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Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ रहा है और गठिया के दर्द से परेशान हैं तो इस जादुई अनाज का करें सेवन, जल्द मिलेगा दर्द से छुटकारा

Control high uric acid with millet Roti: फाइबर से भरपूर बाजरे के आटे से बनी रोटी यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में असरदार है।

Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ रहा है और गठिया के दर्द से परेशान हैं तो इस जादुई अनाज का करें सेवन, जल्द मिलेगा दर्द से छुटकारा
Consume Jowar flour roti: अगर यूरिक एसिड बढ़ रहा है तो डाइट में एक महीने तक ज्वार के आटे की रोटी का सेवन करें। photo-freepik

शरीर में यूरिक एसिड का हाई होना एक खतरनाक स्थिति है। यूरिक एसिड हाई होने से कई स्वास्थ्य समस्याएं जल्द ही बढ़ने लगती है इसलिए शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करना जरूरी है। यूरिक एसिड हाई होने पर सबसे आम समस्या जोड़ों के दर्द की है। अगर शुरुआती दौर में इस परेशानी पर काबू नहीं पाया जाए तो समय के साथ समस्या बढ़ती जाती है। यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों का दर्द, हड्डियों में दर्द की परेशानी ज्यादा होती है, जो गठिया का कारण बनती है। हाई यूरिक एसिड के कारण ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis)की परेशानी, किडनी (kidney)और मोटापा (obesity)से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

ज्यादा वजन होने, डायबिटीज की बीमारी होने से, दवाईयों का अधिक सेवन करने से और शराब ज्यादा पीने से किडनी यूरिक एसिड को बॉडी से बाहर नहीं निकाल पाती है। जिन लोगों का यूरिक एसिड हाई रहता है वो डाइट का ध्यान रखें। डाइट में कुछ फूड्स का सेवन करके आसानी से यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। यूरिक एसिड के मरीज अगर जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो अपनी डाइट में खास अनाज का सेवन करें।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी (Ayurvedic Expert Dr. Salim Zaidi)ने एक वीडियों में बताया है कि अगर यूरिक एसिड के मरीज जोड़ों के दर्द (joint pain),सूजन (swelling)और गठिया (arthritis)से परेशान हैं तो वो डाइट में दो खास तरह के अनाज (grain)का सेवन करें। ये अनाज (grain)यूरिक एसिड (uric acid)को कंट्रोल करेंगे साथ ही जोड़ों के दर्द से राहत भी दिलाएंगे। आइए जानते हैं कि कौन से दो खास अनाज हैं जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करते हैं।

गेंहू की जगह करें ज्वार का सेवन यूरिक एसिड रहेगा कंट्रोल: (Consume Jowar flour roti)

हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक जिन लोगों का यूरिक एसिड हाई रहता है वो गेहूं के आटे से बनी रोटी खाने के बजाए ज्वार के आटे (Jowar flour)की रोटी का सेवन करें। ज्वार जिसे मोटा अनाज (Millet) कहा जाता है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। अगर आप अपनी डाइट में एक महीने के लिए गेहूं की जगह ज्वार की रोटी का सेवन करेंगे तो आपकी बॉडी को बेहद फायदे होंगे।

यूरिक एसिड (uric acid)को कंट्रोल करने के लिए आप दिन के खाने में एक समय ज्वार की रोटी का सेवन करें। ज्वार में प्रचुर मात्रा में फाइबर (fiber)पाया जाता है जो पाचन तंत्र में सुधार करता है। इसका सेवन करने से पूरे दिन का करीब 48% फाइबर मिल जाता है जो 12 ग्राम से अधिक होता है। यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए ज्वार की रोटी जादुई असर करती है।

बाजरे की रोटी से करें हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल: (Control high uric acid with millet Roti)

बाजरा भी एक मोटा अनाज (millet)है जिसके सेहत को बेहद फायदे हैं। बाजरे की तासीर गर्म होती है इसलिए सर्दी में इस आटे की रोटी का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। बाजरे की रोटी का सेवन करने से पाचन दुरुस्त (good digestion)रहता है और यूरिक एसिड कंट्रोल रहता है। बाजरा ग्लूटेन फ्री (gluten free)होता है।

फाइबर से भरपूर बाजरा पाचन ठीक रहता है और कब्ज (Constipation)से निजात दिलाता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ ब्लड से यूरिक एसिड को अवशोषित करते हैं जिससे बॉडी से ये टॉक्सिन (toxin)बाहर निकल जाते हैं। यूरिक एसिड के मरीजों को डाइट में बाजरे की रोटी को जरूर शामिल करना चाहिए।

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First published on: 17-01-2023 at 03:00:59 pm
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