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Lung Care: बिना किसी लक्षण के खराब हो सकते हैं फेफड़े, घर पर इस तरह से कर सकते हैं अपने लंग्स की जांच

फेफड़ों की दिक्कत से जुड़े वॉर्निंग साइन को समय से पहचान लिए जाएं तो बड़े खतरे को टाला जा सकता है। पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर भगवान मंत्री से जानिए कैसे फेफड़ों का ख्याल रखें।

Lung Care: बिना किसी लक्षण के खराब हो सकते हैं फेफड़े, घर पर इस तरह से कर सकते हैं अपने लंग्स की जांच
सांस रोक कर अपने फेफड़ों को स्वस्थ बनाएं (Image: Pixabay)

जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है। शरीर के सभी अंगों को नियमित रूप से ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति की जाती है। तभी पूरा शरीर ठीक से काम कर सकता है। यह काम दिल और फेफड़े दोनों मिलकर करते हैं। लेकिन अगर इन दोनों में से एक भी फेल हो जाए तो यह शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। फेफड़ों की बीमारी एक दर्दनाक बीमारी है। किसी भी उम्र के लोग इस बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। अब भी दुनिया भर में हर साल लाखों लोग फेफड़ों की बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं। आइए दिल्ली के मूलचंद हॉस्पिटल के पल्मोनरी विभाग के डॉक्टर भगवान मंत्री से जानते हैं कि फेफड़ों को कैसे स्वस्थ रखें-

फेफड़ों में कौन सा रोग होता है?

पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर भगवान मंत्री ने जनसत्ता डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि फेफड़ों से जुड़ी प्रमुख बीमारियों में टीबी, अस्थमा, सीओपीडी, निमोनिया और फेफड़ों का कैंसर शामिल हैं। जो वायु प्रदूषण, धूम्रपान और जलवायु परिवर्तन जैसे कारकों के कारण होते हैं। ऐसे में यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि आपके फेफड़े स्वस्थ हैं या नहीं।

फेफड़े का परीक्षण कैसे करें?

डॉक्टर भगवान मंत्री के मुताबिक घर पर भी फेफड़े का परीक्षण किया जा सकता है। ऐसा करने के कुछ आसान तरीके हैं, जो आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य के बारे में जानने में आपकी मदद कर सकते हैं।

सांस रोककर रखने का व्यायाम

डॉ भगवान मंत्री कहते हैं, फेफड़ों की जांच के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज की जा सकती है। इसमें सांस को मुंह में रोककर रखना होता है। यह व्यायाम कम से कम छह महीने तक करें। यदि आप सांस लेने के व्यायाम के दौरान अपनी सांस को 25 से 30 सेकंड तक रोक सकते हैं, तो आपके फेफड़े स्वस्थ हैं।

पीक फ्लो मीटर (Peak Respiratory Flow Meter)

फेफड़ों की क्षमता के परीक्षण के लिए पीईएफआर परीक्षण भी एक अच्छा विकल्प है। इसके तीन रंग हरे, पीले और लाल हैं। इन तीन रंगों से आप फेफड़ों की मौजूदा स्थिति का पता लगा सकते हैं। हरा, पीला और लाल। अगर मीटर फूंकने के बाद हरे रंग तक पहुंच जाता है, तो आपके फेफड़े अच्छी स्थिति में हैं। यदि पीला रंग आ जाता है, तो थोड़ा सुधार करने की आवश्यकता होती है, और लाल रंग की स्थिति को खराब माना जाता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

डॉक्टर फेफड़ों की जांच कैसे करते हैं?

डॉक्टर भगवान के मुताबिक फेफड़ों की जांच के लिए एक्स-रे, सीटी स्कैन, ब्रोंकोस्कोपी, फेफड़े की बायोप्सी और पॉलीसोम्नोग्राफी की जाती है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, हाल के वर्षों में, फेफड़ों के कैंसर होने के उच्च जोखिम वाले लोगों में कम खुराक वाले कैट स्कैन या सीटी स्कैन (एलडीसीटी) के रूप में जाना जाने वाला एक परीक्षण किया गया है। एलडीसीटी स्कैन फेफड़ों में असामान्य स्थानों को खोजने में मदद कर सकता है जहां कैंसर हो सकता है।

फेफड़े खराब होने के लक्षण

  • सीने में पुराना दर्द
  • एक महीने या उससे अधिक समय से खांसी की समस्या
  • सांस लेने में कठिनाई
  • खूनी खांसी
  • अचानक वजन कम होना

अपने फेफड़ों को स्वस्थ कैसे रखें

अपने फेफड़ों को स्वस्थ और स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। ऐसे में बीमारियों से बचाव के लिए धूम्रपान न करें, घर के अंदर और बाहर प्रदूषण से बचें, योग और व्यायाम करें, विटामिन सी से भरपूर खाना खाएं, पर्याप्त पानी पिएं। ताकि आपके फेफड़ों की सेहत अच्छी बनी रहे।

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First published on: 28-09-2022 at 01:07:23 pm
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