अक्सर हम पेट की छोटी-मोटी गड़बड़ी या मोशन (Stool) में बदलाव को सामान्य इंफेक्शन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग यानी लिवर (Liver), बीमार होने पर सबसे पहले पेट और मल के रास्ते ही संकेत देना शुरू करता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, मल के रंग में अचानक बदलाव होना या मल के साथ लगातार पानी आना केवल सामान्य अपच नहीं, बल्कि लिवर की गंभीर खराबी या ‘लिवर डिजीज’ का शुरुआती अलार्म हो सकता है।

गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल, कानपुर के एमडी एवं डीएम (गैस्ट्रो) डॉ. वी.के. मिश्रा के अनुसार, लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और पोषक तत्वों को संग्रहित करने का काम करता है। इसलिए इसकी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। डॉ. मिश्रा बताते हैं कि स्वस्थ लिवर के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खान-पान और अच्छी जीवनशैली अपनाना अधिक जरूरी है। अपनी डाइट में ऐसे पोषक तत्व शामिल करें जो लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखें और उसे नुकसान से बचाएं। आइए जानते हैं कि लिवर में परेशानी होने पर बॉडी में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं और लिवर को कैसे हेल्दी रखा जा सकता है।

लिवर में परेशानी होने पर मल में दिखने वाले लक्षण

अधिक चिपचिपा मल

बार-बार चिपचिपा मल आना लिवर की खराब कार्यक्षमता और लिवर सिरोसिस का संकेत हो सकता है।

मल में झाग या पानी आना

यह लक्षण एक्यूट लिवर फेलियर जैसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है।

मल का मिट्टी जैसा रंग होना

मल का रंग फीका, मिट्टी जैसा या असामान्य रूप से भूरा दिखना लिवर संबंधी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

रात में नींद से उठकर शौच जाने की इच्छा होना

बार-बार रात में, खासकर 1 से 4 बजे के बीच शौच के लिए उठना लिवर पर बढ़ते दबाव का संकेत माना जाता है।

लिवर को हेल्दी रखने के लिए कैसी डाइट का करें सेवन 

हेल्दी लिवर के लिए रंग-बिरंगे फल और सब्जियां खाएं

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में रंग-बिरंगे फल और सब्जियां जरूर शामिल करें। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन लिवर को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। बेरीज, संतरा, मौसमी, पालक, गोभी, पत्ता गोभी और ब्रोकली जैसे खाद्य पदार्थ लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं। रोजाना विभिन्न रंगों के फल और सब्जियां खाने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं

फाइबर युक्त भोजन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ लिवर की सेहत को भी सपोर्ट करता है। घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके लिए ब्राउन राइस, गेहूं, जौ, ओट्स और विभिन्न दालों का सेवन किया जा सकता है। फाइबर से भरपूर डाइट वजन को कंट्रोल रखने और फैटी लिवर के जोखिम को कम करने में भी मददगार साबित हो सकती है।

नट्स और सीड्स को बनाएं डाइट का हिस्सा

नट्स और सीड्स पोषण से भरपूर होते हैं और इनमें हेल्दी फैट, फाइबर, प्रोटीन तथा एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, अलसी के बीज और कद्दू के बीज जैसे विकल्प लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इनके नियमित और संतुलित सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जो लिवर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

हेल्दी फैट्स का सेवन करें

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए अनहेल्दी और ट्रांस फैट की बजाय हेल्दी फैट्स को चुनना बेहतर होता है। एवोकाडो, जैतून का तेल, नट्स और फैटी फिश जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को हेल्दी फैट देते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। संतुलित मात्रा में हेल्दी फैट्स का सेवन लिवर पर अतिरिक्त दबाव कम करने और उसकी कार्यक्षमता को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

पानी शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ लिवर के कामों को सुचारू रूप से चलाने में भी मदद करता है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर से अपशिष्ट पदार्थ और विषैले तत्व बाहर निकलने की प्रक्रिया बेहतर होती है। इससे किडनी और लिवर दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दिन भर में जरूरत के अनुसार पानी पीने की आदत शरीर को ऊर्जा देने, पाचन सुधारने और लिवर को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। लक्षण दिखने पर किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।