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शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी से होता है डिप्रेशन

डिप्रेशन का कारण केवल लाइफस्टाइल ही नहीं होता है, बल्कि हमारे शरीर में कई तरह के पोषक तत्वों की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार होती है।

प्रतीकात्मक चित्र

आज की प्रतिद्वंदिता भरी जीवनशैली में तनाव एक आम बात है। यह आज की जीवनशैली से उपजा हुआ एक ऐसा रोग है जिससे हर कोई कभी न कभी परेशान रहता ही है। अपने मन के अनुसार काम न होना, किसी प्रतियोगिता में पीछे रह जाना, सबसे आगे निकलने की होड़, प्रेम संबंधों की वजह से आदि कई ऐसे कारण हैं जिनसे डिप्रेशन की समस्या जन्म लेती है। ऐसे में किसी भी काम में मन नहीं लगता। इंसान बिल्कुल ही ऊर्जाहीन महसूस करता है। डिप्रेशन का कारण केवल लाइफस्टाइल ही नहीं होता है, बल्कि हमारे शरीर में कई तरह के पोषक तत्वों की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार होती है। तो चलिए, आज हम आपको बताते हैं कि ऐसे कौन से पोषक तत्व हैं जिनकी कमी आपको डिप्रेशन के गर्त में दकेल सकती है।

1. आयरन की कमी से – शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया रोग होने की संभावना काफी अधिक होती है। ऐसे में जो लक्षण दिखाई देते हैं, वो डिप्रेशन के भी लक्षण होते हैं। इस अवस्था में लोग थकान और चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं। आयरन की कमी की समस्या ज्यादातरक महिलाओं में देखी जाती है।

2. विटामिन डी – सूर्य का प्रकाश विटामिन डी का प्रमुख स्रोत है। इसकी कमी से डिप्रेशन के साथ-साथ ऑटिज्म और डीमेंटिया जैसे रोग भी होने की संभावना काफी प्रबल होती है। जो लोग दिन भर ऑफिस में बैठकर काम करते हैं, ऐसे लोग धूप के संपर्क में कम ही आ पाते हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिल पाता। ऐसे में जरूरत है कि विटामिन डी से भरपूर आहारों का सेवन किया जाए तथा कुछ देर धूप में बैठकर शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा किया जाए।

3. फोलेट – शरीर में फोलेट की कमी होने पर डिप्रेशन की दवाएं भी असर नहीं करती हैं। इसलिए अवसाद के रोगी को दवा देते समय डॉक्टर्स उन्हें फोलेट से भरपूर डेप्लिन नाम की दवा खाने की सलाह देते हैं। शरीर में फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए हरी सब्जियां, सेम तथा विटामिन सी से भरपूर फलों के जूस का सेवन करना चाहिए।

4. मैग्नीशियम- मस्तिष्क के ऊतकों को सही तरीके से काम करने के लिए मैग्नीशियम की जरूरत पड़ती है। शरीर में इसकी कम मात्रा सिरदर्द के साथ साथ अनिद्रा और तनाव की समस्याओं को भी जन्म देती है।

5. आयोडीन की कमी – आयोडीन की कमी से थायरॉइड की फंक्शनिंग में परेशानियां शुरू हो जाती हैं। जिसकी वजह से शरीर के कई अन्य अंगों पर भी बुरा असर पड़ता है। यह हमारे शरीर के तापमान, प्रतिरक्षा तंत्र और दिमागी तंत्र पर बुरा प्रभाव डालता है। आयोडीन की कमी से मानसिक स्वास्थ्य काफी प्रभावित होता है। आयोडीन युक्त आहारों के सेवन से इन समस्याओं से निजात पाया जा सकता है।

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