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शाकाहारियों के लिए प्रोटीन के सबसे बेहतरीन स्रोत होते हैं ये पांच फूड्स

ऐसा माना जाता है कि शाकाहारियों के पास प्रोटीन के ज्यादा विकल्प नहीं होते। लेकिन यह सच नहीं है।

प्रतीकात्मक चित्र

शरीर में मसल्स बढ़ाने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। ऐसा माना जाता है कि शाकाहारियों के पास प्रोटीन के ज्यादा विकल्प नहीं होते। लेकिन यह सच नहीं है। ऐसे कई शाकाहारी फूड्स हैं जिनमें नॉन-वेज से ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। ऐसे में शाकाहारी लोगों को चिंतित होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आज हम कुछ ऐसे ही वेज फूड्स के बारे में बात करने वाले हैं जो प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत होते हैं। इस मामले में यह अंडे, चिकन,मीट आदि नॉन-वेज फूड्स से किसी भी मामले में कम नहीं हैं। तो आइए जानते हैं कि वे फूड्स कौन-कौन हैं।

मसूर की दाल – एक कप पके हुए मसूर की दाल में तकरीबन 18 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। सूप और दाल में इस्तेमाल किया जाने वाला मसूर आपके शरीर के लिए फाइबर की दैनिक जरूरत के 50 प्रतिशत हिस्से की आपूर्ति करता है। फाइबर पेट और पाचन को दुरुस्त रखने के लिए मददगार होता है।

नट्स- शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति बढ़ानी है तो नट्स और बटर खाना शुरू कर दें। एक औंस नट्स में तकरीबन 7 ग्राम प्रोटीन होता है। आप हर रोज एक मुट्ठी बादाम, मूंगफली या काजू आदि का सेवन कर सकते हैं। यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करने का काम करता है।

चीया के बीज – शाकाहारियों के लिए चीया के बीज प्रोटीन के बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। 35 ग्राम चीया के बीज में 13 ग्राम फाइबर और 6 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा ये आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड्स से भरपूर होते हैं।

चौलाई और क्विनोवा – चौलाई यानी कि एमरैंथ का इस्तेमाल दुनिया भर में सब्जी और अनाज के रूप में किया जाता है। क्विनोओ भी एक तरह का अनाज है। ये दोनों प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत होते हैं। एक कप एमरैंथ यानी चौलाई और क्विनोआ में 9 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। प्रोटीन के अलावा इनमें फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स काफी मात्रा में पाए जाते हैं।

टोफू और टेंपे – ये दोनों सोयाबीन से बनाए जाते हैं और प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत होते हैं। टोफू को बीन दही से पनीर की तरह बनाया जाता है जबकि टेम्पे को मैच्योर्ड सोयाबीन से तैयार किया जाता है। टोफू के पास अपना कोई टेस्ट नहीं होता। ऐसे में इसे बनाने में जिन सामग्रियों का इस्तेमाल होता है उन्हीं के स्वाद में ढल जाता है। 100 ग्राम टोफू या टेम्पे में तकरीबन 10-20 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।


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