शरीर में यूरिक एसिड की बढ़ी हुई मात्रा न केवल हड्डियों के जोड़ों में गंभीर दर्द पैदा करती है, बल्कि यह गाउट (Gout) और जोड़ों में दर्दनाक सूजन का कारण भी बन सकती है। जब दवाइयों के साथ-साथ सही खान-पान की बात आती है, तो पोषक तत्वों से भरपूर ‘कीवी’ (Kiwi Fruit) को एक बेहतरीन विकल्प माना गया है। विटामिन-सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर कीवी शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और यूरिक एसिड के स्तर को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करने में मददगार हो सकती है। हालांकि, किसी भी फल या आहार को मेडिकल इलाज का पूर्ण विकल्प नहीं माना जा सकता लेकिन फिर भी कुछ देसी चीजें इलाज में मददगार साबित हो सकती हैं।

भारतीय योग गुरु, लेखिका, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉ. हंसा योगेंद्र के अनुसार, विटामिन C से भरपूर फलों को नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है। कीवी भी एक ऐसा फल है जो विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। डॉ. योगेंद्र बताती हैं कि संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ कीवी का सेवन शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकता है। आपको बता दें कि शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट (Gout) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संतुलित आहार यूरिक एसिड को कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड को कंट्रोल रखने में कीवी किस तरह मददगार हो सकता है।

रिसर्च से जानिए कीवी कैसे यूरिक एसिड कंट्रोल करती है?

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने और गाउट के खतरे को कम करने में कीवी बेहद मददगार साबित हो सकती है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि कीवी में मौजूद खास पोषक तत्व शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने का काम करते हैं। रिसर्च के मुताबिक विटामिन सी यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है। न्यूजीलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (2023) और दूसरे क्लीनिकल ट्रायल्स के अनुसार विटामिन C किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाता है, जिससे वे खून में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड को छानकर पेशाब (Urine) के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देता हैं। एक नॉर्मल कीवी में लगभग 70 से 80 मिलीग्राम विटामिन C होता है, जो किसी वयस्क की दैनिक जरूरत को लगभग पूरा कर देता है। यह यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स को जोड़ों में जमा होने से रोकता है।

कीवी में मौजूद पोटैशियम शरीर के पीएच (pH) स्तर को संतुलित करके यूरिन को थोड़ा क्षारीय (alkaline) बनाता है। यूरिन के अल्कलाइन होने से यूरिक एसिड आसानी से उसमें घुल जाता है और गाउट के पत्थरों या क्रिस्टल्स का रूप नहीं ले पाता। PubMed में प्रकाशित एक रैंडमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल (RCT) के तहत जब लोगों को 7 हफ्तों तक रोजाना दो कीवी खिलाए गए, तो शोधकर्ताओं ने पाया कि इसके सेवन से यूरिक एसिड या ट्राइग्लिसराइड्स में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। कीवी का लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स और सीमित फ्रुक्टोज इसे यूरिक एसिड के मरीजों के लिए एक सुरक्षित फल बनाता है। डॉक्टरों के मुताबिक यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने के लिए रोजाना 1 से 2 ताजे कीवी खाना सबसे बेहतर माना जाता है।

यूरिक एसिड बढ़ा है तो खानपान में करें ये बदलाव

  1. डॉ. हंसा योगेंद्र के अनुसार अगर आपके यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा हुआ है, तो केवल दवा ही नहीं बल्कि सही खानपान अपना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना और कुछ हेल्दी विकल्पों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
  2. प्यूरीन से भरपूर फूड्स का कम सेवन करें। रेड मीट, ऑर्गन मीट जैसे लीवर, कुछ प्रकार की मछलियां और सी-फूड शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित करें।
  3. उच्च प्यूरीन वाले कुछ शाकाहारी खाद्य पदार्थ जैसे मशरूम, पालक, फूलगोभी और कुछ दालों का सेवन संतुलित मात्रा में करें। इन्हें पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
  4. कम प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। ताजे फल, अधिकांश सब्जियां, साबुत अनाज और लो-फैट दूध व दही जैसे डेयरी उत्पाद बेहतर विकल्प माने जाते हैं।
  5. विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल, जैसे कीवी, चेरी और जामुन, संतुलित आहार का हिस्सा बनाएं। ये शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल रखने में मददगार हो सकते हैं।
  6. यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी जरूरी पिएं। पर्याप्त पानी का सेवन शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड बाहर निकालने में मदद करता है।

डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है। यूरिक एसिड या जोड़ों में गंभीर दर्द (गाउट) एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर किसी भी घरेलू उपाय, फल या डाइट चार्ट को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श और जांच ज़रूर करवाएं।