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Lung Cure: फेफड़े की परेशानी से जूझ रहे हैं तो बढ़ सकता है कार्डियक अरेस्ट का खतरा, बरतें ये 5 सावधानी

शोधकर्ताओं के मुताबिक फेफड़े का काम और दिल की सेहत के बीच सीधा संबंध है

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शोधकर्ताओं के मुताबिक लोग 30-35 साल से ही रेग्यूलर हार्ट के साथ-साथ फेफड़े का भी चेक-अप कराएं। photo-freepik

Sudden Cardiac Death: आमतौर पर यही माना जाता है कि 50 या 60 साल के बाद किसी को हार्ट अटैक (Heart Attack) आ सकता है लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह से 30 या 40 के उम्र वालों में हार्ट अटैक आने की खबरें आ रही है, वह चिंता का विषय है। आंकड़े बताते हैं कि आज दुनिया भर में कम उम्र के लोगों की मौत अचानक हार्ट अटैक से हो रही हैं। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में मरने वालों के दिल में किसी तरह के परेशानी होने के कोई संकेत मौजूद नहीं होते।

बिना किसी लक्षण के उनका हार्ट अटैक हो जाता है। डॉक्टर इसी बात से परेशान हैं कि जब किसी को हार्ट से संबंधित कोई शिकायत नहीं रहती तो हार्ट अटैक से उनकी मौत अचानक क्यों हो जाती है। अब इसी संबंध में एक रिसर्च यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी इंटरनेशनल कांग्रेस (European Respiratory Society International Congress) में पेश की गई है। इस पेपर में दावा किया गया है कि कम उम्र के लोगों के फेफड़े (Lungs)खराब होने का सीधा संबंध अचानक हृदयघात से हुई मौत ( Sudden Cardiac Death)से है। यानी अगर कम उम्र के लोगों का फेफड़ें सही तरीके से काम नहीं करते, तो उनमें अचानक हार्ट अटैक से मौत का खतरा ज्यादा है।

फेफड़े के कारण ज्यादा उम्र में मौत की आशंका कमस्वीडन की एक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने 28,584 ऐसे लोगों पर अध्ययन किया। इन सभी की उम्र 20-45 वर्ष के बीच थी। इन लोगों में पहले से दिल से संबंधित बीमारी के लक्षण नहीं थे। शोधकर्ताओं ने इन लोगों पर 40 साल तक नजर रखी।

शोध के अंत में पाया गया कि जिन लोगों के फेफड़े सही तरीके से काम नहीं करते थे, उनलोगों में अचानक मौत का जोखिम ज्यादा था। यहां तक कि मध्यम उम्र वाले लोगों में मौत का जोखिम 23 प्रतिशत तक ज्यादा था। दूसरी ओर जब इन्हीं लोगों की उम्र ज्यादा हो गई तो आश्चर्यजनक रूप से इनमें मौत की आशंका पहले के मुकाबले कम हो गई। ज्यादा उम्र के साथ ही ऐसे लोगों में मौत की आशंका 8 प्रतिशत तक कम हो गई।

मौत की आशंका को कैसे कम किया जाए
शोधकर्ताओं ने कहा है कि चूंकि फेफड़े का काम और दिल की सेहत के बीच सीधा संबंध है लेकिन अब तक इस बात का पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है कि आखिर कम उम्र के लोगों में फेफड़े के कमजोर होने की वजह से हार्ट अटैक क्यों हो रहा है, इसका प्रमुख कारण क्या है, इसलिए शोधकर्ताओं ने कहा है कि बेहतर यही होगा कि लोग 30-35 साल से ही रेग्यूलर हार्ट के साथ-साथ फेफड़े का भी चेक-अप कराएं। अगर फेफड़े का फंक्शन सही नहीं है तो डॉक्टर पहले से कुछ एहतियात बरतने की सलाह दे सकते हैं।

दिल की अच्छी सेहत के लिए सावधानियां भी हैं जरूरी

  • दिल की अच्छी सेहत के लिए डाइट में एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा-3, फाइबर व मिनरल्स से भरपूर फूड को शामिल करें। तला-भुना और मसालेदार खाने से परहेज करें।
  • दिन में आधा घंटे एक्सरसाइज कीजिए। जॉगिंग, साइकिलिंग और वॉकिंग भी कर सकते हैं।
  • मोटापा को कंट्रोल रखें और बॉडी को एक्टिव रखें।
  • ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखें। ब्लड शुगर अधिक होना धमनियों की ऑक्सीडेटिव क्षति की वजह बन सकता है।
  • सिगरेट और शराब से दूर रहे दिल की सेहत दुरुस्त रहेगी।

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