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बरसात में बीमारियों को दावत है इन 4 फूड्स का सेवन करना, जानें क्यों

बरसात केवल गर्मी से राहत लेकर नहीं आता बल्कि ढेर सारी बीमारियां भी लेकर आता है। ऐसे में साफ-सफाई के अलावा अपने खान-पान पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

प्रतीकात्मक चित्र

भयंकर गर्मी के बाद आने वाला मॉनसून हमारे लिए काफी राहत तो लेकर आता है लेकिन ऐसे मौसम में आपको सतर्क रहने की भी जरूरत होती है। बरसात केवल गर्मी से राहत लेकर नहीं आता बल्कि ढेर सारी बीमारियां भी लेकर आता है। ऐसे में साफ-सफाई के अलावा अपने खान-पान पर भी ध्यान देने की जरूरत है।बरसात के मौसम में हवा में काफी नमी रहती है। ऐसे में रोगजनक कीटाणुओं से बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में कुछ ऐसे फूड्स हैं जिनसे परहेज करना चाहिए। आइए, जानते हैं कि वे फूड्स कौन-कौन से हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां – सेहतमंद रहने के लिए अक्सर हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन की सलाह दी जाती है। लेकिन मानसून में आपको इनसे परहेज करना चाहिए। दरअसल, ऐसी सब्जियों की पत्तियों पर कीट चिपके होते हैं। जो सेहत के लिए सही नहीं होते। ऐसे में बरसात के मौसम में पत्तागोभी, पालक, फूलगोभी से परहेज करना ही बेहतर होता है।

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ताजे फलों के जूस – बरसात के नम वातावरण में रखी हर चीज को खाने से परहेज करना चाहिए। इसमें सड़कों के किनारे मिलने वाले फल और फलों के जूस भी शामिल हैं। फलों के जूस पीना यूं तो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। लेकिन बरसात के मौसम में खुले नम वातावरण में रखे जूस जर्म्स से भरपूर होते हैं। ऐसे में बेहतर यही है कि आप घर पर फलों का जूस निकालकर पिएं।

सी-फूड्स – मानसून मछली और झींगा आदि का प्रजननकाल होता है। ऐसे में इस दौरान इनसे परहेज करना बेहतर होता है। इसके बदले बरसात में आप चिकन, मटन या अन्य नॉन-वेजिटेरियन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। अगर आपको फिर भी सी-फूड्स खाने का मन है तो इस बात का ख्याल रखें कि वह एकदम ताजा हो और अच्छी तरह से पका हो।

तली-भुनी चीजें – मानसून के मौसम में हमारी पाचन शक्ति काफी कमजोर हो जाती है। ऐसे में तली-भुनी चीजें खाने से गैस संबंधी विकार या पेट की समस्या होने की संभावना होती है। इसके अलावा ज्यादा नमक वाली चीजें खाने से शरीर में पानी की कमी का भी खतरा होता है।

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