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बाहर से ज्यादा विषैली हैं कमरे की हवाएं, इन नेचुरल एयर प्योरिफायर्स से कम होगा प्रदूषण, जानें कैसे

डॉक्टर्स का कहना है कि विषैली हवाओं में सांस लेने से खुजली, खांसी, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी समस्या भी हो सकती है।

हाउसप्लांट्स यानी कि घर में लगाए गए पौधे कमरे के अंदर हवाओं को शुद्ध तथा ताजा रखने में मदद करते हैं।

दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में प्रदूषण अपने उच्चतम स्तर पर है। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुहाल है। डॉक्टर्स और अन्य विशेषज्ञ लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपके घर में मौजूद हवा बाहर की हवा से 2 या 5 गुना ज्यादा प्रदूषित होती है? यह तथ्य डरावना तो है लेकिन सही है। हम अपनी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए हजार उपाय करते हैं लेकिन इस बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते कि हमारे घर के अंदर की हवा सेहत के लिए सही है या नहीं जिसे हम सांस के माध्यम से 24 घंटे अपने अंदर खींचते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि विषैली हवाओं में सांस लेने से खुजली, खांसी, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी समस्या भी हो सकती है।

ऐसे में अगर हमें बाहर निकलने की मनाही है और हमें ज्यादा वक्त घरों में ही रहना है तो अपने घर की हवाओं को स्वच्छ और सांस लेने योग्य बनाने पर विचार करना चाहिए। इसके लिए हम प्राकृतिक तरीकों का सहारा लें तो ज्यादा बेहतर होता है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप घर पर ही कैसे प्राकृतिक एयर प्योरिफायर बना सकते हैं।

कमरे को हवादार बनाएं – कमरों की हवा में जो सबसे खराब चीज होती है वह है नमी। इसलिए सबसे पहले कमरे की नमी के स्तर को कम कीजिए। इसके लिए खिड़की खोलकर और प्रदूषित हवाओं को अंदर घुसाने की कोशिश मत कीजिए। बल्कि कमरे की नम हवाओं को बाहर करने के लिए एग्ज़्हौस्ट फैन का सहारा लीजिए।

बीज़्वैक्स मोमबत्ती का करें इस्तेमाल – मधुमोमबत्ती यानी कि बीज्वैक्स कैंडल एक प्राकृतिक एयर प्योरिफायर की तरह काम करती है। अगर आप अपने घर में सेंटेड यानी कि खुश्बूदार मोमबत्तियों का प्रयोग करते हैं तो यह आपके कमरे की हवाओं को नुकसानदेह बनाता है। बीज्वैक्स मोमबत्ती हवाओं में घुले टॉक्सिक कंपाउंड्स को न्यूट्रल करने में मदद करता है। साथ ही यह बहुत धीरे धीरे जलता है, इसलिए बार-बार बदलने की जरूरत नहीं होती।

साल्ट लैंप का प्रयोग – साल्ट लैंप सफेद-गुलाबी सेंधा नमक से बनाया जाता है। यह बिजली से चलता है और आजकल लोगों द्वारा खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी खासियत होती है कि यह वातावरण से विषैले तत्वों को प्रभावहीन कर देता है। यह नींद वाले हार्मोन्स को प्रभावित भी नहीं करता इसलिए आप इसे रातभर जलाकर आराम से सो भी सकते हैं। इसकी एक और खासियत ये है कि यह जब बंद हो तब भी अपना काम करता रहता है।

एक्टिवेटेड चारकोल – एक्टिवेटेड चारकोल भी एक प्राकृतिक प्योरिफायर की तरह काम करता है। यह हवा में से विषैले तत्वों को बाहर करने का काम करता है।

हाउस प्लांट्स – नासा द्वारा करवाए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि हाउसप्लांट्स यानी कि घर में लगाए गए पौधे कमरे के अंदर हवाओं को शुद्ध तथा ताजा रखने में मदद करते हैं। यह घरों के अंदर की हवाओं से प्रदूषण दूर करने का सबसे बेहतरीन उपाय है। इसके लिए घरों में ऐसे पौधे लगाए जाते हैं जिन्हें बहुत अधिक सूरज की रोशनी की जरूरत नहीं पड़ती।

इसेंसियल ऑयल – घरों में दालचीनी, अजवायन की पत्ती, दौनी, अजवायन के फूल, लौंग, टी ट्री ऑयल्स की मौजूदगी वजह से वायरस, फंगी, बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। यह हवा से फैलने वाले बैक्टीरिया को मारने में सक्षम होते हैं। आप इन्हें साबुन और डिटर्जेंट्स में भी मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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