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वजन बढ़ने के डर से बहुत कम खाने की बीमारी है एनोरेक्सिया, जानें क्या हैं इसके लक्षण

एनोरेक्सिया एक ईटिंग डिसऑर्डर है, जिसमें रोगी अपने वजन को बढ़ने को लेकर काफी चिंतित रहता है और इस चिंता की वजह से भोजन करना कम कर देता है।

प्रतीकात्मक चित्र

एनोरेक्सिया एक ईटिंग डिसऑर्डर है, जिसमें रोगी अपने वजन को बढ़ने को लेकर काफी चिंतित रहता है और इस चिंता की वजह से भोजन करना कम कर देता है। एनोरेक्सिया से पीड़ित व्यक्ति बहुत अधिक मात्रा में एक्सरसाइज करता है और अत्यधिक डाइटिंग की वजह से अंदर से बहुत कमजोर होता रहता है। एक शोध में बताया गया है कि जो बच्चे एनोरेक्सिया के शिकार होते हैं वो एक हफ्ते में ही अपना 25 किलो तक का वजन कम कर लेते हैं। एनोरेक्सिया से पीड़ित लोगों में कुछ लक्षण दिखाई पड़ते हैं जिन्हें पहचानकर उनका इलाज किया जा सकता है। अगर आपका वजन तेजी से कम हो रहा हो और दांत पीले नजर आ रहे हों तो आप भी एनोरेक्सिया से पीड़ित हो सकते हैं। इसके अलावा भी कुछ लक्षण हैं जो एनोरेक्सिया की ओर संकेत करते हैं।

एनोरेक्सिया के लक्षण

1. एनोरेक्सिया डिसऑर्डर से पीड़ित रोगी खाने से बहुत दूर भागता है। ऐसे में वह भूख लगने पर भी खाना खाने से इंकार कर देता है। वजन बढ़ने का डर उस पर इस कदर हावी होता है कि अगर वह खाना खा ले तो तुरंत वाशरूम जाकर या तो उल्टी कर देता है या फिर मल के रूप में बाहर निकाल देता है।

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2. एनोरेक्सिया से पीड़ित लोग अकेले रहना पसंद करने लगते हैं। ऐसे लोग समाज से कटना शुरू कर देते हैं और अपने परिवार, दोस्तों आदि से दूर रहने लगते हैं। इसके अलावा वह अपने वजन को लेकर काफी परेशान रहते हैं और पतले होने पर भी खुद को ओवरवेट समझते हैं।

3. एनोरेक्सिया से पीड़ित व्यक्ति के खाने की आदतों में अचानक बदलाव दिखाई पड़ने लगता है। वह कुछ विशेष प्रकार के फूड्स पर ज्यादा जोर देने लगते हैं। इसके अलावा भी उनकी आदतों में कई तरह के बदलाव दिखाई देने लगते हैं।

4. एनोरेक्सिया से पीड़ित महिलाओं के पीरियड्स में भी काफी बदलाव देखने को मिलता है। ऐसा होने पर महिलाओं में तीन या अधिक बार पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत होती है।

5. एनोरेक्सिया से पीड़ित रोगी को हमेशा थकावट महसूस होती है। नियमित आहार न लेने की वजह से उनके नाखून और चेहरे पर पीलापन आ जाता है। शरीर में पोषक तत्वों में कमी की वजह से बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। ऐसे में रोगी में निराशा और आत्मविश्वास में कमी के लक्षण दिखाई देते हैं।


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