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महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा, लाइफस्टाइल में ये करें बदलाव

High Uric Acid Problem in Men: 30 से 50 साल के पुरुषों में ये बीमारी अधिक देखने को मिलती है, खासकर वो लोग मोटापा या उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं उन्हें खास बचाव की जरूरत होती है

यूरिक एसिड के मरीजों में सूजन और हाथ व पैरों की उंगलियों में चुभने वाला असहनीय दर्द भी होता है

High Uric Acid Problem in Men: हाई यूरिक एसिड की समस्या होने का एक कारण अनहेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी है। आज के समय में अपने खान-पान व स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देने से कई खतरनाक बीमारियां लोगों को जकड़ लेती हैं। शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता भी इन्हीं बीमारियों में से एक है। गठिया रोग, जोड़ों में दर्द, गाउट और सूजन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का एक आम कारण यूरिक एसिड का बढ़ना भी माना जाता है। इस बीमारी के मरीजों को आम जिंदगी के छोटे-मोटे कार्य करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, यहां तक कि स्थिति गंभीर होने पर उठने-बैठने तक में परेशानी होती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों को इस बीमारी से पीड़ित होने का खतरा अधिक रहता है।

क्यों पुरुषों को होता है अधिक खतरा: सामान्य तौर पर पुरुषों में यूरिक एसिड का नॉर्मल स्तर 3 से 7 मिलीग्राम/डीएल व महिलाओं में इसका लेवल 2.5 से 6 मिलीग्राम/डीएल होता है। पुरुषों को इस बीमारी से ग्रस्त होने का खतरा ज्यादा इसलिए रहता है क्योंकि महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। ये ब्लड में से यूरिक एसिड को फिल्टर करने के प्रोसेस को ज्यादा तेज कर देता है। एक शोध के अनुसार 40 साल की उम्र में यूरिक एसिड की मात्रा पुरुषों में महिलाओं से 5 गुना ज्यादा मिली। 30 से 50 साल के पुरुषों में ये बीमारी अधिक देखने को मिलती है, खासकर वो लोग मोटापा या उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं उन्हें खास बचाव की जरूरत होती है।

शरीर को कैसे करता है प्रभावित: यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर के जॉइंट्स में क्रिस्टल जैसे जमने लगते हैं, इस वजह से लोग जोड़ों के दर्द से परेशान होते हैं। शरीर में हाई यूरिक एसिड होने का सीधा प्रभाव हड्डियों पर पड़ता है जिस कारण हड्डियां कमजोर होने गरती हैं। इसके अलावा, यूरिक एसिड के मरीजों में सूजन और हाथ व पैरों की उंगलियों में चुभने वाला असहनीय दर्द भी होता है। यूरिक एसिड की अधिकता होने पर किडनी भी सुचारू रूप से फिल्टर करने में सक्षम नहीं रह जाती। यह किडनी के साथ ही हृदय, शुगर, व रक्तचाप जैसे रोगों का खतरा भी बढ़ाता है।

लाइफस्टाइल में लाएं ये बदलाव: हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार अपनी जीवन-शैली में बदलाव लाकर शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कंट्रोल किया जा सकता है। इस एसिड के खतरे को कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपने वजन पर काबू रखें। मोटापा से पीड़ित या अधिक वजनदार लोगों में हाई यूरिक एसिड की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा, नियमित रूप से व्यायाम करना भी फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं, अपनी डाइट में लोगों को ज्यादा प्रोटीन युक्त खाने का सेवन नहीं करना चाहिए, खासकर जिन खाद्य पदार्थों में प्यूरीन की मात्रा अधिक हो, उनसे दूरी बना लें। जितना हो सके उतना अधिक पानी या हेल्दी पेय पदार्थ पीयें। अपनी डाइट में फाइबर, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर फूड आइटम्स को शामिल करें।

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