खराब लाइफस्टाइल, घंटों बैठकर काम करने की आदत और फिजिकल एक्टिविटी में कमी की वजह से आजकल कम उम्र में ही लोग पैरों और घुटनों के दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं दुनियाभर में लगभग 25% लोग अपनी जिंदगी में कभी न कभी इस परेशानी का सामना जरूर करते हैं। अक्सर लोग इसे बढ़ती उम्र या सामान्य जॉइंट प्रॉब्लम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर की बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। पहले जहां यह समस्या बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी मानी जाती थी, वहीं अब 25-35 साल के युवाओं में भी यह तेजी से देखने को मिल रही है। घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए ज्यादातर लोग पेनकिलर का सहारा लेते हैं। हालांकि ये दवाएं कुछ समय के लिए दर्द को दबा देती हैं, लेकिन समस्या की जड़ को खत्म नहीं कर पातीं। लंबे समय तक पेनकिलर का इस्तेमाल सेहत पर नकारात्मक असर भी डाल सकता है।
प्रसिद्ध योग गुरु Hansaji Yogendra, जो The Yoga Institute की डायरेक्टर हैं, का मानना है कि दवाओं से पहले योग और सही लाइफस्टाइल अपनाकर जोड़ों की सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक नियमित योग अभ्यास से न केवल घुटनों के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और बैलेंस भी बेहतर होता है, जिससे दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है। योगा एक्सपर्ट के अनुसार, कुछ आसान योगासन न केवल दर्द कम करते हैं बल्कि जोड़ों के लचीलेपन को भी बढ़ाते हैं। आइए जानते हैं कि योगासन कैसे जोड़ों और घुटनों के दर्द से राहत दिलाते हैं। घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए कौन से योगासन मददगार साबित हो सकते हैं।
कौन से योगासन घुटनों के दर्द से दिला सकते हैं राहत
घुटनों का दर्द केवल जॉइंट की समस्या नहीं होता, बल्कि यह कमजोर थाई और हिप मसल्स, जॉइंट्स की कमजोरी और खराब ब्लड सर्कुलेशन का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में योगासन मसल्स को स्ट्रेंथ देने और जॉइंट्स को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक घुटनों के दर्द की वजह लम्बे समय तक बैठे रहना और स्टिफनेस भी हो सकता है। दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय कुछ आसान और सुरक्षित योगा एक्सरसाइज को अपनाकर आप इस दर्द से राहत पा सकते है। सही तरीके से किया गया योग जॉइंट्स की मूवमेंट को बेहतर बनाता है और मसल्स को मजबूत करता है।
घुटनों की मूवमेंट के लिए एक्सरसाइज
सबसे पहले दोनों पैरों को साथ रखकर घुटनों को हल्का मोड़ें और हाथ घुटनों के ऊपर रखें। इसके बाद घुटनों को क्लाकवाइज और एंटीक्लाकवाइज दिशा में धीरे-धीरे घुमाएं। साथ ही घुटनों को मोड़ने और सीधा करने की एक्सरसाइज भी करें, जिससे जॉइंट्स एक्टिव रहते हैं।
थाई और टो स्ट्रेंथनिंग
थाई को उठाकर हाथ से पकड़ें और पैरों की उंगलियों (टो) से सर्कुलर मूवमेंट करें। यह एक्सरसाइज मसल्स को मजबूत करने और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने में मदद करती है। इसे दोनों पैरों से बारी-बारी से करना चाहिए।
हील-टू-हिप स्ट्रेच का फायदा
हील-टू-हिप स्ट्रेच में एड़ी को हिप की ओर उठाकर कुछ सेकंड तक होल्ड किया जाता है। इससे जांघों और घुटनों के आसपास की मांसपेशियां लचीली बनती हैं और दर्द में राहत मिलती है। नियमित रूप से इस एक्सरसाइज को करने से मसल्स की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और जकड़न कम होती है, जो घुटनों के दर्द का एक बड़ा कारण होती है। इसके अलावा, यह स्ट्रेच ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में भी मदद करती है, जिससे मांसपेशियों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही तरीके से पहुंचते हैं। अगर आप लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या आपकी लाइफस्टाइल ज्यादा एक्टिव नहीं है, तो यह एक्सरसाइज आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो
फ्लोर एक्सरसाइज क्यों जरूरी
फ्लोर पर बैठकर किए जाने वाले अभ्यास जैसे पैरों को सीधा रखकर थाई को टाइट और रिलैक्स करना, और बारी-बारी से घुटनों को मोड़कर सीधा करना बेहद फायदेमंद होता है। इससे मसल्स एक्टिव रहती हैं और जॉइंट्स मजबूत होते हैं। ये एक्सरसाइज सीधे मसल्स और जॉइंट्स पर काम करती हैं। जब आप जमीन पर बैठकर पैरों को सीधा रखते हैं और थाई मसल्स को टाइट करके फिर रिलैक्स करते हैं, तो इससे मसल्स एक्टिव होती हैं और उनकी ताकत धीरे-धीरे बढ़ती है। यह प्रक्रिया घुटनों को स्थिरता देने में मदद करती है। इसके अलावा, बारी-बारी से घुटनों को मोड़ना और सीधा करना जॉइंट्स की मूवमेंट को बेहतर बनाता है और जॉइंट्स में जमा जकड़न को कम करता है। यह एक्सरसाइज खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें लंबे समय तक बैठने या कम एक्टिव रहने की वजह से घुटनों में जामपन महसूस होता है। नियमित अभ्यास से न केवल दर्द में राहत मिलती है, बल्कि भविष्य में होने वाली घुटनों की समस्याओं से भी बचाव होता है।
ये आदतें बदलें, घुटनों के दर्द से मिलेगा आराम
- घुटनों के दर्द को नजरअंदाज न करें। लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठने से बचें और हर 30-40 मिनट में हल्की मूवमेंट जरूर करें। यह आदत जॉइंट्स को जाम होने से बचाती है।
- वजन और फुटवेयर का ध्यान रखें। हेल्दी बॉडी वेट बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि ज्यादा वजन घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। साथ ही ऐसे फुटवियर पहनें जो सही अलाइनमेंट और कुशनिंग दें, ताकि घुटनों पर स्ट्रेस कम पड़े।
- योग करने का सही तरीका ही घुटनों के दर्द से राहत दिला सकता है। योग एक्सपर्ट्स का कहना है कि घुटनों के दर्द में राहत ज्यादा एक्सरसाइज करने से नहीं, बल्कि सही तरीके से करने से मिलती है। इसलिए जल्दबाजी या जबरदस्ती करने के बजाय जागरूकता के साथ अभ्यास करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ हंसाजी योगेंद्र के सुझावों पर आधारित है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है, इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में न लें। हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी नए व्यायाम या योग अभ्यास को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित योग प्रशिक्षक से परामर्श जरूर करें। यदि आपको घुटने में गंभीर चोट या हाल ही में कोई सर्जरी हुई है, तो बिना डॉक्टरी सलाह के इन अभ्यासों को न दोहराएं।
