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जानलेवा है कम फैट और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले फूड प्रोडक्ट्स का सेवन

जो लोग अपनी डाइट में कम वसा और अधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं उनमें जल्दी मरने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
वसा जहां शरीर में अतिरिक्त कैलोरी को स्टोर करने का काम करता है वहीं कार्बोहाइड्रेट किसी भी काम को करने के लिए हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है

वसा और कार्बोहाइड्रेट स्वस्थ शरीर के लिए कितने जरूरी हैं यह बताने की जरूरत नहीं है। वसा जहां शरीर में अतिरिक्त कैलोरी को स्टोर करने का काम करता है वहीं कार्बोहाइड्रेट किसी भी काम को करने के लिए हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। डॉक्टर्स अक्सर हमें अपने डाइट में दोनों को शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन एक शोध की मानें तो हमें अपनी डाइट में वसा और कार्बोहाइड्रेट को शामिल करने से पहले थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। लैंसेट नामक पत्रिका में प्रकाशित एक शोध में यह दावा किया गया है कि जो लोग अपनी डाइट में कम वसा और अधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं उनमें जल्दी मरने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे लोग वसायुक्त फूड मक्खन और पनीर खाने वाले लोगों से कम जीवन जीते हैं।

शोध में यह पाया गया है कि डाइट में वसा का ज्यादा इस्तेमाल कम वसा के इस्तेमाल के मुकाबले जान के खतरे को को काफी घटा देता है। वहीं दूसरी ओर डाइट में ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल जान जाने के खतरे को बढ़ाने का काम करता है। शोध से जुड़े एक शोधकर्ता बताते हैं कि डाइट में वसा की मात्रा कम करने पर कार्बोहाइड्रेट अपने आप बढ़ जाता है। उन्होंने आगे कहा कि हमने अध्ययन में ऐसा पाया है कि दक्षिणी एशिया की कुछ जनसंख्या अपनी डाइट में कम वसा और अधिक कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल करती है, इसलिए उनकी मृत्यु-दर भी काफी अधिक पाई गई।

शोध में पांच महाद्वीपों के तकरीबन 1,35,000 लोगों को शामिल किया गया था। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग दिन भर में तकरीबन 375-500 ग्राम फल और सब्जियों का सेवन करते हैं उनमें मृत्यु का खतरा काफी कम था। शोधकर्ताओं का कहना है कि पकी हुई सब्जियों के मुकाबले कच्ची सब्जियों में मौत के खतरे को कम करने की क्षमता कुछ ज्यादा होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें पकी हुई सब्जियों की अपेक्षा कच्ची सब्जियों को अपनी डाइट में ज्यादा तरजीह देनी चाहिए।

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