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Lung Cancer: बच्चों में तेजी से बढ़ रहे हैं लंग कैंसर के मामले, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

आइए विस्तार से जानते हैं कि बच्चों में लंग कैंसर के कैसे लक्षण दिखाई देते हैं, कब से दिखाई देते हैं और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए-

Lung Cancer: बच्चों में तेजी से बढ़ रहे हैं लंग कैंसर के मामले, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके
एंटी-इनफ्‍लेमेटरी फूड से लंग्स रहेंगे सेहतमंद (Image: Freepik)

Lung Cancer Symptoms in Hindi: फेफड़ों के कैंसर की समस्या आज के समय में तेजी से बढ़ती जा रही है। बच्चों में भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ा है। बच्चों में लिम्फोमा और ल्यूकेमिया का खतरा अब अधिक है। फेफड़ों के कैंसर की समस्या तब शुरू होती है जब शरीर में कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में हर साल होने वाली मौतों में फेफड़ों के कैंसर से होने वाली मौतें सबसे ऊपर हैं।

फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों को सही समय पर पहचान कर इलाज और इलाज से इस बीमारी को भी ठीक किया जा सकता है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि फेफड़ों का कैंसर केवल वृद्ध लोगों में होता है, लेकिन यह सोचना गलत है। फेफड़ों के कैंसर की समस्या बच्चों में भी हो सकती है और बच्चों में भी यह बीमारी तेजी से फैल रही है। आइए जानते हैं बच्चों में फेफड़ों का कैंसर होने पर दिखने वाले शुरुआती लक्षणों के बारे में-

8 फीसदी बच्चों में पाए गए लंग कैंसर के मामले

राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (एनसीआरपी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2012 और 2019 के बीच कुल 6.10 लाख कैंसर के मामले दर्ज किए गए।जिनमें से 52.4 प्रतिशत पुरुष और 47.6 प्रतिशत महिलाएं इस कैंसर की शिकार हुई थीं।वहीं इसी रिपोर्ट में एक चौंकाने वाले बात यह भी थी कि नवजात से लेकर 14 साल तक के करीब 8 फीसदी बच्चे भी लंग कैंसर के शिकार हुए थे।बच्चों में फेफड़ों के कैंसर को कहीं न कहीं नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो भविष्य में बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

बच्चों में फेफड़ों के कैंसर के लक्षण

फेफड़ों का कैंसर अन्य कैंसर की तुलना में बच्चों में अधिक तेजी से होता है। शुरुआत में इस रोग के लक्षण सामान्य या न के बराबर होते हैं। लेकिन जैसे ही यह बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंचती है, इसके लक्षण भी गंभीर होने लगते हैं। बच्चों में फेफड़ों का कैंसर होने पर देखे जाने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-

गले और चेहरे की सूजन दिखाई देना

बच्चों में गले और चेहरे की सूजन भी फेफड़ों के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।गले और चेहरे में अचानक बदलाव और सूजन होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जैसे-जैसे फेफड़े का कैंसर बढ़ता है ये लक्षण और गंभीर होते जाते हैं। सही समय पर जांच कराकर इस बीमारी पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

अगर हो रही है सांस लेने में तकलीफ

फेफड़ों के कैंसर के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके अलावा रोगी को चलने-फिरने या थोड़ा दौड़ने में भी दिक्कत होने लगती है। फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों में सांस लेने में कठिनाई महसूस होना, सांस लेते समय गले में सीटी बजना, सीने में दर्द, सांस लेते समय घबराहट आदि शामिल हैं।

कम भूख लगना या बिल्कुल भूख न लगना

फेफड़ों के कैंसर वाले बच्चों में भूख न लगने की समस्या होती है। अगर बच्चे को लंबे समय तक भूख नहीं लगती है या कुछ भी खाने का मन नहीं करता है, तो आपको अपने डॉक्टर से एक बार सलाह जरूर लेनी चाहिए।

लंबे समय तक कमजोरी और थकान

थकान और कमजोरी भी बच्चों में फेफड़ों के कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। थकान और कमजोरी महसूस होना भी कोई आम समस्या नहीं है। बल्कि यह फेफड़ों के कैंसर का एक भयावह लक्षण है। सांस लेने में तकलीफ और चलने के बाद जल्दी थक जाना फेफड़ों के कैंसर का खतरा हो सकता है।

लंबे समय तक खांसी आना

2 से 3 सप्ताह तक लगातार खांसी भी फेफड़ों के कैंसर का एक लक्षण है। अगर आपको बच्चों में लंबे समय से खांसी है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेकर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। अगर लंबे समय तक खांसी रहती है, सीने में दर्द और बलगम में खून आता है, तो स्थिति गंभीर होती है। बच्चों में फेफड़ों का कैंसर होने पर ये लक्षण प्रमुखता से दिखाई देते हैं। अगर आपको ये लक्षण दिखें तो आपको डॉक्टर से सलाह लेने के तुरंत बाद जांच करानी चाहिए। जब इस बीमारी का सही समय पर पता चल जाता है तो इसका इलाज आसान हो जाता है।

फेफड़ों के कैंसर की रोकथाम

धूम्रपान न करें : अगर आपने कभी धूम्रपान नहीं किया है, तो इसे कभी भी शुरू न करें। अपने बच्चों से धूम्रपान न करने के बारे में बात करें ताकि वे समझ सकें कि फेफड़ों के कैंसर के इस प्रमुख जोखिम कारक से कैसे बचा जाए। अपने बच्चों के साथ धूम्रपान के खतरों के बारे में बातचीत करें।

सिगरेट के धुएं के संपर्क में आने से बचें : यदि आप धूम्रपान करने वाले के साथ रहते हैं या काम करते हैं, तो उसे छोड़ने की सलाह दें। उनके साथ संपर्क कम से कम करें और उन्हें बाहर धूम्रपान करने के लिए कहें। उन क्षेत्रों से बचें जहां धूम्रपान होता है, जैसे बार और रेस्तरां, और धूम्रपान करने वाले स्थान।

फलों और सब्जियों को आहार में शामिल करें : विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों के साथ स्वस्थ आहार चुनें। विटामिन और पोषक तत्वों के खाद्य स्रोत सर्वोत्तम हैं। गोली के रूप में बड़ी विटामिन की गोलियां लेने से बचें, क्योंकि वे हानिकारक हो सकती हैं।

सप्ताह के अधिकांश दिनों में व्यायाम करें : यदि आप नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं, तो धीरे-धीरे शुरू करें। सप्ताह के अधिकांश दिनों में व्यायाम करने का प्रयास करें।

रेडॉन के लिए अपने घर का परीक्षण करें : रेडॉन के स्तर के लिए अपने घर का परीक्षण करवाएं, खासकर यदि आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां रेडॉन एक समस्या के रूप में जाना जाता है। आपके घर को सुरक्षित बनाने के लिए उच्च रेडॉन स्तरों का उपचार किया जा सकता है।

घर से निकलते समय मास्क का प्रयोग करें : अगर आपको किसी काम से बाहर जाना है तो कृपया मास्क पहनें ताकि आपका शरीर जहरीले पदार्थों के संपर्क में न आए।

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