर बुरा असर न डाले। पूरा शोध Good Laboratory Practice (GLP) मानकों के तहत किया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये तरीका मसूड़ों की बीमारी के इलाज में ज्यादा संतुलित और लंबे समय तक असर देने वाला साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर:
ये लेख सामान्य जानकारी और शोध रिपोर्टों पर आधारित है। मसूड़ों की बीमारी के इलाज के लिए विकसित किया गया यह टूथपेस्ट अभी वैज्ञानिक चर्चा या शोध का विषय हो सकता है। इसे किसी पेशेवर डॉक्टर की सलाह या मेडिकल उपचार का विकल्प न मानें। अपने स्वास्थ्य या दांतों से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए हमेशा किसी योग्य डेंटिस्ट (Dentist) या विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।
