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हार्ट स्ट्रोक की ओर संकेत करते हैं ये 5 लक्षण, समय रहते इलाज न होने पर घातक हो सकता है रोग

अनियमित जीवनशैली , तनाव और चिंता आदि के चलते दुनिया भर में हार्ट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

प्रतीकात्मक चित्र

अनियमित जीवनशैली , तनाव और चिंता आदि के चलते दुनिया भर में हार्ट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हार्ट स्ट्रोक्स के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि मरीज को ज्यादातर बार यह समझ ही नहीं आता कि वह स्ट्रोक्स के लक्षण हैं या नहीं। हार्ट स्ट्रोक में शरीर कई तरह के लक्षण प्रदर्शित करता है। इसे जल्द से जल्द समझ लेना बेहतर होता है। नहीं तो यह घातक भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि वे लक्षण कौन-कौन से हैं।

शरीर सुन्न हो जाता है – कभी-कभी आपको महसूस होता है कि आपका शरीर सुन्न हो गया है और शरीर में बिल्कुल ऊर्जा नहीं बाकी है। ऐसे में आप मदद के लिए भी खुद आगे नहीं बढ़ पाते हैं। आप अपने शरीर के किसी एक हिस्से को महसूस नहीं कर पाते हैं। यह हार्ट स्ट्रोक के सबसे आम लक्षणों में से एक है। आम तौर पर मस्तिष्क के एक हिस्से में ब्लीडिंग होने के कारण दूसरा हिस्सा सुन्न हो जाता है।

चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा हो जाता है – जब मस्तिष्क का एक हिस्सा प्रभावित हो जाता है, तो यह हमारे चेहरे पर दिखता है। इसके कारण आपके चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होने लगता है। यह आपके चेहरे के भावों को भी प्रभावित करता है। स्ट्रोक के कारण मुंह या आँखें अक्सर प्रभावित होती हैं।

सीने में दर्द उठता है – सीने में गंभीर दर्द होना स्ट्रोक का एक सामान्य संकेत है। लोग इसे अक्सर गैस का दर्द समझ कर टाल देते हैं लेकिन इस पर गौर करने की जरुरत है। जब तक आप किसी डॉक्टर के जरिए इसकी पुष्टि ना कर लें तब तक कोई निर्णय नहीं बनाना चाहिए।

जुबान का हकलाने लगी है – अक्सर हार्ट स्ट्रोक के दौरान हमारी जुबान भी प्रभावित होती है क्योंकि यह मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित होती है। हम या तो हकलाने लगते हैं या बात नहीं कर पाते। स्ट्रोक के दौरान स्पीच मसल्स पैरालाइज हो जाती हैं और आप बहुत कोशिश करने पर भी बोल नहीं पाते।

धुँधला दिखाई देने लगता है – हमारे शरीर के सारे अंग दिमाग द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। अगर दिमाग सही तरीके से काम नहीं करता है तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखता है। स्ट्रोक के दौरान आपकी आँखों की रोशनी भी प्रभावित होती है और आपको धुँधला दिखाई देना शुरु हो जाता है। गंभीर स्थिति में हो सकता है कि आप कुछ देख ही ना पाएं। दिमाग से सूचना ले जाने वाली नर्व के डैमेज हो जाने के कारण ऐसा होता है।

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